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कैंसर की जांच और इलाज के लिए उत्‍तर प्रदेश में जबरदस्‍त पहल

-कैंसर की पहचान के लिए जांच मशीनों से सुसज्जित मोबाइल वैन राज्‍य के विभिन्‍न क्षेत्रों में करेगी भ्रमण

-उप मुख्‍यमंत्री की उपस्थिति में लोहिया संस्‍थान और पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन के बीच एमओयू पर हस्‍ताक्षर

-ब्रजेश पाठक ने की चिकित्‍सकों से अपील, करुणाभाव से सेवा करें मरीजों की

सेहत टाइम्‍स
लखनऊ।
डा0 राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान एवं पावर फाइनेन्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड, नई दिल्ली के मध्य सी0एस0आर0 के अन्तर्गत कैंसर डिडक्शन एवं अवेयरनेस मोबाइल वैन के लिए एम0ओ0ए0 पर उप-मुख्यमंत्री व़ मंत्री चिकित्सा शिक्षा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, परिवार कल्याण तथा मातृ एवं शिशु कल्याण ब्रजेश पाठक की उपस्थिति में हस्ताक्षर किये गये। इसके अतिरिक्‍त साथ ही उपमुख्‍यमंत्री द्वारा संस्थान के पुनर्निमित ऑर्थोपेडिक्स इमरजेन्सी का उद्घाटन, अन्तर्विभागीय रेफरल के लिए विकसित एंड्रारॉयड एपलिकेशन का प्रमोचन एवं एकेडिमिक कैलेण्डर का विमोचन किया गया।

लगभग 3.5 करोड़ रूपये की यह वैन, डिजिटल मैमोग्राफी मशीन, कोल्पोस्कोपी उपकरण, डिजिटल एक्स-रे मशीन आदि जैसे नवीनतम उपकरणों से लैस होगी और इलाज की लागत में भारी कमी लाएगी और इलाज का मौका भी देगी। वैन यूपी के विभिन्न क्षेत्रों में जाएगी, जो विभिन्न कैंसर का जल्द पता लगाने और कैंसर की रोकथाम के बारे में शिक्षा और जागरूकता ई0वी0ए0एम0 लोगों की स्क्रीनिंग के लिए जाएगी। यह सुविधा यूपी राज्य में अपनी तरह की पहली होगी।’’


मुख्य अतिथि के रूप में सम्‍बोधित करते हुए ब्रजेश पाठक ने चिकित्सकों से अपील की है कि मरीजों की करुणाभाव से सेवा करें। सरकार के सभी महकमे अच्छा कार्य कर रहें हैं, परन्तु विगत दो वर्षों में आई महामारी के दृष्टिगत स्वास्थ्य विभाग को और भी उत्कृष्ट कार्य करने की आवश्यकता है। स्वास्थ्य सेवा से जुडे सभी चिकित्सकों, कर्मचारियों को पूर्ण निष्ठा एवं ईमानदारी से कार्य करना होगा और कोशिश यही की जाये कि संस्थान में आये प्रत्येक मरीज को इलाज मिले और वह यहां से संतुष्ट होकर जाये।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि लोगों द्वारा घरों में जरूरत से ज्यादा दवाइयों का भण्डरण किया जाता है या फिर किसी कारणवश दवाइयों का उपयोग नहीं किया जाता है ऐसी दवाइयों को लोगों द्वारा संस्थान को वापस कर किसी जरूरतमंद के प्रयोग में लिया जाये।


ब्रजेश पाठक द्वारा संस्थान के संकाय सदस्यों के साथ स्वास्थ्य सेवाओं से सम्बन्धित अपने दृष्टिकोण को साझा किया एवं संकाय सदस्यों के साथ विचारों का आदान-प्रदान किया। कार्यक्रम का संचालन डा0 सुजीत राय द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में संसदीय कार्य, चिकित्सा शिक्षा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, परिवार कल्याण तथा मातृ एवं शिशु कल्याण राज्य मंत्री मंयकेश्वर शरण सिंह, संस्थान की निदेशक प्रो0 सोनिया नित्यानन्द, पावर फाइनेन्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड, नई दिल्ली के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक रविन्दर सिंह ढिल्लों, रक्षा मंत्री के सांसद प्रतिनिधि दिवाकर त्रिपाठी, कार्यकारी निदेशक मनोज शर्मा, कार्यकारी निदेशक (सी0एस0आर0, एस0डी0 एवं पी0आर0) पावर फाइनेन्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड रिजवानूर रेहमान, डीन, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, चिकिसा अधीक्षक, संकाय सदस्य, अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।


संस्थान की निदेशक प्रो0 सोनिया नित्यानन्द द्वारा स्वागत भाषण एवं कार्यक्रम का संक्षिप्त विवरण दिया। उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि ’’पावर फाइनेन्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड और डा0 राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के बीच सी0एस0आर0 के तहत एम0ओ0ए0 हस्ताक्षर किया गया है। जहाँ पावर फाइनेन्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा डा0 राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान को एक मोबाइल कैंसर स्क्रीनिंग वैन दी जा रही है। जैसाकि हम जानते हैं कि अगर जल्दी पता चल जाए तो कई कैंसर रोके जा सकते हैं और उनका इलाज किया जा सकता है। हमें यह बतातें हुए गर्व हो रहा है कि संस्थान में कैंसर के इलाज का एक प्रमुख केन्द्र है। सर्जिकल, मेडिकल और रेडिएशन ऑन्कोलाजी विभागों द्वारा उन्नत कैंसर उपचार की पेशकश की जाती है, और कई अन्य विभाग जैसे प्रसूति और स्त्री रोग, ई0एन0टी0, गैस्ट्रोसर्जरी, यूरोसर्जरी, एंडोक्राइन सर्जरी, न्यूरोसर्जरी, जनरल सर्जरी कैंसर के उपचार में लगे हुए हैं। हर महीने, रेडियोलाजी विभाग स्तन कैंसर के लिए लगभग 200 डिजिटल मैमोग्राफी करता है, विकिरण ऑन्कोलाजी विभाग लगभग 3000 रेडियोथेरेपी देता है, 1200 कीमोथेरेपी दी जाती है, 250 कैंसर सर्जरी की जाती है और कैंसर निदान के लिए पैथोलाजी विभाग में लगभग 5000 नमूने प्राप्त होते हैं। इसी को देखते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डा0 राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान को एक कैंसर स्क्रीनिंग वैन के लिए पावर फाइनेन्स कॉपोरेशन द्वारा सी0एस0आर0 फंडिंग के प्रस्ताव की पहल की है।
उन्होंने संस्थान की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुये बताया कि संस्थान को इस वर्ष एनएमसी द्वारा 45 अतिरिक्‍त पी0जी0 सीटें प्रदान की गई हैं। जो संस्थान को चिकित्सा शिक्षा और रोगी सेवाओं में नई ऊंचाइयों पर लेकर जाएगा।


संस्थान द्वारा सर्वाइकल कैंसर के टीके की पहल का कार्यक्रम शुरू कर दिया गया है, जो सर्वाइकल कैंसर को रोकने में 90 प्रतिशत से अधिक प्रभावी है। फरवरी 2022 में यूपी के माननीय राज्यपाल द्वारा कार्यक्रम को हरी झड़ी दिखाकर रवाना किया गया और राजभवन में आयोजित पहले शिविर में 200 किशोरियों का निःशुल्क टीकाकारण किया गया। अब वैन से हम लडकियों के टीकाकरण और सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए दूर-दूर तक जा सकेंगे। संस्थान द्वारा आर्थोपेडिक्स इमरजेन्सी को पुनर्निमित कर इसे व्यवस्थित और आधुनिक बनाने की कोशिश की गई है। डा0 राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, यू0जी0 और पी0जी0 शिक्षण कार्यक्रमों वाला एक शिक्षण संस्थान है।

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