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केजीएमयू नेत्र बैंक ने पांच माह में किये 110 कार्निया प्रत्यारोपण

लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्व विद्यालय केजीएमयू स्थित नेत्र बैंक ने पांच माह में सौ से ज्यादा कार्निया प्रत्यारोपण करने में सफलता प्राप्त की है। अपनी सफलता से उत्साहित नेत्र बैंक के संचालकों का मानना है कि यही गति रही तो हम शीघ्र ही सभी जरूरतमंद को कार्निया उपलब्ध कराने में सफल रहेंगे, इस सम्बन्ध में सभी से नेत्र दान के प्रति लोगों को जागरूक करने की अपील की गयी है।
केजीएमयू के ब्राउन हॉल में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में कुलपति प्रो. एमएलबी भट्ट के साथ ही कार्यवाहक विभागाध्यक्ष, नेत्र विभाग डॉ अपजितकौर, आई बैंक प्रभारी प्रो अरुन शर्मा, सीतापुर नेत्र चिकित्सालय की मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ मधु भदौरिया, मीडिया सेल प्रभारी डॉ नर सिंह वर्मा सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
पत्रकार वार्ता मेंं बताया गया कि 5 दिसम्बर 2016 को राज्यपाल राम नाईक ने नेत्र बैंक का उद्घाटन किया था। इस साल जनवरी से अब तक 110 कार्निया का प्रत्यारोपण किया जा चुका है। नेत्र दान करने के लिए लोगों को जागरूक करने में पत्रकारों से अपील करते हुए बताया गया कि 1919 टोल फ्री नम्बर पर सूचना देने पर आई बैंक के चिकित्सकों की टीम मृतक की कार्निया निकालने पहुंच जाती है। इसके लिए आवश्यक यह है कि मृतक के घरवालों की सहमति हो तथा जिसकी कार्निया ली जा रही है उसे कोई गंभीर बीमारी न रही हो।
कुलपति ने कहा कि वे आई बैंक की उपलब्धियों के प्रति काफी उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि केजीएमयू आई बैंक द्वारा वर्ष के प्रथम पांच माह के अन्तराल में ही 100 से अधिक प्रत्यारोपण का लक्ष्य प्राप्त कर लिया है जिसके आधार पर हम आश्वस्त है कि हम निश्चित ही कार्निया अन्धता जैसी बीमारी को पूर्णरूप से समाप्त करने की दिशा में अग्रसर हैं।
साइट लाइफ के वाइस प्रेेसीडेंट ऑफ एशिया ने कहा कि  कार्निया नेत्र की सबसे ऊपर की परत होती है। कार्निया दान की प्रक्रिया में मात्र 15 से 20 मिनट का समय लगता है तथा इस प्रक्रिया में दानकर्ता के पारिवार को किसी भी तरह का वित्तीय व्यय का वहन नहीं करना पड़ता है जबकि प्रत्येक कार्निया के दान से एक जनमानस जो कि अन्धता से पीडि़त है, को ऑखों की रोशनी प्राप्त होती है।
डॉ अरुन शर्मा ने बताया कि उत्तर प्रदेश भारत का सबसे अधिक जनसंख्या वाला प्रदेश है तथा इसकी जनसंख्या अमेरिका की जनसंख्या का दो-तिहाई है। एक ओर जहां विगत वर्ष में अमेरिका द्वारा लगभग 50,000 प्रत्यारोपण किये वहीं उत्तर प्रदेश में 650 कार्निया के प्रत्यारोपण किये गये। इस वर्ष केजीएमयू आईबैंक द्वारा प्रथम 5 माह में ही 100 से अधिक कार्निया प्रत्यारोपण होना उत्साहवर्धक है।
पत्रकार वार्ता में कुछ ऐसे समाजसेवी भी मौजूद थे जो लोगों को नेत्रदान के लिए प्रेरित करते हैं। इनमें शिशुपाल सिंह वह व्यक्ति हैं जो अपने कपड़ों पर ही लिखाये हुए हैं नेत्रदान महादान।  एक अन्य हैं 78 वर्षीय जीके सेठ उन्होंने कहा कि मैं अब तक 90 कार्निया दान करने के लिए प्रेरित कर चुका हूं मेरा लक्ष्य 100 कार्निया दान कराने का है, जिसे मैं अवश्य ही पूरा करूंगा ऐसा मेरा विश्वास है। इसी प्रकार एक अन्य सुनील कुमार श्रीवास्तव भी लोगों को नेत्र दान के प्रति जागरूक करने का कार्य करते हैं।

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