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जले हुए हिस्‍से पर साफ ठंडे पानी का इस्‍तेमाल करें, बर्फ का नहीं

-विश्‍व प्‍लास्टिक सर्जरी दिवस पर केजीएमयू के प्‍लास्टिक सर्जरी विभाग में किया गया जागरूक

सेहत टाइम्‍स   

लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के प्लास्टिक एवं रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी विभाग में 15 जुलाई को विश्व प्लास्टिक सर्जरी दिवस मनाया गया। इस मौके पर मरीजों के तीमारदारों को जलने की स्थिति में क्या करें क्या ना करें के बारे में बताया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत में विभागाध्यक्ष डॉ विजय कुमार ने बताया कि प्लास्टिक सर्जरी दिवस प्रत्येक वर्ष विश्व के प्रथम राष्ट्रीय सर्जन आचार्य सुश्रुत की याद में वर्ष 2021 से मनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आचार्य सुश्रुत का जन्म भारत में लगभग 600 ईसा पूर्व हुआ था। वे बनारस में रहकर अपनी शल्य चिकित्सा की सेवाएं दिया करते थे।

जलने की स्थिति में क्या करें क्या ना करें के बारे में बताते हुए डॉ विजय कुमार ने कहा कि गर्म पानी, दूध, चाय आदि से जलने पर उस हिस्से को नल के पानी में या साफ पानी में 15 से 20 मिनट तक डुबोकर रखें, ध्‍यान रहे बर्फ का इस्तेमाल न करें। उन्होंने कहा कि बिजली करंट से जले हुए मरीज को सावधानीपूर्वक निकालें और यह भी ध्यान में रखें कि आप स्वयं को न जला लें, जले हुए भाग पर चिपके हुए कपड़े, ज्वेलरी, कड़ा इत्यादि सावधानीपूर्वक निकालें। मरीज को साफ खुले वातावरण में ले जाएं तथा साफ कपड़े, चादर या कंबल में कवर कर दें और सांस लेने के लिए मुंह खुला रखें और मरीज को तत्काल निकटतम अस्पताल पहुंचाएं।

इस मौके पर डॉ भव्या नैथानी ने पोषण के बारे में, डॉ संध्या ने बर्न रोकथाम के बारे में, डॉ रवि कुमार ने अस्पताल में आने से पहले ली जाने वाली सावधानियों के बारे में, डॉ अंशु सिंह ने बर्न आईसीयू की सावधानियों के बारे में जानकारी दी। इसी क्रम में डॉ बृजेश मिश्रा ने जले हुए मरीजों की रिकवरी एवं पुनर्वास से संबंधित जानकारी एवं डॉ हर्षवर्द्धन ने बच्चों में जलने के बाद ली जाने वाली सावधानियों के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर वार्ड में जले हुए मरीजों के तीमारदार, समस्त नर्सिंग स्टाफ एवं विभाग के सभी कर्मचारी उपस्थित रहे। इस मौके पर मरीजों के तीमारदारों ने भी जलने से संबंधित अपनी शंकाएं और प्रश्न पूछे।

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