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समाजसेवा की सफलता में भी ‘धरती के भगवान’ का सहयोग महत्‍वपूर्ण

हरि ओम सेवा केंद्र के 21वें स्थापना दिवस पर चिकित्‍सा शिक्षा मंत्री ने केजीएमयू के सहयोग की सराहना की

लखनऊ। चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन ने कहा है कि चिकित्सकों को लोग धरती का भगवान मानते हैं। समाजसेवा का कार्य तभी सफल हो सकता है, जब पूरा तंत्र मिलकर उसका सहयोग करें। श्री टंडन गुरुवार को किंग जॉर्ज चिकित्‍सा विश्‍व विद्यालय केजीएमयू के सेल्बी हॉल में हरि ओम सेवा केंद्र के 21वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में बतौर मुख्‍य अतिथि सम्‍बोधित कर रहे थे। उन्‍होंने संस्‍था के कार्य में केजीएमयू द्वारा पूर्ण सहयोग दिए जाने की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनका पूरा प्रयास रहेगा कि शासन द्वारा भी संस्था को पूरा सहयोग मिले।

 

इस मौके पर उपस्थित लखनऊ की महापौर डॉ संयुक्ता भाटिया ने कहा कि अच्छे कार्यो के साथ लोग अपने आप ही जुड़ते चले जाते हैं। ऐसे व्यक्तित्व एवं संस्था से ही समाज को प्रेरणा मिलती है। बीमार के साथ तीमारदार की सेवा एक महान कार्य है।

 

केजीएमयू के कुलपति प्रो एमएलबी भट्ट ने अपने सम्‍बोधन में कहा कि सेवा ही परम धर्म है। परमार्थ के लिए किये गये कार्यों से धन घटता नहीं है। इस तरह के कार्यों को करने वालों की बढ़ती उम्र उन पर हावी नहीं होती है, बल्कि वह ऐक्टिव बने रहते हैं। उन्होंने हरिओम सेवा केंद्र द्वारा किए गए कार्यो की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस सेवा भाव से किए गए परमार्थ के लिए केजीएमयू सदैव संस्था का आभारी रहेगा।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन डॉ सूर्यकांत को सम्मानित करते हुए।

कार्यक्रम के मुख्‍य वक्‍ता पल्‍मोनरी विभाग के अध्‍यक्ष प्रो सूर्यकांत ने संस्‍था के सामाजिक सेवा के कार्यों की प्रशंसा करते हुए बताया कि 22 जून 1998 में उनके ही कक्ष में संस्‍था की स्‍थापना की गयी थी। उन्‍होंने संस्‍था द्वारा की गयी पहले मरीज की सेवा को याद करते हुए बताया कि उस मरीज को फेफड़ों में पस की शिकायत हो गयी थी। बाद में वह मरीज जब ठीक हो गया तो इसी संस्‍था के सेवा कार्यों से जुड़ गया था। उन्होंने कहा कि इसके बाद संस्‍था ने बच्‍चों के वार्ड और गांधी वार्ड के मरीजों की सेवा शुरू करते हुए वर्ष 2017 में सीतारसोई का संचालन शुरू कर दिया, जिसमें मरीजों के तीमारदारों को फ्री में भोजन उपलब्‍ध कराया जाता है।

 

इस अवसर पर हरि ओम संस्था के संस्थापक चंद्र किशोर रस्तोगी का सम्मान किया गया। इसके साथ ही संस्था ने केजीएमयू द्वारा निरंतर सहयोग करने के लिए डॉ सूर्यकांत, हेमेटोलॉजी विभागाध्‍यक्ष डॉ एके त्रिपाठी, मानसिक विभाग के अध्‍यक्ष डॉ पीके दलाल सहित सभी विभागाध्यक्षों को सम्मानित किया।