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कानपुर में एक साथ 25 जीका संक्रमितों के मिलने से हड़कम्‍प, बढ़कर 36 हुई संख्‍या

-नये संक्रमितों में दो स्‍वास्‍थ्‍य कर्मी व गर्भवती महिलाएं भी शामिल

सेहत टाइम्‍स

उत्तर प्रदेश की औद्योगिक नगरी कानपुर में बुधवार को जीका वायरस के एक साथ 25 नए मरीज सामने आने से हड़कंप मच गया है। कानपुर में अब जीका वायरस से ग्रस्‍त कुल मरीजों की संख्या 36 हो गई है। माना जा रहा है अभी संख्या और बढ़ेगी। ज्ञात हो जीका वायरस का पहला केस 30 अक्टूबर को जाजमऊ के पोखरपुर में रहने वाले एयरफोर्स कर्मी एमएम अली के रूप में सामने आया था, इसके बाद यह वायरस आसपास के दूसरे इलाकों में फैलता चला गया।

आज बुधवार को एकदम से 25 नए मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया है पता चला है की अचानक संक्रमण बढ़ने के बाद अब विभाग नए सिरे से रणनीति तैयार कर रहा है। आज जिन नए मरीजों का पता चला है उनमें परदेवनपुरवा, हरजिंदरनगर, पोखरपुर और शिवकटरा में मिले हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार चकेरी में सबसे ज्यादा मरीज मिलने के बाद यहां हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है बताया जाता है कि जीका वायरस चकेरी के साथ जीटी रोड हाईवे किनारे बसे इलाकों को भी अपनी चपेट में ले रहा है नए मरीज जो पता चले हैं उनमें दो स्वास्थ्य कर्मी भी शामिल है ऐसे में विभाग ने अतिरिक्त सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। क्योंकि यही हेल्थ वर्कर सैकड़ों घरों तक पहुंचते हैं बताया जाता है की हेल्थ वर्कर्स की ट्रैवलिंग हिस्‍ट्री भी तैयार की जा रही है जिससे कि संपर्क में आए लोगों के सैंपल लिए जा सके इतनी ज्यादा मात्रा में मरीज मिलने के बाद अब दिल्ली और लखनऊ में भी जीका वायरस को लेकर बेचैनी बढ़ गई है।

बताया जा रहा है कि धीरे-धीरे बढ़ते संक्रमण के साथ ही विभाग ने जैसे-जैसे जांच का दायरा बढ़ाया वैसे वैसे संक्रमितों की संख्या भी बढ़ती गई। खबर है कि जिस तेजी से संक्रमण फैल रहा है उसको देखकर जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग हैरान है क्योंकि पहले चकेरी के पोखरपुर ओम पुरवा तिवारीपुर के आसपास जीका वायरस के केस मिल रहे थे लेकिन अब चकेरी के बाहरी इलाकों जैसे जीटी रोड के किनारे घनी आबादी में मिलना शुरू हो गए हैं जानकारों का मानना है कि यदि संक्रमण इसी दर से फैलता है तो बहुत ही जल्द आधी आबादी जीका वायरस की चपेट में होगी।

जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें दोनों स्वास्थ्यकर्मियों की ट्रेवल हिस्ट्री खंगालने में जुटी हैं। इस बात का पता लगाया जा रहा है कि संक्रमित स्वास्थ्य कर्मी किसके-किसके संपर्क में आए थे। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग और नगर की टीमें जीका प्रभावित के क्षेत्रों में एंटी लार्वा का छिड़काव करा रही हैं। इसके साथ ही जीका प्रभावित नए क्षेत्रों में सैंपलिंग का काम किया जा रहा है। वहीं, प्रशासन की ओर से दो स्वास्थ्य कर्मियों समेत 36 लोगों पर केस भी दर्ज किया है।

जीका के लक्षण


जीका वायरस बीमारी के सबसे आम लक्षण बुखार, दाने, सिरदर्द, जोड़ों में दर्द, आंखें लाल होना और मांसपेशियों में दर्द हैं। इसके लक्षण काफी कुछ डेंगू से मिलते-जुलते हैं। जीका से संक्रमित कई लोगों में लक्षण नहीं होते हैं या मामूली होते हैं। ये कई दिनों से लेकर एक सप्ताह तक रह सकते हैं।

कैसे हो सकता है

जीका मुख्य रूप से इंफेक्‍टेड एडीज प्रजाति के मच्छर (एडीज इजिप्टी और एडीज एल्बोपिक्टस) के काटने से लोगों में फैलता है। एक प्रेग्‍नेंट महिला से प्रेग्‍नेंसी के दौरान या जन्म के समय भ्रूण को जीका पास हो सकता है। जीका से संक्रमित व्यक्ति भी इसे अपने सेक्स पार्टनर को पास कर सकता है।

कैसे बचें

जीका से बचाव का सबसे अच्छा तरीका है कि आप अपने और अपने परिवार को मच्छरों के काटने से बचाएं। इंसेक्‍ट रेपलेंट का इस्‍तेमाल करें। पूरी बाजू की शर्ट और फुल पैंट पहनें। अगर खुले में सोते हैं तो मच्छरदानी लगाएं।

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