Monday , March 30 2026

कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर बजट में कोई प्रावधान नहीं : इप्सेफ

-गांधी जयंती से सत्याग्रह-अनशन करने के अलावा कोई रास्ता नहीं

वीपी मिश्र

सेहत टाइम्स

लखनऊ। इंडियन पब्लिक सर्विस इम्प्लाईज फेडरेशन (इप्सेफ) ने आज केंद्र सरकार द्वारा पेेश किये गये बजट पर आक्रोश एवं नाराजगी व्यक्त की है। फेडरेशन का कहना है कि लम्बे समय से लंबित चल रही कर्मचारियों की मांगों को लेकर बजट में कोई प्रावधान नहीं है। इप्सेफ ने कहा है कि देश भर के कर्मचारी आगामी 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी की जयंती पर बापू को श्रद्धांजलि देने के बाद से अनशन-सत्याग्रह आरम्भ करेंगे।

इप्सेफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीपी मिश्र एवं महामंत्री प्रेमचन्द्र ने वित्तमंत्री के बजट भाषण पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि इप्सेफ द्वारा प्रधानमंत्री एवं वित्तमंत्री को पत्र भेजकर कई बार मांग करने के बाद भी पुरानी पेंशन बहाली, राष्ट्रीय वेतन आयोग का गठन एवं आउटसोर्सिग/संविदा/आंगनबाड़ी कार्यकत्री की सेवा सुरक्षा, न्यूनतम वेतन एवं विनियमतीकरण व आयकर सीमा बढ़ाने पर निर्णय नहीं किया गया।

उन्होंने कहा कि इसके लिए आन्दोलन भी किया गया, परन्तु भारत सरकार ने कर्मचारियों की पीड़ा को नहीं सुना। इसलिए अब दो अक्टूबर को गांधी की जयन्ती पर उनके आदर्शों पर चलते हुए विरोध जताते हुए सत्याग्रह शुरू किया जायेगा।

राष्ट्रीय सचिव अतुल मिश्र ने कहा कि भीषण महंगाई से कर्मचारी 2 जून की रोटी, बच्चों की शिक्षा-दीक्षा एवं दैनिक खर्चे की व्यवस्था नहीं कर पा रहा है। वहीं दूसरी तरफ़ कॉर्पोरेट जगत को लाभ प्रदान किया गया है, इसलिए आन्दोलन के अलावा कोई विकल्प नहीं दिखता हैै। इप्सेफ के नेताओं ने पुन प्रधानमंत्री एवं वित्तमंत्री से इप्सेफ की मांगों पर सार्थक निर्णय करने की अपील करते हुए कहा है कि एक बार पुनः अनुरोध है कि मांगों को पूरा करते हुए इसकी घोषणा करे, ताकि शासन और कर्मचारियों के बीच टकराव को टाला जा सके।