-लिपिक संवर्ग ने सीएमओ कार्यालय पर दिया पांच घंटे धरना

सेहत टाइम्स ब्यूरो
लखनऊ। स्वास्थ्य विभाग में अधिकारियों-कर्मचारियों को स्थानांतरण से मुक्त रखने के स्पष्ट आदेशों के बावजूद निदेशक प्रशासन द्वारा आर्थिक, मानसिक, शारीरिक उत्पीड़न करने के उद्देश्य से बड़ी संख्या में लिपिकीय संवर्ग के कर्मचारियों के स्थानांतरण के विरोध में यूपी मेडिकल एंड पब्लिक हेल्थ मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन की लखनऊ शाखा ने सीएमओ कार्यालय पर धरना देते हुए पूर्वान्ह 10 बजे से अपराहन 3 बजे तक कार्य बहिष्कार किया।
यह जानकारी देते हुए अध्यक्ष अखिलेश श्रीवास्तव एवं मंत्री रजनी शुक्ला ने मांग की कि मुख्यमंत्री की मंशा के विपरीत किए गए स्थानांतरण को निरस्त किया जाए। अखिलेश श्रीवास्तव ने कहा कि यदि संघ की मांग के अनुरूप यथाशीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर 20 जुलाई, 22 जुलाई से 24 जुलाई तक मुख्य चिकित्सा अधिकारी लखनऊ के कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त 20 जुलाई को मुख्य चिकित्सा अधिकारी लखनऊ के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया जाएगा।



उन्होंने बताया कि इसके बाद 26 जुलाई को स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय का घेराव किया जाएगा तथा उसी दिन महानिदेशालय से लोक भवन तक पैदल मार्च कर मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रस्तुत किया जाएगा। इसके पश्चात भी अगर स्थानांतरण निरस्त न हुए तो संपूर्ण उत्तर प्रदेश के परिधिगत कार्यालयों में कार्यरत लिपिक संवर्गीय कर्मचारियों द्वारा अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार किया जाएगा।
रजनी शुक्ला ने कहा कोविड-19 महामारी के दौरान लिपिक संवर्ग के कर्मचारी व उनके परिवारीजन इस गंभीर बीमारी से पीड़ित हुए हैं, अनेक कर्मचारियों एवं उनके परिजनों की कोरोना से मौत भी हुई है। अखिलेश ने कहा कि एसोसिएशन का अनुरोध है कि चूंकि संपूर्ण विश्व में कोविड-19 की तीसरी लहर प्रारंभ होने की चेतावनी निर्गत की जा रही है ऐसी दशा में भारी संख्या में लिपिक संवर्ग के कर्मचारियों जोकि अत्यंत अल्प वेतनभोगी हैं, उनको गैर जनपदों में स्थानांतरित किए जाने के कारण वे मानसिक शांति के साथ न तो राष्ट्रीय कर्तव्य व दायित्वों का निर्वहन पूर्ण रूप से कर सकेंगे और न ही अपना तथा अपने परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य का ध्यान रख सकेंगे।
