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पुरानी पेंशन सहित मुख्‍य तीन मांगों को लेकर कर्मचारियों ने जंतर-मंतर पर भरी हुंकार

-इप्‍सेफ के नेतृत्‍व में यूपी सहित देशभर के विभिन्‍न भागों से आये कर्मचारियों ने आयोजित की ध्‍यानाकर्षण रैली

सेहत टाइम्‍स

लखनऊ/नयी दिल्‍ली। देश के विभिन्न हिस्सों से आए पब्लिक सर्विस कर्मचारियों ने आज इंडियन पब्लिक एम्प्लॉईज़ (इप्सेफ़) के तत्वावधान में संसद के समक्ष ‘ध्यानाकर्षण रैली’ आयोजित की, जिसके दौरान हजारों पब्लिक सर्विस कर्मचारी जंतर-मंतर पर एकत्र हुए और (1) सुनिश्चित पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली, (2) सभी संविदा/आउटसोर्स/दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों एवं श्रमिकों की सेवाओं को नियमित करके पब्लिक सर्विस क्षेत्र से सभी प्रकार की संविदा प्रणाली को समाप्त करना और (3) स्थायी राष्ट्रीय वेतन आयोग का गठन की मांग की।

रैली की अध्यक्षता इप्‍सेफ के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष वीपी मिश्र ने की। रैली को वीपी मिश्रा, दीपक ढोलकिया, प्रेम चंद, सुरेश रावत (अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद), ईश्वर सिंह शर्मा (अध्यक्ष, हरियाणा सरकार पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल वर्कर्स यूनियन), रविंदर पांडे (महासचिव, DUCKU), शर्मिला दत्त (अध्यक्ष, डॉ. बीआर अंबेडकर नर्सेज यूनियन), राजेंद्र सिंह राठौड़ (अध्यक्ष, यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन, उ.प्र.), तेलंगाना से ए.पी. सुब्बा रेड्डी, सतीश कुमार पांडे (संयोजक, कर्मचारी-शिक्षक संयुक्त मोर्चा, उत्तर प्रदेश), दीपक कुमार (अध्यक्ष, राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय वर्कर्स यूनियन), राघवेंद्र सिंह (महासचिव, दिल्ली राज्य स्वास्थ्य कर्मचारी संघर्ष समिति), कृष्ण देव (महासचिव, जे.एन.यू. स्टाफ एसोसिएशन), जाबिर हसन (महासचिव, एसआरके एम्प्लॉईज़ एसोसिएशन, जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय), घेवर चंद (महासचिव, एसोसिएशन ऑफ रेलवे नर्सेज ऑफ इंडिया), आर.एन. प्रसाद (महासचिव, सेंट्रल सेक्रेटरियट ग्रेड-बी ऑफिसर्स एसोसिएशन), योगेश कुमार (अध्यक्ष, अस्पताल कर्मचारी पंचायत, एलआरएस इंस्टीट्यूट ऑफ टीबी एंड रेस्पिरेटरी डिजीजिज), राज कुमार रोहिल्ला (कार्यकारी अध्यक्ष, सीपीडब्ल्यूडी वर्कर्स एसोसिएशन), सूरज गुप्ता (अध्यक्ष, ऑल इंडिया रजिस्टर्ड नर्सेज फेडरेशन), सुनील यादव अध्यक्ष फार्मेसिस्ट फेडरेशन, अशोक कुमार महामंत्री, अशोक कुमार गौतम, प्रांतीय अध्यक्ष राजकीय शिक्षक संघ ( मूल संघ), प्रवीण कुमार यादव अध्यक्ष संविदा फार्मेसिस्ट एसो, किरन सिंह अध्यक्ष पशु चिकित्सा फार्मेसिस्ट एसोसिएशन,उत्तर प्रदेश आदि ने संबोधित किया।

सभी नेताओं ने इस तथ्य पर जोर दिया कि “पेंशन स्थगित वेतन है, पेंशन का अधिकार एक संवैधानिक अधिकार है” जैसा कि न्यायमूर्ति वीजी की एकल न्यायाधीश पीठ ने सही फरमाया है। केरल उच्च न्यायालय के न्यायाधीश वी.जी. अरुण ने 2015 के WP(C) सं. 11306 और अन्य संबंधित मामलों में अपने दिनांक 05.08.2022 के फैसले में माना है कि ‘पेंशन का अधिकार एक संवैधानिक अधिकार है और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन का भुगतान केवल नियोक्ताओं की इच्छा और मर्जी पर नहीं किया जा सकता है। पेंशन का अधिकार, यदि मौलिक अधिकार नहीं है, तो भी निश्चित रूप से एक संवैधानिक अधिकार है। किसी सेवानिवृत्त कर्मचारी को कानून के अधिकार के अलावा इस अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता।’ नेताओं ने कर्मचारियों को याद दिलाया कि केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा 01.01.2004 या उसके बाद नियुक्त किए गए पब्लिक सर्विस कर्मचारियों से सुनिश्चित पेंशन, यानी पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) का यह अधिकार छीन लिया गया है जबकि कुछ राज्य सरकारों जैसे राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पंजाब आदि ने अपने यहाँ ओ.पी.एस. लागू कर दिया है और पश्चिम बंगाल में आज भी पुरानी पेंशन लगातार जारी है।

नेताओं ने आगे कहा कि पिछले कुछ वर्षों में, नई पेंशन योजना, जिसे राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली का नाम दिया गया है, कर्मचारियों के लिए विनाशकारी साबित हुई है और एनपीएस के खिलाफ और ओपीएस के पक्ष में जनता की राय हर जगह व्यापक हो गई है, खासकर देश के पांच राज्यों में ओपीएस की बहाली की घोषणा के बाद। जिस भी विभाग से जो कर्मचारी एन.पी.एस. के तहत सेवानिवृत हो रहे हैं उन्हें बहुत ही कम पेंशन मिल रही है।

अंत में प्रधान मंत्री, वित्त मंत्री और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों को संबोधित ज्ञापन सौंपकर उनसे उपरोक्त तीनों मांगों, विशेष रूप से कर्मचारियों और उनके परिवारों के हित में राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली को जल्द से जल्द समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना की बहाली पर सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया गया।

सभी नेताओं ने सर्वसम्मति से घोषणा की कि यदि केंद्र सरकार ने 01.01.2004 से ओपीएस की बहाली की मांग पर कोई ध्यान नहीं दिया तो आने वाले महीनों में रामलीला मैदान में एक विशाल रैली का आयोजन किया जाएगा।

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