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अखिलेश की घोषणा का स्वागत किया राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने

-पुरानी पेंशन बहाली व अन्य मुद्दों को सपा के घोषणा पत्र में शामिल किया जाएगा

सेहत टाइम्स

लखनऊ। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश की एक वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में आज परिषद से जुड़े हुए सभी संगठनों ने एक स्वर से पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दे को प्रदेश के मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा अपने मेनिफेस्टो में अंकित करते हुए सरकार बनने पर पुरानी पेंशन बहाली किए जाने की घोषणा का स्वागत किया। इसके साथ ही कर्मचारी हितों के लिए ग्रुप सी औऱ डी के कर्मचारियों को निज गृह जनपद के आसपास बनाए रखने की नीति बनाने, आउटसोर्सिंग और संविदा के स्थान पर स्थाई नियुक्तियां करने, कैशलेस इलाज को प्रारंभ करने की घोषणा का परिषद ने स्वागत किया।

परिषद के अध्यक्ष सुरेश रावत और महामंत्री अतुल मिश्रा, प्रमुख उपाध्यक्ष सुनील यादव ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली के लिए परिषद ने लगातार आंदोलन किया और सभी राजनीतिक संगठनों से यह भी मांग की थी कि इसे अपने घोषणापत्र में शामिल करें इसके साथ ही परिषद लगातार निजी करण और आउटसोर्सिंग के स्थान पर स्थाई नियुक्तियां किए जाने की वकालत करता रहा है।

उन्होंने कहा कि परिषद ने समाजवादी सरकार के समय आउटसोर्सिंग और संविदा के भविष्य के लिए स्थाई नीति बनाए जाने की मांग की थी जिसे सरकार द्वारा बनाया गया था लेकिन उसे वर्तमान सरकार द्वारा लागू नहीं किया गया, यही स्थिति कैशलेस इलाज की रही । परिषद की मांग पर समाजवादी सरकार में कैशलेस इलाज के लिए आदेश निर्गत हुए थे और उसके लिए फंड भी रिलीज कर दिया गया था लेकिन वर्तमान सरकार ने उसका क्रियान्वयन नहीं किया जिससे कर्मचारी जगत में निराशा रही । इसके साथ ही छोटे कर्मचारियों को दूरस्थ जनपदों में स्थानांतरित कर इस सरकार ने कर्मचारियों को नाराज किया।

परिषद के महामंत्री अतुल मिश्रा ने बताया कि लगातार आंदोलन के मध्य माह सितंबर, अक्टूबर में प्रदेश के सभी माननीय विधायकों को ज्ञापन सौंपकर पुरानी पेंशन बहाली सहित इन मुद्दों पर संज्ञान लिए जाने का अनुरोध किया गया था । यह खुशी की बात है कि अखिलेश यादव ने कर्मचारियों की मांग का संज्ञान लिया है। उन्होंने मुख्य मांगों पर सकारात्मक दृष्टिकोण दिखाते हुए कर्मचारी हितों में आगे बढ़ कर फैसला लिया है ।

परिषद के सभी नेताओं ने और सभी संगठनों के प्रतिनिधियों ने यह उम्मीद जताई कि कर्मचारी हितों पर तत्काल निर्णय लिए जाएंगे और सरकार बनने पर पुरानी पेंशन की बहाली तुरंत कर दी जाएगी ।

बैठक में फार्मेसिस्ट फेडरेशन उत्तर प्रदेश, फारेस्ट फेडरेशन, डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन, राजकीय नर्सेज संघ , लैब टेक्नीशियन संघ, ऑप्टोमेट्रिस्ट एसोसिएशन, एक्सरे टेक्नीशियन एसोसिएशन, ई सी जी एसोसिएशन, वन विभाग, विकास प्राधिकरण, गन्ना विभाग, सिचाई विभाग,राजकीय शिक्षक संघ सहित विभिन्न विभागों के अध्यक्ष और मंत्री ने भागीदारी की।

अध्यक्ष सुरेश रावत ने कहा कि जो कर्मचारी हित की बात करेगा वही प्रदेश पर राज करेगा।संगठन प्रमुख के के सचान ने कहा कि कर्मचारी संगठन लगातार आंदोलनरत रहकर बड़ी से बड़ी उपलब्धि प्राप्त कर सकता है । हमे आगे भी अपनी एकता को बनाये रखना है।

बैठक में परिषद के उपाध्यक्ष और बेसिक हेल्थ वर्कर एसोसिएशन के अध्यक्ष धनंजय तिवारी ने कहा कि 1 अप्रैल 2005 को पुरानी पेंशन छीन ली गई थी, 1 अप्रैल 2022 को आपकी वही पुरानी पेंशन आपके पास हो सकती है । 5 सालों का संघर्ष विराम और उसका मीठा फल हम सभी को मिल सकता है जो परिषद के आंदोलन की बड़ी जीत है, जो उम्मीद की किरण आज दिख रही है ये यूँ ही नहीं है, इसके लिए भी आपने, मैंने और लाखों पेंशन विहीन साथियों ने छोटे छोटे अगणित प्रयास किये हैं जिन्हें संगठनों और नेतृत्व के दायरे में नहीं बांटा जा सकता है, ये प्रयासों का समुद्र मंथन था जिससे पेंशन का अमृत कलश मिलने की आस जगी है।

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