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विदेश के डॉक्‍टरों से भी फेस-टू-फेस ले सकते हैं सेकंड ओपीनियन

फॉरेन ओपीडी की शुरुआत होगी अक्टूबर में

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। गंभीर बीमारियों को लेकर मरीज अब विदेश के डॉक्टर्स से भी परामर्श ले सकेंगे। स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में यह सुविधा फॉरेन ओपीडी देने जा रही है।

यह जानकारी यहां गोमती नगर स्थित एक होटल में फॉरेन ओपीडी के संस्थापक व मुख्य कार्यकारी अधिकारी डा. इंदर मौर्या ने देते हुए बताया कि फॉरेन ओपीडी की शुरुआत अक्टूबर में ऑन्कोलॉजी, कार्डियोलॉजी और न्यूरोलॉजी सहित 25 नैदानिक उप विशिष्टताओं के साथ यूके और यूएसए में प्रमुख चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ भारत में होने जा रही है।

अपनी इंटर्नशिप यहीं संजय गांधी पीजीआई से करने वाले डा. मौर्या ने बताया कि फॉरेन ओपीडी भारत सहित यूके, यूएसए सहित विभिन्न देशों के एक हजार से अधिक डॉक्टर्स का एक पैनल तैयार कर रहा है। फॉरेन ओपीडी में मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी देते हुये डा. मौर्या ने बताया कि फॉरेन ओपीडी का चिकित्सक विशेषज्ञों का नेटवर्क स्वाधिकृत प्रसंस्करण तकनीक और डेटाबेस का उपयोग करके रोगी के पूर्व परीक्षणों और लक्षणों की समीक्षा करती है। निर्धारित किए गए चिकित्सक विशेषज्ञ तब एक समय में एक रोगी के साथ बातचीत कर सकते हैं, जिससे आमने-सामने का परामर्श और उपचार के लिए अगला परामर्श संभव हो सके।

उन्‍होंने कहा कि यदि आप या आपके किसी अपने की कोई गंभीर बीमारी का पता चला है और उन्हें ऑपरेशन से पहले और बाद के उपचार के लिए विभिन्न विकल्प प्रदान किए हैं, तो फॉरेन ओपीडी आपको इलाज की भ्रामक और महंगी प्रक्रिया से गुजरने में मदद कर सकती है। इसके लिए मरीज को अपने देश ही नहीं, विदेश के डॉक्टरों से बीमारी पर फेस टू फेस सलाह लेने के लिए फॉरेन ओपीडी में शुल्क देकर ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। फिर मरीज को डॉक्टर से बातचीत का मौका मिलेगा।

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