Friday , May 27 2022

कैडर रिस्‍ट्रक्‍चरिंग की प्रक्रिया को बीच में न रोकने का अनुरोध

-केजीएमयू की कर्मचारी परिषद ने कुलाधिपति व राज्‍य निर्वाचन आयुक्‍त को लिखा पत्र

प्रदीप गंगवार


सेहत टाइम्‍स
लखनऊ।
किंग जॉर्ज चिकित्‍सा विश्‍वविद्यालय केजीएमयू की कर्मचारी परिषद ने राज्‍यपाल व कुलाधिपति व राज्‍य निर्वाचन आयुक्‍त से कर्मचारी हित में शासन द्वारा किये जा रहे कैडर रिस्‍ट्रक्‍चरिंग की शुरू हो चुकी प्रक्रिया को आचार संहिता के चलते रोके न जाने की अनुमति देने का अनुरोध किया है।
इस सम्‍बन्‍ध में कर्मचारी परिषद के अध्‍यक्ष प्रदीप गंगवार ने लिखे अपने पत्र में कहा है कि किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्‍वविद्यालय के गैर शैक्षणिक कर्मचारियों को एस0जी0पी0जी0आई0 लखनऊ के समान वेतनमान प्रदान किए जाने विषयक शासनादेश 23 अगस्त 2016 को किया गया था। परन्तु उक्त व्यवस्था का लाभ अभी तक कर्मचारियों को नहीं प्रदान किया गया है। जिसके फलस्वरूप हम सभी गैर शैक्षणिक कर्मचारियों की पदोन्नति ,ए ॰सी॰पी इत्यादि बाधित है और सभी कर्मचारियों को इस कोविड काल में घोर आर्थिक एवं मानसिक क्षति हो रही है।

पत्र में कहा गया है कि इस सम्बन्ध में के0जी0एम0यू0 कर्मचारी परिषद के द्वारा “पेट के बल “किए गए अनुरोध प्रदर्शन व आन्दोलन के क्रम में 6 संवर्गों को माह दिसम्बर 2021/जनवरी 2022 में ही शासनदेश जारी किया जा सका है और लगभग 11 संवर्ग वित्त विभाग के अनुमोदन/परामर्श के लिए वित्त विभाग में लम्बित थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त सभी पत्रावलियों पर चिकित्सा शिक्षा, कार्मिक एवं वित्त विभाग की सहमति भी बन गयी थी।परन्तु, वित्त विभाग द्वारा आदर्श आचार संहिता का हवाला देते हुए अनुमोदन प्रदान नहीं किया जा रहा है एवं आदर्श आचार संहिता प्रभावी होते ही सभी पत्रावलियां चिकित्सा शिक्षा विभाग को वापस कर दी गयी हैं।
पत्र में अनुरोध किया गया है कि 11 संवर्गों के संवर्ग संरचना के कार्य के लिए कृपया संबंधित विभागों को अनुमति प्रदान करने की कृपा करें जिससे कि संबंधित गैर शैक्षणिक कर्मचारियों को हो रही आर्थिक एवं मानसिक क्षति से निजात मिल सके एवं के जी एम यू कर्मी पूर्ण मनोयोग से कोविड दौर में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदान करने में यथावत सक्षम रहें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

13 + 16 =

Time limit is exhausted. Please reload the CAPTCHA.