प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व क्लीनिक योजना अब उत्तर प्रदेश में भी

पीएम सुरक्षित मातृत्व क्लीनिक पर प्राइवेट डॉक्टर भी देंगे इलाज

प्रदेश के 50 सीएचसी पर मिलेगी पीपीपी मॉडल पर अल्ट्रासाउंड की सुविधा

माह की 9 तारीख को सीएचसी समेत सभी सरकारी महिला चिकित्सालयों में चलेगी क्लीनिक

लखनऊ। मातृ एवं शिशु मृत्युदर की रोकथाम के लिए केन्द्र सरकार द्वारा गर्भवती महिलाओं के लिए गत वर्ष शुरू हो चुकी प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व क्लीनिक योजना का शुभारंभ उत्तर प्रदेश में मंगलवार से होगा। इस अभियान के तहत प्रत्येक माह की 9 तारीख को गर्भवती महिलाओं की द्वितीय/तृतीय तिमाही में एक बार विशेषज्ञ अथवा एमबीबीएस डॉक्टर से नि:शुल्क जांच करायी जाएगी।
यह जानकारी सोमवार 10 जुलाई को एनएचएम कार्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में देते हुए उत्तर प्रदेश की परिवार कल्याण मंत्री प्रो रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि गर्भ के समय सही और आवश्यक परीक्षण न हो पाने से सुरक्षित प्रसव की स्थितियां प्रभावित हो जाती हैं और मातृ-शिशु मृत्युदर बढ़ जाती है। उत्तर प्रदेश में यह स्थिति चिंताजनक हैं। उन्होंने अवगत कराया कि जो सामुदायिक केन्द्र अधिक प्रसव भार वाले हैं इस योजना के तहत 40 जिलों के 50 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, जहां पर अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं हैं, पर इस योजना के अंतर्गत सीएचसी व प्रत्येक महिला अस्पतालों में माह की 9 तारीख को क्लीनिक चलेगी, जिन ग्रामीण क्षेत्र स्थित 50 सीएचसी में अल्ट्रासाउण्ड जांच की सुविधा नही हैं वहां पीपीपी मॉडल पर प्राइवेट पैथालोजी से गर्भवती को नि:शुल्क जांच सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी। इतना ही नहीं उक्त योजना में सरकार की अपील पर प्राइवेट डॉक्टर्स भी नि:शुल्क परामर्श देंगे।

प्रो. जोशी ने बताया कि प्रदेश के कई क्षेत्रों में महिला अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टर्स एवं अल्ट्रासाउंड जांच आदि की सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, लिहाजा गर्भवती महिलाओं को दूरस्थ स्थित बडे़ सरकारी अस्पतालों में रेफर किया जाता है, तमाम महिलाएं बिना जांच के ही रह जाती हैं। उक्त स्थिति को ध्यान में रखकर, मातृ एवं शिशु की स्वस्थ्यता बनाये रखने के लिए पीपीपी मॉडल पर अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा मुहैय्या कराई जा रही है, उक्त में अस्पताल के समीप स्थित पैथोलॉजी से अनुबन्ध कर गर्भवती महिलाओं को जांच के लिए भेजा जायेगा। इसके लिए प्राइवेट पैथोलॉजी को सरकार द्वारा एनएबीएल द्वारा प्रमाणित पैथोलॉजी को 300 रुपये और नॉन एनएबीएल एक्रीडेटेड पैथोलॉजी को 225 रुपये प्रति केस भुगतान किया जायेगा। इसके अलावा उन्होंने बताया कि उक्त क्लीनिक में स्वेच्छा से प्राइवेट डॉक्टर्स परामर्श दे रहे हैं, उन्हेांने बताया कि अभी तक 470 प्राइवेट डॉक्टर्स ने उक्त के लिए पंजीकृत करा चुके हैं, जिनमें से 258 डॉक्टर्स उक्त सरकारी क्लीनिक में नि:शुल्क परामर्श दे रहे हैं। उक्त योजना में उन्होंने अनावश्यक अल्ट्रासाउंड जांच न कराने के भी निर्देश दिये हैं।

क्लीनिक में गर्भवती महिलाओं को इलाज के साथ मिलेगा जलपान

एनएचएम निदेशक आलोक कुमार ने बताया कि उक्त योजनांतर्गत, पीएमएसएमसी में आने वाली गर्भवती महिलाओं को जलपान भी दिया जायेगा ताकि गर्भवती को बेहतर पोषण मिल सके। साथ ही उन्होंने बताया कि प्रदेश के 57 जनपदों में गरीबी की वजह से बच्चे कुपोषित हो रहे हैं और हर परिवार में इलाज कराने को मजबूर है। ऐसी स्थिति में सरकार द्वारा रास्ते में भोजन उपलब्ध कराया गया था ।

परिवार नियोजन किट ‘नई पहल’ यूपी में ‘शगुन’

प्रो.रीता बहुगुणा जोशी ने बताया कि जनसं या वृद्धिदर रोकथाम के लिए परिवार नियोजन संसाधनों के प्रचार प्रसार के लिए नई किट योजना शुरू की है। उक्त किट में नवदंपति को महिलाओं के लिए चूड़ी, बिन्दी, आईना आदि उपलब्ध होंगे साथ ही परिवार नियोजन संबन्धित जागरूकता पत्र और कंडोम, पिल्स और इमरजेंसी में अनचाहे गर्भ की रोकथाम के लिए प्रयोग में ली जाने वाली पिल्स व जानकारी उपलब्ध होगी।

विश्व जनसंख्या दिवस पर जनजागरूकता रैली का शुभारंभ करेंगे सीएम

विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने सरकारी आवास 5 कालीदास मार्ग से जनजागरूकता रैली का शुभांरभ करेंगे। रैली प्रात: आठ बजे शुरू होगी और 1090 चौराहे पर संपन्न होगी। निदेशक आलोक कुमार ने बताया कि कल से जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा (11 से 24 जुलाई तक) मनाया जायेगा, जनजागरूकता के लिए पखवाड़े की थीम, नई लहर, नया विश्वास संपूर्ण जिम्मेदारी से परिवार विकास दी गई है। तीन से अधिक सकल प्रजनन दर वाले प्रदेश के 57 जनपदों में ‘मिशन परिवार विकास ’ कार्यक्रम का शुभारंभ परिवार कल्याण मंत्री द्वारा लखानऊ के वीरांगना अवंती बाई महिला अस्पताल में किया जायेगा।