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एमआरआई से गर्भस्‍थ व नवजात शिशु के रोगों, हृदय व फेफड़े के रोगों का पता लगाना आसान

-केजीएमयू में आयो‍जित सतत चिकित्‍सा शिक्षा में देश भर के रेडियोलॉजिस्‍ट ने लिया हिस्‍सा, दीं महत्‍वपूर्ण जानकारियां

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। गर्भावस्‍था के दौरान होने वाले शिशु के रोगों, नवजात के मस्तिष्‍क की एमआरआई के साथ ही हृदय और फेफड़े के रोगों में एमआरआई की नवीनतम टेक्‍नीक से जांच कर रोगों को डायग्‍नो‍स करना अब आसान हो गया है।

यहां किंग जॉर्ज चिकित्‍सा विश्‍वविद्यालय (केजीएमयू) में रेडियोडायग्नोसिस विभाग, किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, में एक  सतत चिकित्‍सा शिक्षा (सीएमई) का आयोजन किया गया। इस सीएमई में भारत भर के उल्लेखनीय वक्ताओं ने भाग लिया। यह जानकारी डॉ. नीरा कोहली ने देते हुए बताया है कि संगोष्ठी में MRI की नवीनतम टेक्नीक जैसे गर्भस्थ शिशु की जन्मजात बीमारियों और नवजात बच्चों के मस्तिष्क की बीमारियों में एमआरआई की भूमिका पर व्याख्यान हुए। इसके अलावा हृदय और फेफड़े के एमआरआई पर भी व्याख्यान हुए। एमआरआई जांच के दौरान कम समय और कम आवाज में जांच कैसे हो इस पर भी चर्चा हुई।

सीएमई के मुख्‍य अतिथि केजीएमयू के कुलपति लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. बिपिन पुरी, ने एमआरआई में उल्लेखनीय तकनीकी प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने रेखांकित किया कि यह एनएमआर के साथ कैसे शुरू हुआ और आधुनिक एमआरआई तक पहुंच गया है, जो रोगी प्रबंधन को बदल रहा है। अतिथि वक्‍ता डॉ. प्रिसिला जोशी ने भ्रूण के मस्तिष्क एमआरआई पर ध्यान केंद्रित करते हुए भ्रूण एमआरआई और यह कैसे प्रबंधन को प्रभावित कर रहा है, पर बात की। डॉ. पुरी ने सीएमई के उत्कृष्ट संगठन पर पूरे रेडियोडायग्नोसिस विभाग की सराहना की और सीएमई के लिए डॉ कोहली को शुभकामनाएं दीं।

डॉ. अनीत परिहार ने रेडियोलॉजी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग की भूमिका पर चर्चा की। डॉ. दुर्गेश द्विवेदी ने ट्यूमर एंजियोजेनेसिस के आकलन में परफ़्यूज़न एमआरआई में कुछ सबसे हालिया प्रगति के बारे में बात की। उन्होंने यह भी बताया कि कैसे रेडियोजीनोमिक्स, कंप्रेस्ड सेंसिंग और समानांतर इमेजिंग तेजी से इमेजिंग करना और कैंसर का जल्द पता लगाने में मदद कर रहा है। लेफ्टिनेंट कर्नल डॉ. अनीश मोहिमेन ने शिशु के मस्तिष्क की एमआर इमेजिंग पर चर्चा की, जबकि डॉ गौरव राज ने रेक्टल कैंसर में एमआरआई में हालिया प्रगति को संबोधित किया। अन्य वक्ताओं में डॉ समरेंद्र नारायण, डॉ वैशाली उपाध्याय, डॉ नीरज जैन और डॉ स्विश के सिंह ने विभिन्न प्रासंगिक विषयों पर चर्चा की। सीएमई के दौरान एक प्रश्नोत्तरी का भी आयोजन किया गया और इसमें विजेता डॉ तान्या, डॉ कृष्णा और डॉ रीतिंदर को डॉ कोहली द्वारा सम्मानित किया गया।

विभिन्न वैज्ञानिक सत्रों की अध्यक्षता डॉ. समरजीत भादुड़ी, डॉ. आशुतोष दवे, डॉ. प्रकाश लालचंदानी, डॉ. समीर गांधी, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. सैकत भट्टाचार्य, डॉ. अभिषेक चौहान, डॉ. सचिन खंडूरी ने की। सी॰एम॰ई॰ में RMLIMS, SGPGIMS, एरा मेडिकल कॉलेज के कई छात्र और छात्राओं और कई रेडियोलॉजिस्ट ने भाग लिया।