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डायटीशियंस ने अपने अधिकार, वेतन, कैडर को लेकर उठाये सवाल    

-पोषण धारा एसोसिएशन के तत्‍वावधान में सरकारी व निजी क्षेत्र में तैनात डायटीशियंस की बैठक में हुई विस्‍तार से चर्चा

सेहत टाइम्‍स

लखनऊ। पोषण धारा एसोसिएशन के तत्‍वावधान में रविवार 14 मई को  ‘आहार विशेषज्ञ मीट’ का आयोजन किया गया। Nutrician and beyond : Diet, dialougue and rights विषय पर आयोजित इस मीट में डायटीशियंस के अधिकार, कैडर और वेतन जैसे मुद्दों पर चर्चा की गयी। इस विषय में एक प्रस्‍ताव तैयार करने का फैसला लिया गया। जिस पर सभी डायटीशियंस ने हस्‍ताक्षर अभियान चलाकर अपनी सहमति दी।

महानगर स्थित क्‍लासिक रेजीडेंसी रेस्‍टोरेंट में आयोजित बैठक में केजीएमयू की चीफ डायटीशियन सुनीता सक्‍सेना ने उपस्थित डायटीशियंस का स्‍वागत करते हुए कहा कि पोषण धारा एसोसिएशन के बैनर तले आज हम इकट्ठा हुए हैं, हमें अपनी परेशानियों और उसके हल को लेकर एक प्रस्‍ताव तैयार कर प्रशासन और शासन को भेजना चाहिये जिससे कि वे हमारी परेशानियों को समझ कर उसका समाधान कर सकें।

आरएमएल संस्‍थान की चीफ डायटीशियन डॉ पूनम तिवारी ने कहा कि लम्‍बे समय से संस्‍थानों में तैनात डायटीशियंस कैडर का पुनर्गठन नहीं हुआ है जबकि समय की मांग है कि इसका पुनर्गठन किया जाये जिससे प्रोन्‍नति जैसी प्रक्रिया की जा सके। बैठक में आहार विशेषज्ञों का कहना था कि उनके वेतन, नियमावली, उनके अधिकार के बारे में सरकार निर्धारण कर आदेश जारी करे, जिससे आहार विशेषज्ञ का शोषण न हो। बैठक में पिछले दिनों जयपुर में एक डायटीशियन द्वारा आत्‍महत्‍या किये जाने के मामले पर भी चर्चा की गयी।

डायटीशियंस का कहना था कि डायटीशियन बनने के लिए इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद ग्रेजुएशन, पोस्‍ट ग्रेजुएशन करने के बाद दो साल इंटर्नशिप करना आवश्‍यक होता है, यानी सात से आठ साल बाद एक डायटीशियन तैयार होती है, ऐसे में उनका सम्‍मानजनक वेतन होना ही चाहिये। कहा गया कि निजी अस्‍पतालों में डायटीशियन को अच्‍छा वेतन नहीं मिल रहा है, ऐसे में सरकारी स्‍तर से वेतन निर्धारण जैसे मुद्दों का समाधान करने के लिए कदम उठाये जाने की आवश्‍यकता है। जिससे डायटीशियंस के अधिकारों का हनन न हो। बैठक में केजीएमयू की सीनियर डायटीशियन मृदुल विभा, संजय गांधी पीजीआई की सीनियर डायटीशियन रमा त्रिपाठी, रीता आनन्‍द, विद्या, प्रीती उपाध्‍याय, डॉ राधिका अवस्‍थी, कल्‍पना, डॉ कहकशां, परवीन, डॉ मुक्‍ता वोहरा, डॉ हर्षिता गुप्‍ता, डॉ इंदुजा दीक्षित, सुभाष यादव, रोहित यादव, पूजा गुप्‍ता, रफत जुबैदा, भावना सिंह, अंजू मिश्रा, शैलवी सिंह, रचना श्रीवास्‍तव सहित लगभग 50 से 60 डायटीशियन उपस्थित रहीं। बैठक में भाग लेने वाली डायटीशियंस लखनऊ के अलावा कानपुर, गोरखपुर, बरेली से आयी थीं। सभी ने अपने  अपने-अपने विचार रखते हुए कहा कि उन्‍हें पूरी उम्‍मीद है कि सरकार हम लोगों की परेशानियों को समझेगी और समस्‍याओं के समाधान की ओर कदम उठायेगी।

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