Friday , July 19 2024

पुरानी पेंशन पर निर्णय कर्मचारियों के पक्ष में आने का रक्षा मंत्री को विश्वास !

-मंत्रिपरिषद की बैठक में जोरदार पैरवी करने का आश्वासन दिया इपसेफ प्रतिनिधिमंडल को

-नयी दिल्ली में संपन्न इपसेफ की बैठक में 20 राज्यों के पदाधिकारियों ने लिया हिस्सा

सेहत टाइम्स

नई दिल्ली। लखनऊ के सांसद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कर्मचारियों की पुरानी पेंशन सहित अन्य मांगों की मंत्रिपरिषद की बैठक में जोरदार पैरवी करने का आश्वासन देते हुए विश्वास जताया है कि इस पर निर्णय कर्मचारियों के पक्ष में ही होगा।

इपसेफ के राष्ट्रीय सचिव अतुल मिश्रा ने यह जानकारी देते हुए बताया कि रक्षा मंत्री ने यह आश्वासन नयी दिल्ली में आज 7 जुलाई को उनके आवास पर पहुंचे इंडियन पब्लिक सर्विस एम्प्लॉईज फेडरेशन (इपसेफ) के प्रतिनिधिमंडल को देते हुए कहा कि पूरे राजनीतिक जीवन काल में उन्होंने कर्मचारियों के प्रति पारिवारिक दृष्टिकोण बनाकर उनकी मदद की है और करते रहेंगे। प्रतिनिधिमंडल में शामिल इपसेफ के 20 राज्यों के पदाधिकारियों ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से उनके आवास पर भेंट कर लोकसभा चुनाव में विजयी होने के लिए बधाई दी और आग्रह किया कि देशभर के कर्मचारियों की उपरोक्त मांगों पर सार्थक निर्णय कराएं। इससे पूर्व इपसेफ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक दिल्ली विश्वविद्यालय एंड कॉलेज कर्मचारी यूनियन कार्यालय में वी.पी. मिश्रा की अध्यक्षता में संपन्न हुई जिसमें 20 राज्यों के पदाधिकारियों ने भाग लिया।

इपसेफ ने मांगों को लेकर पारित किया प्रस्ताव

बैठक में कर्मचारियों की मांगों को लेकर एक प्रस्ताव पारित किया गया। इन मांगों में कहा गया है कि सरकार नई पेंशन व्यवस्था की जगह पुरानी पेंशन योजना लागू करे, स्थाई राष्ट्रीय वेतन आयोग गठित करे, महँगाई भत्ते का 50% मूल वेतन/पेंशन में शामिल करे, सरकारी क्षेत्र एवं स्वायत्तशासी निकायों में कार्यरत हर तरह के ठेका कर्मचारियों को नियमित कर हर तरह की ठेकेदारी प्रथा ख़त्म करे, सभी केन्द्रीय स्वायत्तशासी निकायों के कर्मचारियों को 2014-15 से देय बोनस बकाया राशि समेत भुगतान करे, कोरोना काल में मारे गये कर्मचारियों के एक आश्रित को 5% की सीमा से अलग अनुकम्पा आधार पर बिना शर्त नियुक्ति प्रदान करे, कोरोना काल में अवैध रूप से रोके गये महँगाई भत्ते का शीघ्र भुगतान करे।

मीटिंग में सर्व-सम्मति से निर्णय लिया गया कि उपरोक्त मांगों पूरी न होने पर पूरे देश में क्रमिक आन्दोलन करते हुए आगामी नवम्बर 2024 के महीने में इपसेफ का राष्ट्रीय सम्मलेन आयोजित किया जाएगा जिसमें इप्सेफ़ से जुड़े सभी कर्मचारी संगठन भाग लेंगे ।

महामंत्री प्रेमचंद ने बताया कि राज्यों के एवं संगठनों के 200 पदाधिकारियों ने बैठक में हिस्सा लिया जिनमें दीपक धोलकिया, राष्ट्रीय सलाहकार (दिल्ली), अनिल शुक्ला, वरिष्ठ उपाध्यक्ष (छत्तीसगढ़), विष्णुभाई पटेल, उपाध्यक्ष (गुजरात), देवेन्द्र शर्मा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष, राकेश सिंह भदौरिया, राष्ट्रीय अतिरिक्त महासचिव (दिल्ली), ईश्वर सिंह शर्मा, राष्ट्रीय सचिव (हरियाणा), हरि कृष्ण शाण्डिल राष्ट्रीय सचिव (हिमाचल प्रदेश), शाह फयाज़, राष्ट्रीय सचिव (जम्मू-कश्मीर) विपिन प्रकाश शर्मा, प्रदेश महासचिव, राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य, अतुल मिश्रा, राष्ट्रीय उप महासचिव (उ.प्र.), राम नगीना प्रसाद, सचिव (दिल्ली प्रदेश), विशिष्ट आमंत्रित सदस्य के. सुब्बा रेड्डी (आंध्र प्रदेश), आदि मौजूद थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Time limit is exhausted. Please reload the CAPTCHA.