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संविदा व आउटसोर्सिंग कर्मियों का हो रहा शोषण

-भारतीय मजदूर संघ की रैली में शामिल एक लाख कर्मचारियों ने बुलंद की आवाज  

सेहत टाइम्‍स

लखनऊ। संगठित एवं असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों व कर्मचारियों की मांगों को लेकर भारतीय मजदूर संघ की एक बड़ी रैली 27 सितंबर को मान्यवर कांशीराम को ईको गार्डन पार्क में आयोजित हुई जिसमें प्रदेश के समस्त विभागों,  रैली में आशा, आंगनबाड़ी, एनएचएम, आयुष्मान भारत जोयना,जलकल विभाग, शुगर फैक्ट्री, डिसलेरी ,रोडवेज, विद्युत, बैंक, बीमा, रेल, कृषि मजदूर, स्वायतशासी, सार्वजनिक क्षेत्र, प्रतिरक्षा, पोस्टल, बीएसएनएल समेत विभिन्न विभागों के नियमित, संविदा व आउटसोर्सिंग के करीब एक लाख कर्मचारी शामिल हुए।

रैली को संबोधित करते हुए भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय मंत्री अशोक कुमार शुक्ला ने कहा कि‍ प्रदेश एवं देश के विभिन्न विभागों में काम करने वाले कर्मचारियों एवं श्रमिकों की समस्याएं निरंतर बढ़ती जा रही हैं सभी विभागों एवं उद्योगों में नियमित कर्मचारियों के स्थान पर संविदा एवं आउटसोर्सिंग के कर्मचारियों की नियुक्तियां हो रही हैं और हर स्तर पर इनका शोषण किया जा रहा है। इन कर्मचारियों को किसी भी प्रकार की सामाजिक सुरक्षा न मिलने कारण इनके और इनके परिवारों का भरण पोषण कठिन हो रहा है इसलिए प्रदेश सरकार की नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि ऐसे सभी कर्मचारियों को उचित वेतन एवं सामाजिक सुरक्षा मुहैया कराए।

रैली में आये भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह  ने सरकारी कर्मचारी के पेंशन की बहाली की मांग करते हुए कहा कि सरकार के द्वारा जारी नई पेंशन नीति सुरक्षा एवं भविष्य को खतरे में डाल दिया है इस कारण वरिष्ठ नागरिकों का जीवन अधर में लटकता जा रहा है केंद्र एवं प्रदेश सरकार से यह मांग की कि यदि कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाली नहीं की जाती है तो आने वाले समय में केंद्र एवं प्रदेश सरकारों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय वित्त सचिव अनीश मिश्रा ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि आज सभी उद्योगों एवं विभागों में संविदा कर्मचारी कार्य कर रहे हैं उन्हें न उचित वेतन मिल रहा है और न ही सामाजिक सुरक्षा के दृष्टिगत इपीएफ, ईएसआई, ग्रेच्युटी जैसी सुविधाएं प्राप्त हो रही हैं सामाजिक सुरक्षा कानून के अंतर्गत ऐसे सभी कर्मचारी पात्र हैं।

क्षेत्रीय संगठन मंत्री अनुपम ने कहा कि आशा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निश्चित मानदेय के साथ सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाए महामंत्री ने कहा एनएचएम संविदा कर्मियों को मध्य प्रदेश सरकार की भांति समान कार्य समान वेतन, नियमित पद आने पर 50 प्रतिशत आरक्षण एवं सामाजिक सुरक्षा के दृष्टि पेंशन एनपीएस अनुकंपा के आधार पर नौकरी, स्थानांतरण नीति की बहाली तथा कोविड कर्मचारियों का समायोजन करने के साथ-साथ आयुष्मान भारत में कार्यरत कर्मचारियों का समायोजन राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में किया जाए।

संगठन के प्रदेश महामंत्री अनिल उपाध्याय ने कहा की प्रदेश में संविधान आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की कोई नीति न होने कारण कर्मचारियों का शोषण दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है सरकार को चाहिए कि कर्मचारियों के लिए नीति बनाए जिसमें सम्मानजनक वेतन सामाजिक सुरक्षा जैसी सुविधाएं संविदा एवं आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को मिल सके।

संगठन के प्रदेश अध्यक्ष विशेश्वर राय ने कहा कि परिवहन निगम में पूर्व आदेशों के अनुपालन हो, मृतक आश्रितों की नियुक्ति सभी संविदा कर्मचारियों की नियुक्ति, यात्री टैक्स में समानता एवं राज्य कर्मियों के अनुसार महंगाई भत्ता दिया जाए।

संगठन मंत्री रामनिवास सिंह ने कहा कि ऊर्जा विभाग नियमित निलंबित विद्युत कर्मचारियों को अभी तक बहाल नहीं किया गया है बिजली विभाग के कर्मचारियों की समस्याओं का निस्तारण करके बरखा संविदा कर्मचारी पुन बहाल किया जाए का 108, 102 के एंबुलेंस के बर्खास्त कर्मचारियों को जल्द बहाल किया जाए तथा आसमान और झूठे मुकदमे वापस किए जाएं।

पूर्व प्रदेश महामंत्री श्रीकांत अवस्थी, प्रदेश उपाध्यक्ष विनीता कुसुम मिश्रा, प्रदेश मंत्री सुरेश यादव, प्रदेश कार्यालय मंत्री संजय प्रताप सिंह, विभाग प्रमुख सुशील श्रीवास्तव, जिलाध्यक्ष, मिथिलेश शुक्ला, मीरा सिंह, हेमलता, मनमोहन दास, जिलामंत्री कीर्तिवर्धन सिंह, एनएचएम प्रदेश महामंत्री योगेश उपाध्याय आदि मौजूद रहे।

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