Wednesday , October 5 2022

सार्वजनिक स्वास्थ्य अनुसंधान क्षमता निर्माण और डिजिटल हस्तक्षेप को बढ़ावा देने के लिए अनुबंध

-केजीएमयू और जपाइगो के बीच एमओयू पर हस्‍ताक्षर

सेहत टाइम्‍स

लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी केजीएमयू, लखनऊ और जपाइगो, जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी एफिलिएट के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर आज 13 सितम्‍बर को हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक स्वास्थ्य अनुसंधान क्षमता निर्माण और डिजिटल हस्तक्षेप को बढ़ावा देने की दिशा में दोनों संस्थान कार्य करेंगे।  

एमओयू पर केजीएमयू की ओर से कुलपति ले.ज. डॉ. बिपिन पुरी और जपाइगो की ओर से कंट्री डाइरेक्‍टर डॉ. सोमेश कुमार हस्ताक्षर किए।  इस मौके पर केजीएमयू टीम के अन्य सदस्यों में अनुबंध कमेटी के डॉ. आर.के. गर्ग, हेड कम्‍युनिटी मेडिसिन एंड पब्लिक हेल्‍थ डॉ मोनिका अग्रवाल और नोडल-टेलीमेडिसिन डॉ शीतल वर्मा उपस्थित रहीं। इस मौके पर जपाइगो टीम में स्टेट प्रोग्राम मैनेजर डॉ संजय त्रिपाठी, डॉ दिनेश सिंह, डॉ आशीष श्रीवास्तव, डॉ. मेघशीश शर्मा, साई भरत, और कपिल देव शर्मा शामिल हुए।

डॉ शीतल वर्मा ने बताया कि‍ दोनों संस्थानों के बीच इस अनुबंध के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं के प्रमुख क्षेत्रों में टेलीमेडिसिन सेवा वितरण को मजबूत करना शामिल है। इसके अलावा, संस्थान राज्य में स्वास्थ्य प्रणाली में स्वास्थ्यकर्मियों की क्षमता में सुधार करने की दिशा में भी काम करेंगे। इस प्रयास में नर्सिंग कैडर सेवाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस अनुबंध ने मौखिक स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य, बुजुर्गों और उपशामक देखभाल, ईएनटी और नेत्र देखभाल, और आपातकालीन और आघात देखभाल में उत्कृष्टता के लिए एक केंद्र स्थापित करने की नींव भी रखी है। सहयोग के अन्य क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं, महिला कैंसर और गैर-संचारी रोग भी शामिल होंगे।

उन्‍होंने बताया कि संस्थान संयुक्त रूप से राज्य में मौजूद वर्तमान स्वास्थ्य चुनौतियों में अंतर्दृष्टि प्राप्त करने के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान भी करेंगे और उसी के लिए समाधान विकसित करने की दिशा में साक्ष्य-आधारित (एविडन्स बेस्ड) कार्रवाई करेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

1 × 3 =

Time limit is exhausted. Please reload the CAPTCHA.