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उपलब्धि : 11 वर्षीय अभियांश की पुस्‍तक COVID के डेढ़ साल को प्रधानमंत्री ने सराहा

-कोविड के कारण बच्‍चों की बदली लाइफ स्‍टाइल पर पड़े प्रभाव, उनके मनोभावों का सुन्‍दर वर्णन किया है अभियांश ने

अभियांश शुक्ला

सेहत टाइम्‍स

लखनऊ। ला मार्टिनियर बॉयज़ कॉलेज, लखनऊ के छठी कक्षा के छात्र अभियांश शुक्ला द्वारा भारत में कोविड स्थिति पर लिखी पुस्‍तक को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना मिली है। 11 वर्ष के अभियांश ने इस पुस्‍तक में बच्‍चों के लिए ये 500 दिन कैसे रहे हैं, इसके बारे में बड़े ही अच्‍छे ढंग से वर्णन किया है। अभियांश की यह पुस्‍तक दिल को छूती है।

26 फरवरी के अपने पत्र में प्रधानमंत्री ने अभियांश की इस पुस्‍तक के लेखन के लिए प्रशंसा करते हुए अभियांश को लिखा “सदी में एक बार महामारी ने दुनिया भर के लोगों को प्रभावित किया है, महामारी के खिलाफ भारत की लड़ाई हमारी सामूहिक भावना और ‘सबका प्रयास भावनाओं की एक विस्तृत श्रृंखला को व्यक्त करने में आपकी संवेदनशीलता का एक चमकदार उदाहरण है। महामारी के दौरान व्यक्तिगत अनुभव प्रशंसनीय है। महामारी के कारण आने वाली चुनौतियों को एक बच्चे के दृष्टिकोण से प्रभावी ढंग से बताया गया है। सरल भाषा और चित्र पुस्तक को दिलचस्प बनाते हैं। विवरणों पर दिया गया मिनट का ध्यान इस बाल लेखक के श्रमसाध्य प्रयास में परिलक्षित होता है।

अभियांश के पिता डॉ अभिषेक शुक्ला, जो आस्‍था ओल्‍ड एज होम चलाते हैं, का कहना है कि अभियांश ने महामारी की छुट्टियों के दौरान अपने समय का अच्छी तरह से उपयोग किया और इस पुस्तक को 13 अध्यायों के साथ लिखा। इसमें सरकार और समाज द्वारा उठाए गए सक्रिय कदमों को दर्शाया गया है। किताब वास्तव में सभी उम्र के बीच लोकप्रिय हो रही है।

अभियांश ने अपनी किताब “COVID के डेढ़ साल” में बताया है कि कैसे ये 500 दिन भारत के बच्चों के लिए रहे हैं, घर पर रहना, कोई स्कूल नहीं, कोई खेल नहीं, कोई आउटिंग नहीं, कोई बर्थडे पार्टी नहीं, कोई पॉकेट मनी नहीं।

पुस्तक हाल ही में प्रकाशित हुई है, (ISBN 978-93-5472-005-5) और यह Amazon, FLIPKART, GOOGLE PLAY, KINDLE और विश्व स्तर पर अग्रणी बुक स्टोर्स पर ऑनलाइन उपलब्ध है।

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