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कैंसर के असहनीय दर्द में दी जाने वाली नारकोटिक्‍स दवाएं भी उपलब्ध करायेगा आस्था सेंटर

-नारकोटिक्‍स ड्रग रखने और वितरित करने के लिए यूपी के औषधि नियंत्रक ने जारी किया लाइसेंस

-उत्‍तर प्रदेश में निजी क्षेत्र का प्रथम संस्‍थान जिसे इन दवाओं के लिए मान्‍यता प्राप्‍त चिकित्‍सा संस्‍थान का प्रमाणपत्र मिला

डॉ अभिषेक शुक्ला

सेहत टाइम्‍स

लखनऊ। बुजुर्गों के इलाज और उनकी देखभाल कर रहे आस्‍था सेंटर फॉर जीरियाट्रिक मेडिसिन, पैलिएटिव केयर हॉस्पिटल, हॉस्‍पाइस एंड सोशल वेलफेयर सोसाइटी अब कैंसर जैसे भयंकर दर्द से तड़पते मरीजों के दर्द को दूर करने के लिए मार्फीन से बनी दवाओं को भी उपलब्‍ध करायेगी। उत्‍तर प्रदेश की ड्रग लाइसेंस अथॉरिटी द्वारा आस्‍था सेंटर को आवश्‍यक मादक पदार्थों से बनी औषधियों को रखने और वितरित करने के लिए मान्‍यता प्राप्‍त चिकित्‍सा संस्‍थान का सर्टीफि‍केट देते लाइसेंस जारी किया गया है।

इस बारे में आस्‍था सेंटर के संस्‍थापक डॉ अभिषेक शुक्‍ला ने बताया कि कैंसर के मरीजों को होने वाले असहनीय दर्द से निजात दिलाने के लिए प्रयोग की जाने वाली टेबलेट और इंजेक्‍शन के रूप में इन दवाओं की उपलब्‍धता सिर्फ आस्‍था सेंटर में इलाज ले रहे बुजुर्गों तक ही सी‍मित नहीं है, इस सुविधा का लाभ कैंसर से पीडि़त दूसरे मरीजों को भी उपलब्‍ध रहेगा।

उन्‍होंने कहा कि इस प्रति‍बंधित दवा को मरीज के परचे, जिस पर विशेषज्ञ ने मरीज को खाने की सलाह दी हो, पर ही उपलब्‍ध कराया जायेगा। उन्‍होंने बताया कि मेरी जानकारी के अनुसार आस्‍था केंद्र उत्‍तर प्रदेश में निजी क्षेत्र का पहला संस्‍थान है जिसे नारकोटिक्‍स दवाओं के लिए मान्‍यता प्राप्‍त चिकित्‍सा संस्‍थान का दर्जा दिया गया है।

ज्ञात हो मादक पदार्थों से निर्मित इन दवाओं का नशे के लिए दुरुपयोग न किया जा सके, इसके लिए इसका पृथक लाइसेंस जारी होता है और साथ ही इन दवाओं को किन मरीजों के लिए वितरित किया गया, इसका रिकॉर्ड भी रखना होता है। अभी तक इन दवाओं की उपलब्‍धता सिर्फ चुनिंदा सरकारी संस्‍थानों में ही है।