भारत में हर साल 12 लाख लोग ग्रस्‍त हो जाते हैं कैंसर से

केजीएमयू के रेडियोडायग्नोसिस और रेडियोथैरेपी विभाग ने मनाया 32वां स्‍थापना दिवस

लखनऊ। आज दिनांक 17 दिसंबर को किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के रेडियोडायग्नोसिस और रेडियोथैरेपी विभाग ने अपने 32वें स्थापना दिवस समारोह का आयोजन शताब्दी अस्पताल में किया। इस अवसर पर टाटा मेमोरियल सेंटर के डॉ इन्द्रनील मलिक ने बताया कि भारत में प्रत्येक वर्ष लगभग 12 लाख नए कैंसर रोगियों का पता चलता है। उन्होंने बताया कि 5 से 10 प्रतिशत कैंसर के ऐसे मामले सामने आते हैं जो अनुवांशिक होते हैं।

डॉ इन्द्रनील मलिक ने मलाशय कैंसर की रेडियोथैरेपी के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस अंग के कैंसर में विश्व के अलग-अलग भागों में रेडियोथैरेपी की विद्या विभिन्न है। यह Long Course और Short Course के रूप में दी जाती है। उन्होंने बताया कि शोध व अध्ययनों से पता लगा है कि Long Course रेडियोथैरेपी क्योंकि बढ़ी अवस्था में अधिक कारगर है इसलिए हमारे देश में यह अधिक उपयोगी है।

80 प्रतिशत कैंसर का कारण तम्‍बाकू और धूम्रपान

इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एसोसिएशन ऑफ रेडिएशन ऑन्‍कोलॉजिस्‍ट ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ राजेश वशिष्ठ ने बताया कि बच्चों में होने वाला 20 प्रतिशत कैंसर जेनेटिक होता है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कैंसर होने का 80 प्रतिशत कारण तंबाकू, धूम्रपान करने से होता है। उन्होंने बताया कि पुरुषों में मुंह, गले और आहारनाल को कैंसर कॉमन है, जिसका प्रतिशत पुरूषों में 50 प्रतिशत है।

हर संभव मदद का आश्‍वासन दिया कुलपति ने

इस अवसर पर केजीएमयू के कुलपति प्रोफेसर एमएलबी भट्ट ने रेडियोडायग्नोसिस और रेडियोथैरेपी विभाग को चिकित्सा विश्वविद्यालय की महत्वपूर्ण इकाई बताते हुए कहा कि स्थापना दिवस के अवसर पर कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के प्रति आमजन को जागरूक किए जाने के संबध में किसी भी चिकित्सा संस्थान एवं विभाग द्वारा आयोजत कार्यक्रम ही स्थापना दिवस मनाने का सही तरीका है। इस अवसर पर उन्होंने रेडियोडायग्नोसिस और रेडियोथैरेपी विभाग को पहले से बेहतर बनाने के लिए हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।

आंकड़ों से तय हो सकेगी उपचार की दशा

इस अवसर पर सुपर स्पेशलिस्ट कैंसर इंस्टीट्यूट, चकगंजरिया के निदेशक प्रोफेसर शालीन कुमार ने सभी अस्पतालों से कैंसर मरीजों से जुड़े आंकड़े एकत्र करने, उनका विश्लेषण करने तथा उन्हें प्रकाशित करने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि इससे निर्गत परिणाम उपचार की दशा को बदलने में क्रांतिकारी होंगे।

 

इस अवसर पर यूएसए से आए डॉ मोहित अग्रवाल ने वृद्धावस्था की सामान्य बीमारियों जैसे याददाश्त कमजोर हो जाना,  के बारे में बताते हुए कहा कि नई तकनीकों से इस बीमारी को पहचानना,  इसका शीघ्र उपचार करना संभव हो सकेगा।

जल्द ही 3 टेस्ला एमआरआई मशीन लगेगी शताब्दी हॉस्पिटल फेज-1 में

कार्यक्रम में रेडियो डायग्नोसिस विभाग की हेड प्रो नीरा कोहली और रेडियोथैरेपी विभाग के हेड प्रो राजीव गुप्ता ने अपने विभाग की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट पेश की। प्रो0 नीरा कोहली ने बताया कि जल्द ही 3 टेस्ला एमआरआई मशीन शताब्दी फेज-1 में इंस्टाल्ड की जाएगी। इस अवसर पर विभाग के डॉक्टर एवं कर्मचारियों को उनके उत्कृष्ट सेवाओं के लिए मुख्य अतिथि डॉ राजेश वशिष्ठ एवं केजीएमयू के कुलपति प्रो एमएलबी भट्ट द्वारा सम्मानित किया गया।

 

कार्यक्रम में डिप्टी रजिस्ट्रार प्रो0 अनित परिहार ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए उनके सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर स्थापना समारोह के मुख्य आयोजनकर्ता डॉ सुधीर सिंह, डॉ मोहित अग्रवाल, एसजीपीजीआई रेडियोथैरेपी विभाग की हेड प्रो0 पुनिता लाल सहित विभाग के अन्य डाक्टर, कर्मचारियों सहित छात्र-छात्राएं शामिल हुए।