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बिना ठीक से धुली कच्‍ची सब्‍जी बना सकती है पेट में बड़ी गांठ

-बलरामपुर अस्‍पताल में टेपवर्म से पेट में बनी 36 X 26 सेंटीमीटर की गांठ सर्जरी कर निकाली गयी

डॉ एसके सक्सेना

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। सलाद में इस्‍तेमाल की जाने वाली सब्जियों, पानी या किसी भी तरह से खाने-पीने की वस्‍तुओं के साथ गंदगी पेट में जाने से बचाना बहुत जरूरी है। उत्‍तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित बलरामपुर चिकित्सालय में तीन घंटे से ज्‍यादा चली सर्जरी में एक 19 वर्षीय युवक के पेट से 36 गुणा 26 सेंटीमीटर के आकार की गांठ पेट से निकाल कर मरीज को नया जीवन प्रदान करने में सफलता मिली है, आकार में बहुत बड़ी होने के कारण गांठ मरीज के पेट के अंदर दाहिनी तरफ के अंगों को इतना दबा रही थी कि दायें तरफ के अंग बायीं तरफ खिसक रहे थे। 30 जुलाई को हुई सर्जरी के बाद अब मरीज राहत महसूस कर रहा है। यह गांठ टेपवर्म के चलते बनी थी, खाने या पानी के साथ पेट में गंदगी जाने से टेपवर्म पेट में पनपने लगते हैं। यह बीमारी प्रति 1 लाख की आबादी पर 1 से 220 लोगों में होती है, यह एक दुर्लभ बीमारी है।

बलरामपुर चिकित्‍सालय के मीडिया प्रवक्‍ता एसएम त्रिपाठी द्वारा जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि अस्‍पताल के न्यू बिल्डिंग प्रथम तल वार्ड नंबर 21 में भर्ती रामनगर, बाराबंकी निवासी सत्य प्रकाश पुत्र राम राज जो कि किसान परिवार से है, इस मरीज के पिछले 4 महीने से पेट में गांठ बनी हुई थी, जो कि पूरे पेट में फैल गयी थी। इस मरीज को बाराबंकी से केजीएमयू के लिए रेफर किया गया था लेकिन घरवालों ने फैसला किया कि वे मरीज को लेकर बलरामपुर अस्‍पताल जायेंगे। यहां जांचें हुईं तो पता चला कि उसे टेपवर्म की शिकायत है।

इसके बाद निदेशक डॉ रवींद्र कुमार श्रीवास्तव की अध्‍यक्षता में सीएमएस डॉ आरके गुप्ता, अधीक्षक डॉ हिमांशु चतुर्वेदी की क्लीनिकल मीटिंग हुई, इसके बाद वरिष्ठ परामर्शदाता सर्जन डॉ एसके सक्सेना ने एनेस्थेटिस्‍ट डॉ एमपी सिंह के साथ मिलकर 30 जुलाई को सर्जरी की तीन घंटे चली सर्जरी में गांठ को निकाल दिया गया।

डॉ सक्सेना ने बताया कि यह टेपवर्म की बीमारी कुत्ते के मल से, दूषित खाद्य पदार्थ से या गंदा पानी पीने से पहुंच जाती है।

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