-संयुक्त स्वास्थ्य आउटसोर्सिंग संविदा कर्मचारी संघ के महामंत्री सच्चिता नन्द मिश्र ने की मुख्यमंत्री से शिकायत

सेहत टाइम्स
लखनऊ। जहां एक तरफ सरकार लाखों युवाओं को रोजगार देने की बात करती है, साथ ही सभी आउटसोर्सिंग सेवाएं जेम पोर्टल के माध्यम से किये जाने की नीति 2020 भी बनायी गयी है, लेकिन इन दोनों ही व्यवस्थाओं को दरकिनार कर युवाओं को बेरोजगार कर पेंशनधारियों को नौकरी देने का कार्य किया जा रहा है। यह कहना है संयुक्त स्वास्थ्य आउटसोर्सिंग संविदा कर्मचारी संघ के महामंत्री सच्चिता नन्द मिश्र का। उन्होंने इस विषय में मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर इसकी शिकायत की है।
सच्चितानंद ने यह जानकारी देते हुए कहा है कि इस मामले में महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाएं द्वारा एक आदेश जारी किया गया जिसमें कहा गया की सुरक्षा कर्मियों की सेवाएं सैनिक कल्याण निगम से बिना जेम पोर्टल अनुबंध के ली जाएंगी। उन्होंने बताया कि महानिदेशक के इस आदेश से प्रदेश के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों द्वारा चिकित्सालय में तैनात सुरक्षाकर्मियों को कार्य मुक्त किए जाने की कार्यवाही शुरू कर दी गई।


इस आदेश को अवैधानिक बताते सच्चिता नन्द मिश्र द्वारा मुख्यमंत्री से शिकायत की गई है और यह कहा गया है कि सभी आउटसोर्स सेवाएं जेम पोर्टल द्वारा लिए जाने का शासनादेश है फिर भी महानिदेशक युवाओं को बेरोजगार कर पेंशनधारी लोगों को नौकरी देने का आदेश जारी कर रहे हैं जो कि सरकार की नीतियों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि अगर इसी प्रकार कर्मचारी कार्य मुक्त किए गए तो प्रदेश के सभी चिकित्सालय में कार्यरत कर्मचारियों में आक्रोश विद्यमान होगा तथा हजारों की संख्या में कर्मचारी बेरोजगार होंगे। इसका सीधा असर चिकित्सालयों की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ेगा। महामंत्री ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि इस आदेश को निरस्त किए जाने तथा सुरक्षाकर्मियों की सेवाएं जारी रखे जाने के लिए शीघ्र निर्देश जारी किया जाय।
