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टीबी के मरीज खोजने में भी उत्तर प्रदेश सबसे आगे, बनाया रिकॉर्ड

-वर्ष 2023 में यूपी में 6,24,490 टीबी मरीजों का नोटीफिकेशन, लखनऊ में सर्वाधिक 28283

ब्रजेश पाठक

सेहत टाइम्स

लखनऊ। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत वर्ष 2023 में उत्तर प्रदेश ने 6,24,490 टीबी मरीजों को नोटिफाई कर देश में एक इतिहास रचा है। देश में कार्यक्रम के तहत अब तक एक साल के भीतर किया गया यह सबसे अधिक नोटिफिकेशन है। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इस उपलब्धि का श्रेय राज्य व जिला स्तरीय अधिकारियों की कड़ी मेहनत के साथ ही ग्राम स्तर पर ग्राम प्रधानों और समुदाय की सक्रिय भागीदारी को दिया है। उनका कहना है कि सभी के सामूहिक प्रयासों से ही यह संभव हो सका है।

उप मुख्यमंत्री ने कहा है कि सेंट्रल टीबी डिवीजन ने इस साल उत्तर प्रदेश को 5.50 लाख टीबी मरीजों के नोटिफिकेशन का लक्ष्य दिया था। उस लक्ष्य से बहुत आगे बढ़कर उत्तर प्रदेश ने एक रिकार्ड (6,25,690 मरीज) बनाया है। वर्ष 2023 में लखनऊ में सबसे अधिक 28283 टीबी मरीज नोटिफाई किये गए जबकि आगरा में 27231, कानपुर नगर में 24624, अलीगढ़ में 19282 और गाजियाबाद में 19191 टीबी मरीजों का नोटिफिकेशन किया गया। वर्ष 2022 में प्रदेश में करीब 5.23 लाख टीबी मरीजों को नोटिफाई किया गया था। इस तरह प्रदेश ने साबित कर दिया है कि वह वर्ष 2025 तक देश को टीबी मुक्त बनाने के प्रधानमंत्री के संकल्प को साकार करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

सभी की भूमिका उल्लेखनीय

डिप्टी सीएम ने कहा कि इस उपलब्धि को हासिल करने में स्वास्थ्य केन्द्रों पर हर माह की 15 तारीख को आयोजित होने वाले एकीकृत निक्षय दिवस, दस्तक अभियान के दौरान टीबी मरीजों की पहचान, समय-समय पर एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान चलाने की भी बड़ी भूमिका रही। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर टीबी की स्क्रीनिंग और सैम्पल कलेक्शन से भी मरीजों के नोटिफिकेशन में तेजी आई है। ब्लॉक स्तर पर उपलब्ध ट्रूनाट मशीनों से भी टीबी की जांच शुरू होने से कार्यक्रम को मजबूती मिली है। टीबी मुक्त पंचायत की पहल भी इसमें सहायक बनी है क्योंकि अब ग्राम प्रधानों में होड़ है कि उन्हें अपने गांव को टीबी मुक्त बनाना है।

टीबी चैम्पियनों ने बढ़ाया मनोबल

प्रदेश में बड़ी तादाद में शिक्षण संस्थानों, गैर सरकारी संस्थाओं और व्यक्तिगत तौर पर लोग निक्षय मित्र की भूमिका में आगे आये हैं और टीबी मरीजों को गोद लेकर बेहतर पोषण मुहैया कराने के साथ ही भावनात्मक सहयोग भी प्रदान कर रहे हैं। टीबी चैम्पियन भी टीबी मरीजों का मनोबल बढ़ाने के साथ ही लक्षण वाले लोगों को टीबी जांच के लिए प्रेरित करने की अहम भूमिका निभा रहे हैं। इस तरह की सामूहिक जिम्मेदारी से ही प्रदेश में क्षय उन्मूलन कार्यक्रम को बल मिल रहा है और हम निश्चित रूप से इसमें सफल होंगे। लखनऊ और गोरखपुर में स्टेट टीबी ट्रेनिंग डिमांस्ट्रेशन सेंटर की स्थापना का निर्णय कल ही लिया गया है, जो क्षय उन्मूलन कार्यक्रम में और तेजी लाएगा। इन केन्द्रों के माध्यम से टीबी के लक्षण और इलाज आदि की बारीकियों को समझाने के साथ ही चिकित्सकों, पैरा मेडिकल स्टाफ व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा।

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