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‘मारीच’ के प्रमोशन के लिए लखनऊ पहुंचे तुषार कपूर

-9 दिसम्‍बर को रिलीज हो रही है फि‍ल्‍म

सेहत टाइम्‍स

लखनऊ। तुषार कपूर अभिनीत और निर्मित फि‍ल्‍म ‘मारीच’ आगामी 9 दिसम्‍बर को रिलीज हो रही है। मर्डर मिस्‍ट्री से लबरेज मारीच के प्रमोशन के लिए शनिवार को तुषार कपूर उत्‍तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में थे।

गोमती नगर स्थित रिवर साइड मॉल में पहुंचे तुषार कपूर से पूछा गया कि फि‍ल्‍म का नाम रामायण के एक कैरेक्‍टर के नाम पर रखने के पीछे क्‍या यह वजह है कि एक खास वर्ग इस फि‍ल्‍म को जरूर देखे। इस प तुषार ने कहा कि नहीं ऐसा नहीं है, उन्‍होंने बताया कि जिस प्रकार मारीच छद्म वेश में रहते हुए अपनी असलियत प्रकट नहीं होने देता है उसी प्रकार फि‍ल्‍म में हत्‍यारा अपनी पहचान छिपाये रखने में सफल होता जाता है। कुल मिलाकर फिल्म के अनोखे शीर्षक और अनूठी कास्टिंग ने सभी की उत्सुकता बढ़ा दी है।

फि‍ल्‍म में दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह भी हैं, तुषार एंटरटेनमेंट हाउस के बैनर तले निर्माता के रूप में ‘मारीच’ अक्षय कुमार स्टारर ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘लक्ष्मी’ के बाद तुषार कपूर की दूसरी फिल्म होगी।

ध्रुव लाथेर द्वारा लिखित और निर्देशित, ‘मारीच’ एक व्होडुनिट थ्रिलर है जहां तुषार एक बदमाश पुलिस अधिकारी की भूमिका निभाते नजर आएंगे। फिल्म में बेहद प्रतिभाशाली वरिष्ठ अभिनेता- नसीरुद्दीन शाह भी महत्वपूर्ण भूमिका में नजर आएंगे। निर्माताओं ने फिल्म के दिलचस्प और प्रभावशाली लोगो के साथ आज रिलीज की तारीख की घोषणा की और संदेश दिया- कैच द एविल!

फिल्म के बारे में बात करते हुए तुषार कहते हैं, ‘कई कारणों से यह फिल्म मेरे दिल के बहुत करीब है। एक निर्माता के रूप में ‘लक्ष्मी’ के बाद ‘मारीच’ मेरी दूसरी फिल्म है और मैं बहुत लंबे समय के बाद नसीरुद्दीन शाह साब के साथ फिर से जुड़ने जा रहा हूं। फिल्म ने मुझे एक अभिनेता के रूप में कई स्तरों पर चुनौती दी है क्योंकि यह उस काम से बहुत अलग है जिससे मैं पहले जुड़ा रहा हूं, मुझे उम्मीद है कि दर्शकों को मेरा यह नया रंग पसंद आएगा। तुषार का कहना है कि 9 दिसंबर को मारीच को सिनेमाघरों में दर्शकों के सामने लाने के लिए बेहद उत्साहित हूं।

लखनऊ को बताया मुम्‍बई से बेहतर

तुषार ने अपने स्‍वागत के लिए लखनऊ को धन्‍यवाद दिया। लखनऊ के बारे में पूछने पर तुषार ने कहा कि लम्‍बे समय बाद यहां आया हूं, उन्‍होंने कहा कि यहां की सड़कें, हाईवे और दूसरे बदलाव देखे। उन्‍होंने कहा कि हाईवेज पर घूमे तो लगा कि ये तो मुम्‍बई से ज्‍यादा प्‍लान्‍ड तरीके से बनाया गया है। यहां की संस्‍कृति भी बहुत अच्‍छी है।