-वर्तमान में NHM कार्मिकों के लिए को कोई नियमित सेवा नियम लागू नहीं

सेहत टाइम्स
लखनऊ। संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ, उत्तर प्रदेश ने मांग की है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत कार्यरत कार्मिकों के पद राज्य-आधारित व्यवस्था में सृजित कर बजट राज्य से उपलब्ध कराया जाए।
संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ, उत्तर प्रदेश के महामंत्री योगेश कुमार उपाध्याय ने कहा कि संगठन का कहना है कि भारत सरकार वर्ष 2011 से निरंतर यह स्पष्ट करती आ रही है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत कार्यरत मानव संसाधन के लिए राज्यों को पद सृजित कर एक स्थायी, राज्य-आधारित स्वास्थ्य व्यवस्था विकसित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इसी क्रम में 2011 के IPHS (Indian Public Health Standards) दिशा-निर्देशों में यह स्पष्ट रूप से उल्लेखित है कि राज्यों को अपनी आबादी एवं स्वास्थ्य सेवा की आवश्यकता के अनुसार नियमित पदों का सृजन करना चाहिए।
योगेश कुमार ने कहा कि भारत सरकार द्वारा भी 09 दिसम्बर 2025 को यह भी स्पष्ट किया गया कि NHM का बड़ा हिस्सा केवल वेतन भुगतान में व्यय हो रहा है, जबकि इसके लिए पूर्व में ही राज्यों को राज्य-आधारित मानव संसाधन व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में NHM कार्मिक न तो किसी नियमित सेवा नियमों के अंतर्गत आते हैं और न ही उन पर स्कीम वर्कर अथवा NGO वर्कर से संबंधित कोई स्पष्ट नीति लागू होती है। इस अस्पष्टता के कारण सेवा सुरक्षा, नीति-नियम, स्थानांतरण, मानदेय एवं भविष्य को लेकर गंभीर अव्यवस्थाएँ बनी हुई हैं।
उन्होंने कहा कि मिशन निदेशक, NHM उ०प्र० द्वारा भी बीती 5 जनवरी को जारी पत्र में यह स्पष्ट संकेत दिया गया है कि जो पद रिक्त हैं और अति-आवश्यक नहीं हैं, उन्हें समाप्त किया जाएगा, तथा जो पद अति-आवश्यक हैं, उन्हें NHM से हटाकर राज्य बजट में स्थानांतरित किए जाने की कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था स्वयं इस तथ्य की पुष्टि करती है कि NHM के माध्यम से मानव संसाधन का संचालन दीर्घकालिक समाधान नहीं है।
योगेश कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य राज्य का विषय है अतः संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ, उत्तर प्रदेश यह मांग करता है कि भारत सरकार के 2011 से जारी निर्देशों तथा 09 दिसम्बर 2025 की टिप्पणी एवं मिशन निदेशक, NHM उ०प्र० द्वारा जारी पत्र दिनांक 05-01-2026 के आलोक में उत्तर प्रदेश में कार्यरत NHM कार्मिकों का वेतन एवं पद राज्य बजट से सुनिश्चित किया जाना चाहिए जिससे प्रदेश को स्थायी, सुदृढ़ एवं जवाबदेह स्वास्थ्य व्यवस्था प्राप्त हो सके।
उन्होंने कहा कि यदि NHM कार्मिकों को राज्य-आधारित संविदा नीति अथवा नियमित पद संरचना के अंतर्गत लाया जाता है, तो वर्षों से चली आ रही प्रशासनिक अव्यवस्थाएँ समाप्त होंगी, स्वास्थ्य कर्मियों को स्थायित्व एवं सम्मान मिलेगा और आम जनता को निरंतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध होंगी।

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