कोरोना के बाद होने वाली परेशानियां दूर करने के लिए भी होम्‍योपैथी में मौजूद है उपचार

-नेगेटिव होने के बाद कमजोरी, चक्‍कर, भूख में कमी, याददाश्‍त में कमी जैसी शिकायतें हो रहीं

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। कोरोना काल में जनता के मन मेँ कोरोना के सम्बंध मेँ अनेक धारणाएं व्याप्त हैं, इसे लेकर लोगों के मन में अनेक प्रकार के सवाल उठते हैं जिनका उत्‍तर पाने की जिज्ञासा होती है। केन्द्रीय होम्योपैथिक परिषद के पूर्व सदस्य एवं वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ अनुरुद्ध वर्मा का कहना है कि उनके पास अनेक प्रकार प्रश्‍नों का उत्‍तर जानने के लिए फोन आते हैं। इनमें कुछ कॉमन प्रश्‍नों का उत्‍तर इस प्रकार है।     

प्रश्न: होम्योपैथी मेँ कोरोना से बचाव का क्या उपाय है।                   

उत्तर: होम्योपैथी में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए आयुष मंत्रालय ने आर्सेनिक एल्बम 30 शक्ति में 3 दिन तक प्रातः खाली पेट लेने की सलाह दी है रोग प्रतिरोधक क्षमता बढने से कोरोना से बचाव में मदद मिलेगी।

प्रश्न: कोरोना संक्रमण के पश्चात नेगटिव हो जाने के बाद क्या सामान्य जीवन जी सकते हैं।                  

उत्तर: कोरोना निगेटिव हो जाने के बाद भी मास्क लगाना, बार बार हाथ धोना, दो गज की दूरी बनाये रखना, भीड़-भाड़ में जाने से बचना, गुनगुना पानी पीना, संतुलित आहार लेना, विटामिन सी का प्रयोग करना और चिकित्सक द्वारा बताई गयी सलाह का पालन करना चाहिए।

प्रश्न: आज कल सोशल मीडिया पर कोरोना के लिए अनेक होम्योपैथिक और आयुर्वेदिक नुस्‍खे बताये जा रहें हैं क्या उन्हें लेना चाहिए।

उत्तर: सोशल मीडिया पर बताये गयी सलाह पर अमल करना उचित नहीं है। सरकारी दिशा निर्देशों और प्रशिक्षित चिकित्सक की सलाह से ही कोई दवाई लेनी चाहिये।

प्रश्न: क्‍या कोरोना संक्रमण के बाद होने वाली जटिलताओं का उपचार होम्योपैथी में है।

उत्तर:कोरोना संक्रमण के बाद, चक्कर आना, भूख कम लगना, याददाश्त में कमी आदि की समस्याएं हो सकती हैं। पौष्टिक भोजन लें, योग, प्राणयाम करें, दिन चर्या को नियमित करें। होम्योपैथी में इसके लिए प्रभावी औषधियाँ हैं जिनका प्रयोग चिकित्सक की सलाह पर ही करें।

प्रश्न: डायबिटीज के रोगी कोरोना वैक्सीन लगवा सकते हैं।         

उत्तर: कोरोना की वैक्सीन लगवा सकते हैं। डाइबिटीज को कंट्रोल रखें। कोरोना से बचाव के सभी उपाय करें।

प्रश्न: क्या होम्योपैथिक दवाइयां शरीर में ऑक्सीजन की कमी को दूर कर  सकती हैं।

उत्तर: होम्योपैथिक दवाइयाँ मेडिकल ऑक्सीजन का विकल्प नहीं हो सकती है परंतु यदि मेडिकल ऑक्सीजन के साथ प्रयोग की जाएं तो ऑक्सीजन पर निर्भरता कम हो सकती है और ऑक्सीजन लेवल बढ़ने में मदद मिल सकती है।

प्रश्न: क्या कोरोना के उपचार में एलोपैथिक दवाइयों के साथ होम्योपैथिक दवाइओं का प्रयोग किया जा सकता है।               

उत्तर: स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्धारित एलोपैथिक प्रोटोकाल के साथ यदि  प्रशिक्षित चिकित्सक की सलाह से होम्योपैथिक औधाधि ली जाए तो बेहतर परिणाम प्राप्त हो सकते हैं।

प्रश्न: क्या होम्योपैथी मेँ कोरोना की कोई पेटेंट दवाई है।

उत्तर: होम्योपैथी में रोग नहीं रोगी की औषधि होती है जो उसके व्यक्तिगत लक्षणों, आचार-विचार, व्यवहार, पसंद-नापसंद को ध्यान में रखकर दी जाती है।                               

प्रश्न:कोरोना की खबरों के कारण पर्याप्त नींद नहीं आती है।        

उत्तर: मन को शांत रखे, मधुर संगीत सुनें, हल्का भोजन करें, योग एवं प्राणयाम करें। खुली हवा में छत पर टहलें। नींद की दवाइओं का प्रयोग बिल्कुल न करें।                

प्रश्न: कोरोना नेगेटिव होने के कितने समय बाद टीका लगवा सकते हैं।

उत्तर: कोरोना से नेगटिव होने के एक महीने बाद कोरोना वैक्सीन का टीका लगवाया जा सकता है।