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क्वीनमैरी हॉस्पिटल में तीसरी रोबोटिक सर्जरी : गर्भाशय और दोनों फैलोपियन ट्यूब निकाले

-प्रो पुष्पलता संखवार के सर्जिकल नेतृत्व में की गयी सफल सर्जरी

सेहत टाइम्स

लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के क्वीन मैरी हॉस्पिटल में गर्भाशय में कई फाइब्रॉइड के कारण मासिक धर्म के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव की समस्या से जूझ रही 41 वर्षीय महिला की रोबोटिक हिस्टेरेक्टॉमी के साथ दोनों फैलोपियन ट्यूब निकालने (Bilateral Salpingectomy) की प्रक्रिया की गई।

SSI MANTRA Robotic Surgical System की मदद से की गई यह प्रक्रिया यूनिट हेड प्रो पुष्पलता संखवार के सर्जिकल नेतृत्व में हुई। KGMU के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में की गई यह तीसरी रोबोटिक हिस्टेरेक्टॉमी है।
यह जानकारी देते हुए बताया गया है कि चिकित्सकीय जांच और विशेषज्ञ परामर्श के बाद मरीज के लिए रोबोटिक सर्जरी का निर्णय लिया गया। प्रक्रिया के दौरान गर्भाशय और दोनों फैलोपियन ट्यूब को निकाला गया। सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति स्थिर रही और वह चिकित्सकीय निगरानी में स्वस्थ हो रही है।

बेहतर नियंत्रण की सुविधा

इस सर्जरी में डॉ. नेहा (एनेस्थेटिस्ट), सिस्टर शशि और टेक्नीशियन अम्बे के साथ SSI MANTRA टीम और अन्य तकनीकी सहयोगियों ने सहयोग किया। रोबोटिक तकनीक में हाई-डेफिनिशन 3-डी विजुअलाइजेशन और सर्जिकल उपकरणों पर बेहतर नियंत्रण की सुविधा मिलती है, जिससे जटिल पेल्विक सर्जरी में अधिक सूक्ष्मता के साथ काम करने में मदद मिलती है।

प्रो पुष्पलता संखवार ने कहा कि रोबोटिक तकनीक के माध्यम से उन्नत न्यूनतम इनवेसिव सर्जरी की सुविधा आम मरीजों तक पहुंच रही है। इस प्रक्रिया में पूरी टीम का समन्वित सहयोग रहा। हमारा प्रयास है कि महिलाओं को सुरक्षित, सटीक और आधुनिक सर्जिकल उपचार उपलब्ध कराया जाए। हॉस्पिटल की हेड डॉ अंजू अग्रवाल ने कहा कि KGMU में रोबोटिक स्त्री रोग सर्जरी का विस्तार उत्साहजनक है। इस आधुनिक तकनीक से उपयुक्त मरीजों को बेहतर न्यूनतम इनवेसिव उपचार उपलब्ध कराने की संभावनाएं बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में रोबोटिक और उन्नत न्यूनतम इनवेसिव सर्जरी के क्षेत्र में आगे भी काम जारी रखने की योजना है, ताकि जरूरत के अनुसार अधिक मरीजों को इसका लाभ मिल सके।