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कम्‍प्रेशर फटने से अलग हुए हाथ के पंजे को फि‍र से जोड़ने में सफलता

-केजीएमयू के प्‍लास्टिक सर्जरी विभाग ने की एक और सराहनीय सर्जरी

कटा हुआ हाथ

सेहत टाइम्‍स

लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के प्लास्टिक सर्जरी विभाग के चिकित्सकों ने एक 58 वर्षीय पुरुष की कलाई से कटकर अलग हो चुके हाथ को फिर से सफलतापूर्वक जोड़ने की उपलब्धि हासिल की है। सर्जरी के 14 दिन बाद जुड़े हुए स्थान पर रक्त संचार प्रॉपर तरीके से हो रहा है, जो इस बात का द्योतक है कि‍ सर्जरी सफल हुई है, अब मरीज को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।

हाथ जुड़ने के बाद की स्थिति

इस जटिल सर्जरी को करने वाली टीम के लीडर केजीएमयू के प्लास्टिक सर्जरी विभाग के प्रोफेसर डॉ बृजेश मिश्रा ने बताया कि‍ लखनऊ के कैसरबाग का रहने वाला 58 वर्षीय फुरकान की बीती 2 मार्च को वेल्डिंग कंप्रेसर के फटने से बाएं हाथ की कलाई से हाथ का पंजा पूरी तरह से अलग हो गया था। कटे हुए हाथ को कपड़े में लपेटकर ठंडे कंटेनर में रखकर परिजन मरीज को लेकर ट्रॉमा सेंटर पहुंचे।

प्रारम्भिक परीक्षण के बाद ट्रॉमा सेंटर से मरीज को प्‍लास्टिक सर्जरी विभाग रेफर कर दिया गया। प्रोफेसर बृजेश मिश्रा के नेतृत्व में मरीज की जांच की गई साथ ही परिजनों द्वारा लाए हुए कटे हुए हाथ का भी परीक्षण किया गया और फैसला किया गया कि इसे मरीज के हाथ में जोड़ा जा सकता है। डॉ बृजेश मिश्रा ने तुरंत ही सर्जरी के लिए टीम को अलर्ट किया और मरीज को आनन-फानन ऑपरेशन थियेटर पहुंचाया गया। करीब 6 घंटे की जटिल सर्जरी रात 11 बजे तक चली।

प्रोफेसर बृजेश मिश्रा ने बताया मरीज की सर्जरी के अब 14 दिन बाद जांच की गई तो कटे हुए हिस्से में पिन चुभोने पर ताजा रक्तस्राव होना पाया गया, इसी के बाद मरीज को छुट्टी दे दी गई है।

सर्जरी करने वाली टीम

ये चिकित्‍सक शामिल रहे सर्जरी करने वाली टीम में

इस सर्जरी में टीम लीडर डॉक्टर बृजेश मिश्रा, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ रवि कुमार के साथ ही डॉ किरण सिलवाल, डॉ नीलम चौहान, डॉ सौरभ महेंद्रु, डॉ प्राची, डॉ हर्ष राव के साथ ही एनेस्थेटिक्स के डॉ मनीष कुमार सिंह व उनकी टीम भी शामिल रही।

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