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निजी अस्‍पताल में हुई मारपीट में मे‍डिकल प्रोटेक्‍शन एक्‍ट के तहत मुकदमे की मांग

-आईएमए के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस आयुक्‍त से मिलकर की अभियुक्‍तों की गिरफ्तारी की मांग

-अर्जुन गंज स्थित एडवांस न्यूरो एंड जनरल हॉस्पिटल में मारपीट, तोड़फोड़ का मामला

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। यहां अर्जुनगंज स्थित एडवांस न्यूरो एंड जनरल हॉस्पिटल जिसे कोविड अस्‍पताल बनाया गया है, में भर्ती कोविड से ग्रस्त महिला की मृत्यु के बाद परिजनों द्वारा अस्पताल में की गई तोड़फोड़ और डॉक्‍टरों व अन्‍य स्‍टाफ के साथ की गयी मारपीट की शिकायत को लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के सदस्‍य व अस्‍पताल के डाइरेक्‍टर डॉ विनोद कुमार तिवारी के साथ आईएमए के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस आयुक्‍त डीके ठाकुर से उनके कार्यालय में मिलकर अभियुक्‍तों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

डॉ तिवारी द्वारा पुलिस आयुक्‍त को सम्‍बोधित आवेदन में कहा गया है कि 25 मई की मध्‍य रात्रि में अस्‍तपाल में मौजूद डॉक्‍टर, ड्यूटी स्‍टाफ, नर्सेज, वार्ड ब्‍वॉय, रिसेप्‍शनिस्‍ट और सफाई कर्मचारी के साथ मारपीट की गयी, स्‍टाफ नर्स के साथ अभद्रता की गयी, आईसीयू में स्‍टाफ नर्स के बाल पकड़ कर खींच कर चेस्‍ट पर हमला किया गया।

पुलिस आयुक्‍त को बताया गया है कि थानाध्‍यक्ष द्वारा एफआईआर तो सुसंगत धारायें नहीं लगायी गयीं, दोषियों की गिरफ्तारी आज तक नहीं हुई। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार पुलिस आयुक्‍त से एफआईआर की समीक्षा करने और उन पर मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट 2013 के तहत मामला दर्ज करने का अनुरोध किया गया है। पुलिस आयुक्‍त ने कोविड काल में स्वास्थ्य कर्मियों का मनोबल बढ़ाने के लिए इस मामले को तत्काल आधार पर उठाने का आश्वासन दिया। उन्होंने स्थानीय पुलिस को डॉक्टरों और अस्पताल को सुरक्षा मुहैया कराने के भी निर्देश दिए।

इस सम्‍बन्‍ध में मानवधिकार आयोग और राज्य महिला आयोग को भी पत्र भेजा गया था। प्रतिनिधिमंडल में डॉ उपशम गोयल, डॉ संजय के श्रीवास्तव, डॉ विनोद तिवारी, डॉ सुमित सेठ, डॉ नईम अहमद शेख, डॉ जगदीप वर्मा, डॉ शरद कुमार, डॉ अंकित कपूर, डॉ सीमा तिवारी, डॉ मोहम्मद रईस व डॉ पीके गुप्ता शामिल रहे।