Friday , January 28 2022

पूर्वजों की स्मृति में ज्ञान यज्ञ को श्रेष्ठ कार्य बताया रिटायर्ड आईएएस ने

78 खंडीय वांग्मय साहित्य की स्थापना श्रृंखला में जुड़ी 289वीं कड़ी

महर्षि विश्वविद्यालय के पुस्तकालय में की गयी साहित्य की स्थापना

रिटायर्ड आईएएस बीडी सिंह ने विश्वविद्यालय को भेंट किया वांग्मय साहित्य

 

 

लखनऊ. गायत्री ज्ञान मंदिर इंदिरा नगर, लखनऊ के विचार क्रान्ति ज्ञान यज्ञ अभियान के अन्तर्गत  गायत्री परिवार के संस्थापक युगऋषि पं0 श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा रचित सम्पूर्ण 78 खण्ड वांग्मय  साहित्य की स्थापना की श्रृंखला में आज 289 वीं कड़ी जोड़ी गयी। आज हुए वांग्मय साहित्य की स्थापना महर्षि विश्वविद्यालय आईआईएम रोड लखनऊ उप्र के केन्द्रीय पुस्तकालय में की गयी.

 

यह जानकारी देते हुए इस अभियान के मुख्य संयोजक उमानंद शर्मा ने बताया कि यह वांग्मय साहित्य रिटायर्ड आईएएस बीडी सिंह ने पुस्तकालय को भेंट किया। श्री सिंह ने इसके साथ-साथ उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं को भी एक-एक ‘‘सफल जीवन की दिशा धारा’’ नामक पुस्तक तथा शिक्षक-शिक्षिकाओं को भी अखण्ड ज्योति पत्रिका भेंट की गयी।

 

इस अवसर पर शांतिकुंज के प्रतिनिधि योगेश शर्मा ने कहा ज्ञान यज्ञ युग धर्म हैं सभी जीवन जागृत आत्मा को इस कार्य में बढ़चढ़ कर भाग लेना चाहिए। इस अवसर पर बीडी सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि पूर्वजों की स्मृति में ज्ञान यज्ञ श्रेष्ठ कार्य है। इस अवसर पर उदय भान सिंह भदौरिया, अनिल भटनागर, उमानंद शर्मा, डॉ. नरेन्द्र देव संस्थान के प्रधानाचार्य डॉ. सीवीपी वर्मा सहित शिक्षक/शिक्षिकाएं  एवं छात्र-छात्रायें मौजूद थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

2 × five =

Time limit is exhausted. Please reload the CAPTCHA.