मन की चंचलता और विकारों को दूर किया जा सकता है योग से

योग से होलिस्टिक उपचार के बारे में दी गयी जानकारी

 

लखनऊ। यहां चल रहे 3rd ACP India Chapter के तीसरे और अंतिम दिन डॉ0 एस सी मनचंदा, द्वारा योग से होलिस्टिक उपचार के संदर्भ में बताया गया।  डॉ0 मनचंदा ने बताया कि मानव केवल शरीर नही है बल्कि वहृ माइंड और शरीर का मिश्रण है। माइंड का शरीर पर बहुत बड़ा प्रभाव है। मस्तिष्‍क  और शरीर को एक करना ही योग है। योग से हम मन की चंचलता, उसके विकारों को दूर कर सकते हैं। आज कल लाइफ स्टाइल से सम्बंधित बीमारियां सबसे ज्यादा मृत्यु कारित कर रही है, किंतु हम लाइफ स्टाइल से संबंधित बीमारियों को योग के माध्यम से दूर रख सकते हैं, इसके वैज्ञानिक प्रमाण भी है।

 

सही तरीके से श्‍वास लेने से 50 से 60% ज्यादा ऑक्सीजन जाती है अंदर

 

सही तरीके से श्‍वास लेने से हमारे अंदर 50 से 60% ज्यादा ऑक्सीजन अंदर जाता है। जो हमारे अंदर के स्ट्रेस को कम करने में सहायक है। होलिस्टिक हीलिंग से हम मृत्यु दर को भी कम कर सकते हैं। इंडो यूके स्टडी 4000 ऐसे मरीजों पर की गयी है जिनको स्टंट लग चुका था ऐसे मरीजों को दवा के साथ योग पर भी रखा गया। इसका परिणाम यह आया कि इन मरीजो में दोबारा ब्लॉकेज की समस्या नहीं आई। बंगलोर में भी मधुमेह पर योग के प्रभाव के ऊपर स्टडी चल रही है जिसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहा है। योग से रेस्पिरेटरी, हार्ट, लंग, डायबटीज, ब्लड प्रे्शर आदि की समस्या को दूर रखा जा सकता है। योग से व्‍यक्ति स्ट्रेस फ्री होता है। योग अपने लिमिट में करें योग किसी अच्छे प्रशिक्षक की देख रेख में करना चाहिए।