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लोहिया अस्‍पताल की तत्‍परता से सिविल अस्‍पताल में भर्ती मरीज की धड़कनें वापस

कूल्‍हे के ऑपरेशन के लिए ऑपरेशन थियेटर ले जा रहे मरीज की अचानक हो गयी थी धड़कन बंद, तुरंत कार्डियक मसाज से स्थिति संभाली फि‍र लाइफ सपोर्ट के साथ मरीज को शिफ्ट कर लोहिया अस्‍पताल में मिली नयी जिंदगी

लखनऊ। राजधानी लखनऊ स्थित डॉ श्‍यामा प्रसाद मुखर्जी(सिविल) अस्‍पताल और डॉ राम मनोहर लोहिया संयुक्‍त चिकि‍त्‍सालय के बेहतर तालमेल के चलते एक 59 वर्षीय मरीज की सांसें वापस आ गयीं। तीन दिन की गहन चिकित्‍सा के बाद अब मरीज पूरी तरह होश में है।

 

लोहिया अस्‍पताल के निदेशक डॉ (मेजर) डीएस नेगी से मिली जानकारी के अनुसार इन्दिरा नगर के रहने वाले मरीज एनडी भट्ट सिविल अस्‍पताल में भर्ती थे जहां बीती 20 जुलाई को उनके कूल्‍हे का ऑपरेशन होना था। उन्‍होंने बताया कि जब मरीज को ऑपरेशन थियेटर ले जाया जा रहा था तभी उसकी हृदय गति रुक गयी। आनन-फानन में अस्‍पताल में मरीज को कार्डियक मसाज दिया गया लगभग 10 मिनट बाद मरीज की हृदय गति वापस आ गयी, लेकिन वह अपने आप सांस नहीं ले पा रहा था, उसका ब्‍लड प्रेशर भी कम था तथा बेहोश था।

 

उन्‍होंने बताया कि इस बात की सूचना मिलते ही उन्‍होंने लोहिया अस्‍पताल की क्रिटिकल केयर यूनिट के विभागाध्‍यक्ष डॉ बीबी भट्ट और डीएनबी रेजीडेंट डॉ मोहित मंगल को तुरंत सिविल अस्‍पताल भेजा। इन दोनों ने बिना कोई विलम्‍ब किये लाइफ सपोर्ट पर मरीज को लेकर लोहिया अस्‍पताल आये। यहां आकर मरीज को वेंटीलेटर पर रखा गया तथा जीवन रक्षक दवाएं दी गयीं। तीन दिन मरीज को वेंटीलेटर पर रखकर इलाज किया गया तथा 22 जुलाई को मरीज की हालत में सुधार होने के बाद शाम करीब 7 बजे मरीज को वेंटीलेटर से वापस निकाला गया। इस समय मरीज पूरे होश में है और स्‍वस्‍थ है।

 

आम जनता को भी देते हैं बेसिक लाइफ सपोर्ट की जानकारी

डॉ नेगी ने बताया कि हम लोग बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस) के बारे में जानकारी देने के लिए प्रशिक्षण भी आयोजित कर रहे हैं जिसमें लोगों को इमरजेंसी के समय चिकित्‍सा मिलने तक किस तरह उपचार दिया जाये यह सिखाया जाता है। उन्‍होंने बताया कि बीती 21 जुलाई को गोमती नगर स्थित सिटी मॉन्‍टेसरी स्‍कूल जाकर इसका प्रशिक्षण दिया। अस्‍पताल की ओर से निदेशक डॉ डीएस नेगी के नेतृत्‍व में एनेस्‍थेटिस्‍ट डॉ जेपी तिवारी, डीएनबी के रेजीडेंट डॉ मोहित मंगल, डॉ संजोली एवं डॉ छाया सिंह ने मौजूद लोगों को बेसिक लाइफ सपोर्ट के बारे में जानकारी देते हुए मॉडलों के ऊपर कार्डियक मसाज एवं कृत्रिम सांस देने का प्रशिक्षण दिया।