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धनवन्‍तरि जयंती पर स्‍वास्‍थ्‍य रूपी धन का महत्‍व बताया वक्‍ताओं ने

-केजीएमयू और आरोग्‍य भारती के संयुक्‍त तत्‍वावधान में कार्यक्रम आयोजित

सेहत टाइम्‍स

लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) और आरोग्‍य भारती के संयुक्‍त तत्‍वावधान में आज धन्वंतरि जयंती एवं राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस का आयोजन किया गया। इस मौके पर वक्ताओं ने अपने संबोधन में निरोगी काया के महत्व को अपने संबोधन के केंद्र बिंदु में रखा। वक्ताओं का कहना था कि दीपावली के त्योहारों की श्रृंखला के पहले त्यौहार धनतेरस को सामान्यतः धन से जोड़कर देखा जाता है, ऐसे में यह समझना चाहिए कि हमारा अच्छा स्वास्थ्य भी किसी धन से कम नहीं है क्योंकि अगर हम स्वस्थ हुए तो किसी भी कार्य को आसानी से अंजाम दे सकते हैं और इसी से हमें सुख की अनुभूति होती है।

केजीएमयू स्थित शताब्दी फेस 2 में रेडियोथैरेपी विभाग के सेमिनार कक्ष में आयोजित इस कार्यक्रम को ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरीके से किए जाने की व्यवस्था थी। ऑफलाइन में जहां सीमित संख्या में चिकित्सकों की उपस्थिति थी, वहीं ऑनलाइन या आभासी सुविधा होने के कारण इसमें उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि राजस्थान, बिहार, केरल और उत्तराखंड से भी लोग जुड़े। आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम में 30 स्थानों से 400 से अधिक लोग सिर्फ आभासी माध्यम से जुड़े।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आरोग्य भारती अवध प्रांत के राष्ट्रीय संगठन सचिव डॉ अशोक कुमार वार्ष्णेय ने कहा कि‍ पहला सुख निरोगी काया होती है। उन्होंने कहा कि चिकित्सक को कभी भी भेदभाव नहीं करना चाहिए एवं विश्लेषण करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर चिकित्सक को शास्त्रों की जानकारी होनी चाहिए तथा यह अहसास होना चाहिये कि मानव जगत का स्वास्थ्य बिना जीव-जंतुओं एवं पेड़-पौधों के बिना अधूरा है उन्होंने कहा कि हम सबको 75वें आजादी महोत्सव पर संकल्प लेना चाहिए कि हम सभी लोग 75 लोगों को स्वस्थ रहने के लिए प्रेरित करेंगे। उन्होंने कहा कि धन का समर्पण, सम्मान, समर्पण का भाव रखने की क्षमता एवं श्रद्धा होनी चाहिए।

कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ एमएलबी भट्ट ने अपने स्‍वागत सम्‍बोधन से की। उन्‍होंने भगवान धन्वंतरि का स्मरण किया और भगवान के हाथों में शोभायमान यंत्रों के बारे में व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि हॉलिस्टिक हेल्थ का सिद्धांत स्वस्थ जीवन शैली की के माध्यम से जोड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वस्थ जीवन शैली, नियमित व्यायाम, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छ भोजन, स्वच्छ हवा के माध्यम से हम आरोग्य हो सकते हैं।

राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष डॉ बीएन सिंह ने बताया कि समर्पण ही जीवन का उदाहरण है। उन्होंने कहा स्वस्थ रहने का मतलब केवल दीर्घायु होना नहीं, बल्कि हमने जो हासिल किया है, उसे दूसरों को देना भी है, उन्होंने कहा कि सभी के स्वास्थ्य की रक्षा करने के भाव से समाज से जुड़ना चाहिए।

आरोग्य भारती के उपाध्यक्ष व डीन फैकल्टी ऑफ पैरामेडिकल साइंसेज केजीएमयू डॉ विनोद जैन ने कहा कि हमारा स्वास्थ्य ही हमारा धन है और इसकी रक्षा करना हमारा कर्तव्य है। प्रत्येक व्यक्ति को अपने एवं अपने साथ जुड़े हुए व्यक्तियों के स्वास्थ्य की रक्षा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस कार्य को राष्ट्र हित का कार्य समझकर तथा राष्ट्र सेवा का भाव लेकर निरंतर करते रहना चाहिए। डॉ विनोद जैन ने कहा कि एक स्वस्थ व्यक्ति ही समृद्धि राष्ट्र का निर्माण कर सकता है। उन्होंने कहा कि धनवंतरि‍ दिवस पर हम सभी को यह प्रण लेना है कि हम अपना जीवन इस सेवा के लिए समर्पित करेंगे। कार्यक्रम में केजीएमयू के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ एसएन संखवार तथा आरोग्य भारती के डॉक्टर अभय नारायण सहित कई लोग ऑफलाइन भी मौजूद रहे।

कार्यक्रम का सफल संचालन सोनिया शुक्ला ने किया तथा तकनीकी प्रबंधन राघवेंद्र शर्मा ने संभाला। कार्यक्रम को सफल बनाने में शालिनी गुप्ता, अनामिका राजपूत, रश्मि वर्मा एवं आकांक्षा दीप का विशेष योगदान रहा।

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