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बलरामपुर अस्‍पताल के निदेशक पर उतारेे हुए दस्‍तानेे नर्स के हाथ और ऐप्रिन की जेब में रखने का आरोप

-नाराज नर्सिंग ऐसोसिएशन ने किया हंगामा, कार्य बहिष्‍कार पर कर सकती हैं विचार
-निदेशक ने कहा, झूठे हैं आरोप, हंगामे के दौरान वीडियो में माफी मांगते दिखे

लखनऊ। बलरामपुर अस्‍पताल में आज उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब अस्‍पताल के निदेशक पर कोविड वार्ड में ड्यूटी करने वाली एक नर्स ने निदेशक का पहना हुआ दस्‍ताना पहले हाथ में फि‍र उसकी ऐप्रिन की जेब में रखने का आरोप लगाया। इस सम्‍बन्‍ध में नर्सिंग ऐसोसिएशन ने निदेशक के साथ हो रही गरमा-गरमी के समय का वीडियो भी जारी किया है, जिसमें निदेशक नर्स से माफी भी मांगते दिख रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार  हालांकि निदेशक ने अपने ऊपर लगे आरोपों को झूठा बताते हुए कहा है कि कोरोना वार्ड में ड्यूटी कराने के लिए सिखाना पड़ता है, उसी सम्‍बन्‍ध में मॉक ड्रिल की गयी थी, जिसमें दस्‍ताना पहनना, उतारना सिखाया जाता है, और वह वही दस्‍ताना था। पूरे प्रकरण को लेकर नर्सिंग एसोसिएशन का कहना है कि मौजूदा माहौल के चलते उच्‍चाधिकारियों से मुलाकात नहीं हो पायी है, लेकिन नर्सिंग एसोसिएशन इस प्रकरण को लेकर सुबह निदेशक के कार्यालय के सामने साढ़े दस बजे इकट्ठा होगा, यदि निदेशक ने लिखित माफी नहीं मांगी तो कार्य बहिष्‍कार का निर्णय लेने के बारे में भी विचार किया जा सकता है।

स्टाफ नर्स क्लेरिन ब्रिग्रेन्जा

इस बारे में नर्सिंग ऐसोसिएशन के महामंत्री अशोक कुमार ने बताया कि आज बलरामपुर चिकित्सालय लखनऊ में स्टाफ नर्स क्लेरिन ब्रिग्रेन्जा डयूटी पर तैनात थीं, निदेशक डा०राजीव लोचन राउंड के दौरान कोविड वार्ड में मरीज का टेम्परेचर लेने के बाद अपना ग्लब्स अपने हाथ से उतारकर स्टाफ के जेब में डाल दिया, जब हम लोग मिलकर पूछने गये कि आपने ऐसा क्यों किया तो उन्होंने कहा गुस्से में मैंने ऐसा किया तो हमें माफ कर दे,जो सजा देना चाहते हैं आप लोग दें हमसे गलती हो गई। फिर भी बार बार कहते रहे कि मैंने गुस्से में ऐसा किया।

अशोक कुमार ने यह भी कहा कि इससे पूर्व भी 1, 2 और 3 अप्रैल को जो नर्स डयूटी कर रही थीं वो आज तक अपने घरों से आ-जा रही हैं, जबकि उन्‍हें क्‍वारेंटाइन करना चाहिये था। इस तरह के वर्ताव से नर्सिंग संवर्ग मे काफी रोष व्याप्त है। उन्‍होंने कहा कि इस संवेदनशील मसले पर निदेशक द्वारा जबतक लिखित माफी नहीं मांगी जायेगी, हम लोग शांत नहीं बैठेंगे।

इस बारे में पीडि़त नर्स क्लेरिन ब्रिग्रेन्जा ने निदेशक को दी गयी अपनी लिखित शिकायत में कहा है कि आपके द्वारा मेरे साथ अभद्रता की गयी। उसने लिखा है कि मैं आज जब मॉर्निंग शिफ्ट में थी, उस समय आपने अपने दस्‍ताने उतार कर मेरे हाथ में रख दिये, बाद में मेरी ऐप्रिन की जेब में रख दिये और कहा, घर ले जाओ। नर्स ने कहा है कि उसे हाईपरटेंशन की शिकायत है, वह डायबिटिक है, और इंसुलिन लगाती है तथा उसका संजय गांधी पीजीआई में इलाज भी चल रहा है। उसे थायरायड की भी  शिकायत है, यह सब बातें बताने के बाद भी मेरी ड्यूटी कोविड-19 जैसे संवेदनशील वार्ड में लगायी गयी है।