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एसजीपीजीआई में बोन मैरो ट्रांसप्लांट की संख्या 200 पार, लगातार दूसरे साल सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार

-हेमेटोलॉजी विभाग ने मनाया उत्सव, बीएमटी की शुरुआत करने वाली प्रो सोनिया नित्यानंद को किया आमंत्रित

सेहत टाइम्स

लखनऊ। संजय गाँधी पीजीआई के हेमेटोलॉजी विभाग द्वारा विभिन्न प्रकार के ब्लड कैंसर के उपचार के लिए किए जाने वाले बोन मैरो ट्रांसप्लांट की संख्या 200 पार करने की ख़ुशी तथा लगातार दूसरे वर्ष एसजीपीजीआई में सर्वश्रेष्ठ वार्ड के रूप में सम्मानित किए जाने पर एक उत्सव का आयोजन किया गया। अपनी इस ख़ुशी को यादगार बनाने के लिए विभाग ने संस्थान में बोन मैरो ट्रांसप्लांट की शुरुआत करने वाली वर्तमान में केजीएमयू की कुलपति प्रो सोनिया नित्यानंद को आमंत्रित किया था।

हेमेटोलॉजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर (क्लिनिकल/बीएमटी) डॉ संजीव ने बताया कि संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान में बोन मैरो ट्रांसप्लांट कार्यक्रम 1999 में हेमेटोलॉजी की तत्कालीन विभागाध्यक्ष प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद द्वारा शुरू किया गया था। बीएमटी कार्यक्रम शुरू करने वाला भारत का चौथा केंद्र था। इस पुरानी बीएमटी इकाई की अपनी सीमाएँ थीं, इसलिए नई बीएमटी इकाई का उद्घाटन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा दिसंबर 2019 में किया गया।

उन्होंने बताया कि हमने जनवरी 2020 में नई इकाई में बीएमटी कार्यक्रम शुरू किया, लेकिन 3 प्रत्यारोपण के बाद हमें COVID 19 महामारी के कारण कार्यक्रम को रोकने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने बताया कि इसके बाद जुलाई 2021 में, COVID 19 की दूसरी लहर के बाद, हमने कार्यक्रम को फिर से शुरू किया और तब से 109 प्रत्यारोपण हो चुके हैं, इनमें 66 ऑटोलॉगस यानी मरीज के ही बोन मैरो से और 43 एलोजेनिक दूसरे व्यक्ति के बोन मैरो से किए गए हैं, विभाग की स्थापना के बाद से अब तक कुल 209 प्रत्यारोपण किये जा चुके हैं।

उन्होंने बताया कि अस्थि मज्जा प्रत्यारोपण एक टीम वर्क है, एसजीपीजीआई की बीएमटी इकाई को अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग दिवस के अवसर पर निरंतर दूसरे वर्ष के लिए संस्थान के सर्वश्रेष्ठ वार्ड का पुरस्कार मिला है। उन्होंने बताया कि हम विभिन्न हेमेटोलॉजिकल रोगों के लिए ऑटोलॉगस के साथ-साथ एलोजेनिक एचएससीटी भी कर रहे हैं। हमें उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बहुत अच्छी वित्तीय सहायता मिल रही है, हमारे अधिकांश प्रत्यारोपण पीएम/सीएम फंड की मदद से किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि हाल ही में हमने भारत के अच्छे प्रत्यारोपण केंद्रों की तुलना में बहुत अच्छी सफलता दर के साथ 200 प्रत्यारोपण पूरे किए हैं। यह हमारी बीएमटी इकाई की एक बड़ी उपलब्धि है। हम निकट भविष्य में भी अच्छा कार्य जारी रखने का आश्वासन देते हैं।

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