Wednesday , February 8 2023

फेफड़ा प्रत्‍यारोपण सहित श्‍वास सम्‍बन्‍धी अनेक बीमारियों पर होगी चर्चा

-टीबी एवं श्वास रोग की 16वीं वार्षिक कॉन्फ्रेन्स यूपीटीबीसीकॉन-2022 का आयोजन 7 से 9 अक्टूबर तक

सेहत टाइम्‍स

लखनऊ। पल्मोनरी क्रिटिकल केयर मेडिसिन के0जी0एम0यू लखनऊ एवं एराज लखनऊ मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल एराज़ यूनि‍वर्सिटी लखनऊ के द्वारा संयुक्त रूप से टीबी एवं श्वास रोग की 16वीं वार्षिक कॉन्फ्रेन्स यूपीटीबीसीकॉन-2022 का आयोजन 7 अक्टूबर से 9 अक्टूबर तक किया जा रहा है।  इस 3 दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन 7 अक्टूबर को 3 कार्यशालाओं का आयोजन होगा जो कि एक दूसरे के समानान्तर सम्पादित होंगी।

यह जानकारी इस कार्यक्रम के आयो‍जन सचिव केजीएमयू के पल्मोनरी क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग के विभागाध्‍यक्ष डॉ वेद प्रकाश ने आयोजित पत्रकार वार्ता में देते हुए बताया कि इसमें प्रथम कार्यशाला निद्रा में श्वास सम्बन्धी विकार, द्वितीय कार्यशाला फेफड़े का उन्नत परीक्षण एवं तृतीय कार्यशाला सघन चिकित्सा केन्द्र में परीक्षण से सम्बन्धित होगी। इन सभी कार्यशालाओं का सम्पादन विश्व विख्यात चिकित्सक जैसे प्रोफेसर डॉ दिगम्बर बेहरा (पी0जी0आई0 चंडीगढ़ के भूतपूर्व प्रो0 एण्ड हेड डिपार्टमेन्ट ऑफ पीसीसीएम), डॉ संदीप साल्वी (डाइरेक्टर चेस्ट रिसर्च फाउन्डेशन,पुणे) एवं डॉ दीप्ती गोठी (प्रो0,ई0एस0आई0-पी0जी0आई,नई दिल्ली) करेंगे।

इस आयोजन के प्रमुख अंगों में टीबी उन्मूलन के सम्बन्धित प्रमुख शोधकर्ताओं जैसे डॉ रोहित सरीन (डायरेक्टर ऑफ नेशनल इन्स्टीट्यूट, नई दिल्ली) एवं डॉ राजेन्द्र प्रसाद (बी0सी0 रॉय अवार्डी एवं भूतपूर्व डायरेक्टर वल्लभ भाई पटेल चेस्ट संस्थान नई दिल्ली) का व्याख्यान सम्मिलित किया गया है जो कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वर्ष 2025 में भारत को टीबी मुक्त देश बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने में एक मील का पत्थर साबित होगा।

इस आयोजन में व्याख्यान, सेमिनार एवं पैनल डिस्कशन को सम्मिलित किया गया है जो फेफड़े की समस्त प्रकार की बीमारियों जैसे श्वास नली की बीमारियां, आईएलडी,फेफड़े का कैंसर, छाती की सर्जरी, स्लीप मेडिसिन, इमेजिन्ग, ब्रोन्कोस्कोपी, थोरेकोस्कोपी, आईसीयू इन्टरवेंशन, फेफड़ा प्रत्यारोपण के साथ-साथ कोविड एवं कोविड पश्चात होने वाले कॉम्प्लीकेशन्स के बारे में विस्तृत रूप से चर्चा की जायेगी। इस कार्यक्रम में पूरे भारतवर्ष से प्रसिद्ध विषेशज्ञ जैसे बंगलुरु से डॉ मंजूनाथ, पीजीआई रोहतक के डॉ पवन कुमार सिंह, एम्स नई दिल्ली के डॉ विजय हड्डा, जयपुर से डॉ वीरेन्द्र सिंह, एम्स पटना से डॉ दीपेंद्र राय, एम्स ऋषिकेश के डॉ गिरीश सिंधवानी, आईजीआईएमएस शिमला से डॉ मलय सरकार, नई दिल्ली से डॉ अंबरीश जोशी सहित अन्य लोग इस कार्यक्रम में व्याख्यान देंगे।

उत्तर प्रदेश के भी प्रसिद्ध पल्मोनरी स्पेसलिस्ट जैसे एसजीपीजीआई के प्रो जिया हाशिम,  डॉ आरएमएल इंस्टीट्यूट लखनऊ के सीनियर थोरेसिक सर्जन डॉ सुभाष राजपूत, आगरा मेडिकल कॉलेज के डॉ गजेंद्र विक्रम सिंह और डॉ संतोष कुमार, बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के डॉ मोहित भाटिया, जीएसवीएम कानपुर के डॉ संजय वर्मा और डॉ अवधेश कुमार, इलाहाबाद से डॉ आशीष टंडन भी इस कार्यक्रम का हिस्सा होंगे।

फेफड़ा प्रात्यारोपण में मैक्स हॉस्पिटल नई दिल्ली के डॉ राहुल चंडोला अपना व्क्तब्य देंगे। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज कानपुर के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ सुधीर चौधरी के द्वारा प्रतिष्ठित रॉबट कॉच व्याख्यान देना सुनिश्चित किया गया है। डॉ वेद प्रकाश ने बताया कि यह आयोजन चिकित्सकों के ज्ञानवर्धन कौशल निपुणता में सहायक होगा एवं निकट भविष्य में भी पल्मोनरी एण्ड क्रिटिकल केयर मेडिसिन केजीएमयू, लखनऊ के द्वारा इस तरह के शैक्षणिक कार्यक्रमों का आयोजन नियमित समय पर किया जाता रहेगा।

उन्‍होंने बताया कि उप-मुख्यमंत्री उप्र ब्रजेश पाठक इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे और इस आयोजन का उद्घाटन 8 अक्टूबर को करेंगे। कुलपति केजीएमयू, लखनऊ ले.ज. डॉ बिपिन पुरी इस आयोजन के सम्मानित अतिथि के रूप में सम्मिलित होंगे। पत्रकार वार्ता में डॉ राजेन्द्र प्रसाद, डॉ राजीव गर्ग, डॉ टीपी सिंह, डॉ आरएएस कुशवाहा भी उपस्थित रहे।

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