Thursday , October 28 2021

एसजीपीजीआई व लोहिया संस्‍थान को न्‍यूनतम बैंक खाते रखने के निर्देश

-राज्‍यपाल ने की समीक्षा बैठक, कहा अनुपयोगी खाते बंद करें, कैशबुक-बैलेंस शीट जरूर बनायें

-मेडिकल छात्रों के रिकॉर्ड डिजिटल लॉकर में रखने को कहा

-कर्मचारियों के आवासों पर प्रीपेड बिजली मीटर लगाये जायें

-कोविड से बचाव के प्रति जागरूकता, वैक्‍सीनेशन कार्य पर भी दिये निर्देश

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आज राजभवन से संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ तथा डा0 राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ की ऑनलाइन समीक्षा बैठक की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि विभिन्न शैक्षणिक पदों पर भर्ती के माध्यम से नियुक्ति में पारदर्शिता तथा शासन द्वारा निर्धारित एक समान चयन प्रक्रिया अपनायी जाय और विज्ञापन में सम्पूर्ण चयन प्रक्रिया का स्पष्ट उल्लेख हो और उसे वेबसाइट पर भी अपलोड किया जाए। उन्होंने कहा कि महालेखाकार एवं लोकल ऑडिट से प्राप्त आपत्तियों को भी गम्भीरता से ससमय निस्तारित किया जाय और यदि किसी भी रूप में अग्रिम का भुगतान हुआ है तो उसका नियमानुसार समायोजन अवश्य कर लिया जाय। राज्यपाल ने निर्देश दिये कि अनुपयोगी खातों को बंद करते हुए संस्थान में वित्तीय जरूरतों के लिये न्यूनतम खाते रखे जायें, साथ ही कैश बुक तथा बैलेन्स सीट अनिवार्य रूप से तैयार की जाये।

राज्यपाल जी ने निर्देश दिया कि दोनों संस्थान डिजिटल लॉकर की शीघ्र व्यवस्था करते हुए छात्रों के सभी रिकॉर्ड उसमें रखें। राज्यपाल ने संस्थानों में चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिये कि सभी निर्माण कार्यों का नियमित अनुश्रवण किया जाय, उचित होगा कि एक समिति का गठन कर दिया जाए, जो सभी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं समयबद्धता की निगरानी करे। आवासीय व्यवस्था पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी दशा में अनाधिकृत व्यक्तियों को आवास न आवंटित किया जाए तथा परिसर के आवासीय कॉलोनी में प्रीपेड मीटर लगाने को प्राथमिकता दी जाए।

आनंदीबेन पटेल ने चिकित्सीय उपकरणों तथा दवाओं के क्रय करने वाली व्यवस्था पर भी विस्तृत चर्चा की। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिया कि क्रय किये जाने वाले चिकित्सीय उपकरणों तथा दवाओं को अधिकृत संस्थान से ही क्रय किया जाय। उन्होंने कहा कि संस्थान के जो विवाद न्यायालय में लम्बित चल रहे हैं, उनकी समीक्षा करने के साथ-साथ निस्तारण के लिए आवश्यक कदम उठाये जायें।

राज्यपाल ने कहा कि संस्थान में संचालित महिला उत्थान केन्द्र मात्र औपचारिक केन्द्र बनकर न रहें, बल्कि संस्थान महिला एवं बालिका समूह बनाकर उन्हें शिक्षा, स्वावलम्बन तथा सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन हेतु प्रेरित करें। इसी प्रकार संस्थान नव निर्वाचित ग्राम प्रधानों को बुलाकर स्वास्थ्य, कुपोषण, क्षय रोग से पीड़ित रोगियों, गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत अस्पताल में प्रसव कराने, विधवा पेंशन, वृद्धा पेंशन, राज्य एवं केन्द्र सरकार द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दें। संस्थान के चिकित्सक कोरोना महामारी से निपटने के लिए बनी निगरानी समिति के सदस्यों को जागरूक करें। कोरोना की तीसरी लहर को दृष्टिगत रखते हुए यह आवश्यक है कि लोगों को किट, सेनेटाइजर और मास्क का उपयोग कैसे करना है, इसके लिए प्रेरित करें। इसके साथ ही संस्थान में आने वाले मरीजों के तीमारदारों का कैम्प लगाकर वैक्सीन लगायें।

राज्यपाल ने कहा कि संस्थान कोविड-19 के कारण अनाथ हुए बच्चों को गोद लेने का काम करें तथा उनकी समुचित देखभाल की व्यवस्था भी करें ताकि उन बच्चों को भी पारिवारिक माहौल मिल सके और उनकी शिक्षा भी बाधित न हो। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही संस्थान नयी शिक्षा नीति के प्राविधानों को तैयार करके यथाशीघ्र लागू करें।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना, अपर मुख्य सचिव राज्यपाल महेश कुमार गुप्ता, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा आलोक कुमार, एस0जी0पी0जी0आई0 के निदेशक प्रो0 राधा कृष्ण धीमन, डा0 राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान की निदेशक डॉ सोनिया नित्यानंद, विशेष कार्याधिकारी (शिक्षा) डॉ पंकज जानी सहित दोनों संस्थानों के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।