Friday , October 22 2021

घर के अंदर ही रहकर इन्‍हेलर व भाप लेते रहें अस्‍थमा रोगी

-जांच कराने, डॉक्‍टर को दिखाने के लिए निकलने में भी करें परहेज

-अगर आवश्‍यकता पड़े तो डॉक्‍टर से लें डिजीटली परामर्श

-वर्चुअली आयोजित राष्‍ट्रीय संगोष्‍ठी में डॉ सूर्यकांत की सलाह  

डॉ सूर्यकांत

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। इण्डियन कॉलेज ऑफ एलर्जी, अस्थमा एण्ड एप्लाइड इम्यूनोलोजी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा के0जी0एम0यू0 के रेस्पाइरेटरी मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ सूर्यकान्त ने कोविड काल में एलर्जी एवं अस्थमा रोगियों के लिए कोविड का खतरा एवं बचाव के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए कहा है कि कोरोना काल के दौरान एलर्जी एवं अस्थमा के रोगी डिजिटल माध्यम से चिकित्सकीय परामर्श लें तथा चिकित्सकों के क्लीनिक व अस्पतालों मे जाने से बचें। सुबह शाम भाप लेते रहे, घर के अन्दर ही रहें।

डॉ सूर्यकांत ने यह जानकारी एशिया पेसिफिक एसोसिएशन ऑफ एलर्जी अस्थमा एण्ड क्लीनिकल इम्युनोलोजी के तहत मनाये जा रहे एलर्जी सप्ताह (12-18 अप्रैल 2021) के दौरान वर्चुअल आयोजित राष्‍ट्रीय संगोष्‍ठी में दी। संगोष्‍ठी का आयोजन रेस्पाइरेटरी मेडिसिन विभाग, के0जी0एम0यू0 द्वारा किया गया। इस संगोष्ठी का उद्घाटन इण्डियन मेडिकल एसोसिएशन एकेडमी ऑफ मेडिकल स्पेशलिटीज के राष्ट्रीय महासचिव डा0 संजीव सिंह यादव द्वारा किया गया। कोविड वैक्सीनेशन के ब्रान्ड एम्बेसडर डॉ सूर्यकान्त ने कोविड काल में एलर्जी एवं अस्थमा रोगियों के लिए कोविड का खतरा एवं बचाव के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि गंभीर अस्थमा एवं अनियंत्रित अस्थमा के रोगियों को कोरोना होने का अधिक खतरा रहता है। अतः अस्थमा के सभी रोगी चिकित्सक के परामर्श के अनुसार अपनी सभी इन्हेलर एवं अन्य चिकित्सा लेते रहें, जिससे उनका अस्थमा नियंत्रित रहे।

आई0एमए0 एम0एस0 के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डा0 सूर्यकान्त ने बताया कि कोरोना काल के दौरान एलर्जी टेस्टिंग, पल्मोनरी फंक्‍शन टेस्ट, एलर्जी इम्यूनोथेरेपी न करवायें, इससे कोरोना संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाता है। यदि घर/कार्यालय का फ्यूमीगेशन हो रहा है तो एलर्जी व अस्थमा के रोगी इससे बचें क्योंकि फ्यूमीगेशन में प्रयुक्त होने वाले रसायन एलर्जी व अस्थमा को बढ़ावा दे सकते हैं। गंभीर अस्थमा के रोगियो को ओमैलीजुमैब तथा अन्य बायोलोजिकल्स के इन्जेक्‍शन लगाये जाते हैं, लेकिन कोरोना के दौरान इन इंन्जेक्‍शनों को न लगवायें।

डॉ संजीव सिंह यादव ने के0जी0एम0यू0 के रेस्पाइरेटरी मेडिसिन विभाग के 75 वर्ष पूरे होने पर विभागाध्यक्ष डा0 सूर्यकान्त को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं तथा विभाग के प्लेटिनम जुबि‍ली समारोह वर्ष में 75 कार्यक्रम कराने के संकल्प की भी सराहना की। एलर्जी की इस राष्ट्रीय संगोष्ठी के लिए एशिया पेसिफिक एसोसिएशन ऑफ एलर्जी अस्थमा एण्ड क्लीनिकल इम्यूनोलोजी की अध्यक्ष व वर्ल्‍ड एलर्जी ऑर्गनाइजेशन की पूर्व अध्यक्ष जापान की डॉ रूबी पावनकर ने भी अपनी शुभकामनाएं दीं।

इस वेबिनार में इण्डियन कॉलेज ऑफ एलर्जी, अस्थमा एण्ड एप्लाइड इम्यूनोलोजी के अध्यक्ष डा0एस0एन गौर, महासचिव डा0 ए0बी0सिंह एवं इसकी कार्यकारिणी के अन्य सदस्य डा0एम0के0अग्रवाल (दिल्ली), डा0 महेश गोयल (जयपुर), डा0 के0 नागाराजु (चेन्नई), डा0 पी0ए0महेश (मैसूर), डा0 पी0सी0 कथूरियां (दिल्ली), डा0 वी0केजैन (जयपुर) ने अपना व्याख्यान दिया। देश के अन्य एलर्जी के विषेषज्ञ जैसे डा0 प्रदुम्न शर्मा (जयपुर), डा0 सुधीर चौधरी (कानपुर), डा0 राजेन्द्र प्रसाद (लखनऊ), डा0 जी0एल0 शर्मा (दिल्ली), डा0 नवीन अरोरा (दिल्ली), डा0 राजेश अग्रवाल (बरेली) ने भी अपने विचार रखे एवं लोगों को विभिन्न तरह की एलर्जी के बारे में अवगत कराया। इस अवसर पर विभाग के समस्त फैकल्टी मेम्बर डा0 संतोष कुमार, डा0 राजीव गर्ग, डा0 अजय कुमार वर्मा, डा0 आनन्द श्रीवास्तव, डा0 दर्शन कुमार बजाज, डा0 अंकित कुमार, डा0 ज्योति बाजपेई, डा अंकिता, डा0 अंकित, डा0 नेहा,  अनुज, श्रेया व अन्य रेजीडेन्ट डॉक्टर्स एवं समस्त स्टाफ उपस्थित रहे।