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केजीएमयू के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग ने 25 वर्ष बाद दोहराया इतिहास

-एसोसिएट प्रोफेसर डॉ ज्योति बाजपेई को अमेरिकन कॉलेज ऑफ चेस्ट फिजीशियन्स ने दिया ट्रैवल ग्रांट सम्मान

-25 वर्ष पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो सूर्यकान्त को भी किया गया था इसी ट्रैवल ग्रांट से सम्मानित, कुलपति ने दी बधाई

सेहत टाइम्स

लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू), लखनऊ के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग ने 25 साल बाद इतिहास दोहराया है। विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. ज्योति बाजपेई को अमेरिकन कॉलेज ऑफ चेस्ट फिजीशियन्स (ACCP) के तत्वावधान में हाल ही में शिकागो, अमेरिका में आयोजित प्रतिष्ठित CHEST 2025 अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेने के लिए ट्रैवल ग्रांट और नि:शुल्क पंजीकरण प्रदान किया गया।

यह संयोग की बात है कि मौजूदा विभागाध्यक्ष् प्रो सूर्यकान्त को भी 25 वर्ष पूर्व शिकागो में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में ट्रैवल ग्रांट प्राप्त हुआ था, जो केजीएमयू की शैक्षणिक उत्कृष्टता और रेस्पिरेटरी मेडिसिन के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति की गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है। केजीएमयू की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने डॉ. ज्योति बाजपेई और विभागाध्यक्ष डॉ. सूर्यकान्त को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने अपनी उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों के माध्यम से विश्वविद्यालय को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है।

डॉ. सूर्यकान्त ने डॉ. ज्योति बाजपेई को उनकी इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर हार्दिक बधाई दी। विभाग के सभी शिक्षकों, रेजिडेंट्स और स्वास्थ्यकर्मियों ने भी उन्हें इस विशिष्ट उपलब्धि और अंतरराष्ट्रीय सम्मान पर बधाई दी तथा उनके समर्पण और क्षेत्र में योगदान की सराहना की।

डॉ. ज्योति बाजपेई ने सम्मेलन में ओरल रैपिड फायर प्रेजेंटेशन के रूप में अपना शोध कार्य प्रस्तुत किया और केजीएमयू का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने दो वैज्ञानिक सत्रों में मॉडरेटर के रूप में भी कार्य किया, जिनमें से एक सत्र ब्रॉन्कियल अस्थमा पर केंद्रित था। इससे विश्वविद्यालय की अकादमिक नेतृत्व क्षमता और अंतरराष्ट्रीय सहभागिता का प्रदर्शन हुआ। उन्होंने अपने शोध कार्य की सह-लेखक एवं मार्गदर्शक डॉ. सूर्यकान्त के प्रति विशेष धन्यवाद और हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त की। साथ ही उन्होंने माननीय कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद तथा विभाग के सभी शिक्षकों के निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग के लिए भी आभार व्यक्त किया।

यह उपलब्धि किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के लिए अत्यंत गौरव की बात है, जो रेस्पिरेटरी मेडिसिन के क्षेत्र में उत्कृष्टता, मार्गदर्शन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की इसकी गौरवशाली परंपरा को पुनः सशक्त करती है।