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शुद्ध खाद्य पदार्थों की बिक्री के प्रति फेरीवालों को जागरूक करेगा आईआईटीआर

नेशनल रेफरेंस लैब्रटोरी के रूप में आईआईटीआर को मंजूरी दी एफएसएसएआई ने  

एफएसएसएआई की अध्‍यक्ष ने दौरा किया आईआईटीआर का

लखनऊ। भारतीय विषविज्ञान अनुसंधान संस्थान (आईआईटीआर) को भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने राष्ट्रीय संदर्भ प्रयोगशाला (नेशनल रेफरेंस लैब्रटोरी) के रूप में मंजूरी दी है। यह जानकारी संस्‍थान की ओर से संस्‍थान के आरपीबीडी के प्रमुख डॉ केसी खुल्‍बे ने देते हुए बताया कि एफएसएसएआई की अध्‍यक्ष रीता तेवतिया ने बीती 5 अप्रैल को संस्‍थान का दौरा किया था।

 

रीता तेवतिया के साथ एफएसएसएआई और उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारीगण ने भी संस्थान का दौरा किया। इस मौके पर निदेशक प्रोफेसर आलोक धावन ने स्वागत करते हुए खाद्य संरक्षा के क्षेत्र में सीएसआईआर-आईआईटीआर के अनुसंधान कार्यों और तकनीकी विकास के बारे में उन्हें अवगत कराया।

 

एफएसएसएआई से खाद्य संरक्षा निर्देशपरक प्रयोगशाला (फूड सेफ़्टी रेफरल लैब्रटोरी) के रूप में मान्यता प्राप्त है। इसके अलावा, एफएसएसएआई ने आईआईटीआर को राष्ट्रीय संदर्भ प्रयोगशाला (नेशनल रेफरेंस लैब्रटोरी) के रूप में मंजूरी दी है। रीता तेवतिया ने आईआईटीआर की महत्वपूर्ण पहलों और विशिष्ट योगदानों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कई अन्य क्षेत्र भी हैं जिनमें आईआईटीआर और एफएसएसएआई मिलकर कार्य कर सकते हैं तथा खाद्य संरक्षा पर उपयोगी साझेदारी का निर्माण कर सकते हैं। इस मौके पर प्रोफेसर आलोक धावन और रीता तेवतिया ने शुद्ध और संरक्षित भोजन की बिक्री के बारे में फेरीवाले विक्रेताओं (सड़क विक्रेताओं) में जागरूकता फैलाने के लिए पोस्टर और छोटी पुस्तिका (पैम्फलेट) जारी किया।

 

एफएसएसएआई टीम ने संस्थान के वैज्ञानिकों और शोध छात्रों के साथ बातचीत की और इसके उपरांत आईआईटीआर की सेंटर फॉर इनोवेशन एंड ट्रांसलेशनल रिसर्च (सीआईटीएआर) सुविधा का भी भ्रमण किया।