Wednesday , February 1 2023

योगी के इस अस्पताल का हाल, डॉक्टर का निजी ड्राइवर लगा रहा मरीजों के इंजेक्शन

सरकार की छवि को उनके जनपद के अधिकारी ही धूमिल कर रहे  

लखनऊ. सरकार के अनेक बार चेतावनी देने के बावजूद अस्पतालों में अधिकारी इलाज को लेकर संजीदा नहीं हो रहे हैं. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कर्मभूमि गोरखपुर के जिला अस्पताल में लापरवाही का नमूना सामने आया है. यहाँ के वरिष्ठ चिकित्सक का निजी ड्राइवर फार्मासिस्ट बनकर मरीज को इंजेक्शन भी लगा रहा है. गोरखपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस जिला चिकित्सालय में लापरवाही की कहानी नयी नहीं है.

 

इस जिला चिकित्सालय में कभी मरीजों को जमीन पर लिटा कर ड्रिप लगाने की तस्वीरें वायरल होती है तो कभी किसी को स्ट्रेचर नहीं मिलता ताजा घटनाक्रम एआरबी वैक्सीनेशन कक्ष का है जहां चिकित्सालय में तैनात एक वरिष्ठ चिकित्सक का प्राइवेट ड्राइवर मरीजों को एआरवी वैक्सीन लगाते हुए देखा गया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ड्राइवर की यह हरकत कैमरे में कैद हो चुकी है, और अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजकुमार गुप्ता ने इस विषय में जांच करा कर काररवाई की बात कही है.

 

सोच कर देखिये मरीजों की जान से किस तरह खिलवाड़ हो रहा है. ऐसे में अगर मरीज को कुछ नुकसान होता है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा. उससे भी बढ़कर यह है कि मरीज की जान से खिलवाड़ करने का हक़ इस ड्राइवर को दिया किसने ? सवाल यह उठता है कि आखिर इस तरह की लापरवाही या दूसरे शब्दों में कहा जाये कि जानबूझ कर जान से खिलवाड़ करने से रोकने के लिए अधिकारी कोई इंतजाम क्यों नहीं रखते है. जाहिर सी बात है कि ड्राइवर जब इंजेक्शन लगा रहा होगा तो चुपचाप तो लगाएगा नहीं किसी न किसी ने तो उसे अनुमति दी ही होगी. तो वे लोग आखिर कौन हैं जो मरीज की जान से खिलवाड़ की इजाजत तो दे ही रहे हैं साथ ही साथ सरकार खासतौर से मुख्यमंत्री की छवि खराब करने पर तुले हुए हैं. यही नहीं अस्पताल के जिम्मेदार अगर इन सभी चीजों पर नजर नहीं रखेंगे तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी है. बताया जा रहा है कि यह ड्राइवर कई दिनों से फार्मासिस्ट बनकर इंजेक्शन लगा रहा था. इसकी जानकारी मिलने के बाद ही इसकी हरकत को कैमरे में कैद किया जा सका.

Leave a Reply

Your email address will not be published.

15 + eighteen =

Time limit is exhausted. Please reload the CAPTCHA.