मानक में बदलाव : अब 21 दिन में नया कोरोना केस न आने पर हो जायेगा ग्रीन जोन

-यूपी के 19 जिले रेड जोन, 36 जिले ऑरेंज जोन और 20 जिले ग्रीन जोन में

लखनऊ। केंद्र सरकार ने रेड जोन से ग्रीन जोन में जिलों को रखने के मानक बदले हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव प्रीति सूदन की ओर से जारी पत्र के अनुसार अब 28 दिन की बजाय 21 दिन तक कोरोना वायरस से संक्रमित का नया केस नहीं आने पर  जिले को रेड जोन से ग्रीन जोन में कर दिया जाएगा। अभी तक 14 दिन तक नया केस नहीं आने पर जिले को रेड से आरेंज और फिर अगले 14 दिनों तक केस नहीं आने पर ग्रीन जोन जिलों में रखा जाता था।   

गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को लॉकडाउन की अवधि एक बार ओर बढ़ा दी है। 4 मई से लॉकडाउन का तीसरा चरण शुरू होगा और 17 मई तक चलेगा। इस बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने भी गाइडलाइन जारी कर दी है कि 3 मई के बाद कौन सा जिला कौन से जोन में शामिल होगा। प्रदेश के 19 जिले रेड जोन, 36 जिले ऑरेंज जोन और 20 जिले ग्रीन जोन में रखे गए हैं। 

रेड जोन के जिले: लखनऊ, रायबरेली, मेरठ, सहारनपुर, बिजनौर, अमरोहा, गौतमबुद्धनगर, कानपुर नगर, आगरा, फिरोजाबाद, मुरादाबाद, अलीगढ़, मुजफ्फरनगर, रामपुर, मथुरा, बरेली, बुलंदशहर, वाराणसी, संत कबीर नगर।

ऑरेंज जोनः आजमगढ़, मैनपुरी, गाजियाबाद, औरैया, सीतापुर, बहराइच, कन्नौज, श्रावस्ती, बांदा, जौनपुर, एटा, कासगंज, हापुड़, बदायूं, बागपत, बस्ती, शामली, सुल्तानपुर, प्रयागराज, जालौन, गोरखपुर, झांसी, हरदोई, कौशांबी, मिर्जापुर, इटावा, प्रतापगढ़, गाजीपुर, गोंडा, मऊ, भदोही, उन्नाव, पीलीभीत, बलरामपुर, अयोध्या।

ग्रीन जोनः महाराजगंज, शाहजहांपुर, अंबेडकर नगर ,बलिया,चंदौली, बाराबंकी, लखीमपुर खीरी, हाथरस, चित्रकूट, देवरिया, कुशीनगर, ललितपुर, महोबा, सिद्धार्थ नगर, सोनभद्र, अमेठी, फर्रुखाबाद, फतेहपुर, हमीरपुर, कानपुर देहात।

तीसरे चरण में क्या बंद

-हर जोन में स्कूल, कॉलेज बंद रहेंगे

-हवाई, सड़क, ट्रेन और मेट्रो सफर पर रोक

-साइकिल, रिक्शा, ऑटो रिक्शा पर रोक

-हर जोन में शाम सात बजे से सुबह सात बजे तक गैर जरूरी काम के लिए आने जाने पर रोक

-होटल और रेस्टोरेंट्स बंद रहेंगे

-सिनेमा हॉल, मॉल, जिम, स्पोर्ट्स क्लब बंद रहेंगे

-टैक्सी और कैब भी नहीं चलेगी

-सैलून, नाई की दुकान, स्पा बंद रहेंगे़

-सभी धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक कार्यक्रम बंद रहेंगे

-65 उम्र से ज्यादा वाले और 10 साल से कम उम्र वाले बच्चों को घर में रहने की हिदायत

-जोन में बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्यों के पास सख्ती करने का अधिकार