Tuesday , November 30 2021

2022 के चुनाव में शोषण करने वाली आउटसोर्सिंग व्‍यवस्‍था समाप्‍त करने का वादा करे भाजपा

-संयुक्‍त स्‍वास्‍थ्‍य आउटसोर्सिंग संविदा कर्मचारी संघ ने रक्षा मंत्री को सौंपा मांग पत्र

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। संयुक्त स्वास्थ्य आउटसोर्सिंग संविदा कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश ने केंद्रीय रक्षा मंत्री व लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह से मांग की है कि‍ प्रदेश के सरकारी विभागों में आउटसोर्सिंग व्यवस्था बंद किए जाने संबंधी मुद्दे को वर्ष 2022 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के घोषणा पत्र में शामिल किया जाए। कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष रितेश मल्ल और प्रदेश महामंत्री सच्चिता नंद मिश्र ने इस आशय का पत्र आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को उनके लखनऊ स्थित आवास पर सौंपा है।

पत्र में कहा गया है कि प्रदेश में चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण व चिकित्सा शिक्षा विभाग में विभिन्न पदों पर वर्षों से लगभग चार लाख आउटसोर्सिंग कर्मचारी कार्य कर रहे हैं, इसी प्रकार अन्य राजकीय विभागों में भी इनकी कुल संख्या लगभग 10 लाख के करीब है, इन पर प्रदेश के लाखों शिक्षित योग्य तथा अनुभवी कर्मचारी कार्यरत हैं। नेता द्वय ने कहा है कि प्रदेश में सरकारी नौकरियों की संख्या निरंतर कम होने के कारण प्रदेश के लाखों युवा आउटसोर्सिंग की नौकरी करने के लिए मजबूर हैं, वहीं राजकीय विभागों के अधिकारी भी इसकी नियुक्ति प्रक्रिया के सरल होने के कारण इसे बढ़ावा दे रहे हैं, हालांकि इसमें सरकार की उदासीनता की झलक भी मिलती है।

नेताओं ने कहा कि‍ आउटसोर्सिंग व्यवस्था के अंतर्गत कर्मचारियों को विभिन्न विभागों में सिर्फ 5000 रुपये प्रति माह से लेकर 15,000 रुपये प्रति माह तक ही वेतन दिया जा रहा है। स्टाफ नर्स, पैरामेडिकल कर्मचारियों को 15,000 प्रतिमाह तथा अन्य कर्मचारियों को 5 से 10000 रुपए वेतन मिल रहा है। यही नहीं इसके बाद समय से वेतन न मिलना, वेतन राशि का गबन, बार-बार नौकरी से निकाला जाना, नौकरी के नाम पर धन उगाही, ईपीएफ तथा ईएसआई में चोरी आदि की समस्या भी निरंतर बनी हुई है। इसलिए ऐसी भ्रष्ट व्यवस्था को प्रदेश के राजकीय विभागों में बंद किया जाना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि आज लाखों युवा इस व्यवस्था के कारण आक्रोशित हैं।

सचिव सच्चितानंद मिश्रा ने बताया कि रक्षा मंत्री से संविदा कर्मचारी संघ ने मांग की है कि चिकित्सा शिक्षा एवं चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत लाखों आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को जीवन विभागीय संविदा पर समायोजित करते हुए न्यूनतम वेतन 18000 रुपये प्रतिमाह तथा आउटसोर्सिंग नियमावली लागू की जाए। उन्होंने कहा है कि अगर वर्तमान में सरकार के स्तर पर यह कार्यवाही नहीं होती है तो भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश में वर्ष 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव में आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त किए जाने संबंधी मुद्दे को अपने घोषणा पत्र में शामिल करें। सचिव सच्चितानंद ने बताया कि मंत्री ने चिकित्सा शिक्षा एवं चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग से उचित कार्यवाही किए जाने का आश्वासन दिया।

उन्‍होंने बताया कि राजनाथ सिंह से मिलने वाले संविदा कर्मचारी संघ के प्रतिनिधि मंडल में प्रदेश अध्यक्ष रितेश मल्ल महामंत्री सच्चिता नन्द मिश्रा, डॉ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के अध्यक्ष रणजीत सिंह यादव, उपाध्यक्ष विकास तिवारी, केजीएमयू के महामंत्री सतीश चौहान तथा अमरदीप सिंह भी मौजूद रहे।