कई माह इलाज कराने के बाद भी जब नहीं हुआ फायदा तो कराई जांच
लखनऊ. क्या-क्या अजब-गजब शौक लोग पालते हैं. खाने-पीने के लिए यूँ तो हमारे भारत वर्ष में अनेक चीजें उपलब्ध हैं, लेकिन फिर भी शौक तो शौक है. कुछ ऐसे ही शौक के बारे में है यह खबर. मध्य प्रदेश के रीवा जिले के सोहावल निवासी एक युवक को लोहा निगलने का शौक भारी पड़ गया. जब उसकी तबीयत ख़राब हुई तो रीवा मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन के दौरान बड़ी मात्रा में कील और सिक्के के अलावा अन्य वस्तुएं उसके पेट से निकलीं.


मीडिया में चल ख़बरों के अनुसार मध्य प्रदेश के सतना जिले में एक युवक का इलाज डॉक्टर द्वारा किया जा रहा था. डॉक्टर उस युवक का इलाज टीबी समझ कर कर रहा था. बताया जाता है कि कई माह बीतने के बाद भी जब आराम नहीं मिला तो परिजनों ने उसे दूसरे डॉक्टर को दिखाने का फैसला किया.
इसके बाद युवक के पेट की सोनोग्राफी कराई गई तो डॉक्टर दंग रह गए. डॉक्टरों ने युवक के घरवालों को बताया कि उसके पेट में कीलें, सिक्के और जंजीर के टुकड़े हैं. जब परिजनों ने इस बात के बारे में युवक से पूछा तो उसने इस बात को कबूला कि वह कीलें, सिक्के और लोहे की अन्य चीजें निगलता था. इसके बाद इस युवक का ऑपरेशन किया गया. ऑपरेशन में सिक्कों के साथ ही उसके पेट से बोरा सिलने का सूजा भी डॉक्टरों ने निकाला. युवक के पेट से नुकीली कीलें, 2 हजार की कीमत के एक, दो, पाँच और दस के सिक्के निकले. फिलहाल इस युवक का रीवा मेडिकल कालेज में उपचार चल रहा है.
