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सेना से रिटायर्ड कर्नल संभालेंगे केजीएमयू की सुरक्षा व्यवस्था, एआई युक्त सीसीटीवी कैमरों से होगी निगरानी

-मातृ मृत्यु दर कम होने में केजीएमयू के योगदान की जानकारी दी कुलपति ने

-पत्रकार वार्ता में मरीजहित से जुड़ी अनेक सुविधाओं के बारे में दी जानकारी

सेहत टाइम्स

लखनऊ। केजीएमयू की कुलपति पद्मश्री प्रो सोनिया नित्यानंद ने कहा है कि ताजे आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश में मातृ मृत्यु दर 167 से घटकर 140 आ गयी है, इसमें नेशनल हेल्थ मिशन यूपी, यूपी टेक्निकल सपोर्ट यूनिट और केजीएमयू के संयुक्त प्रयासों से 2017 से किये जा रहे मिशन की बड़ी भूमिका है। ज्ञात हो केजीएमयू क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग, ऑब्स्टेट्रिक क्रिटिकल केयर और पॉइंट-ऑफ-केयर अल्ट्रासाउंड के माध्यम से डॉक्टरों को प्रशिक्षित कर रहा है, ताकि प्रसव के दौरान अचानक जटिलताओं को प्रबंधित किया जा सके।

केजीएमयू में 21 अप्रैल को आयोजित पत्रकार वार्ता में कुलपति ने बताया कि कार्डियोटोकोग्राफी (सीटीजी) का प्रशिक्षण केजीएमयू द्वारा मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों को, तथा उन डॉक्टरों द्वारा जिला अस्पताल के चिकित्सकों को दिया जा रहा है। इस जांच में प्रसव के समय बच्चे की हृदय की धड़कन की गति पर नजर रखने के लिए सीटीजी मशीन का उपयोग किया जाता है।

पत्रकार वार्ता में मौजूद प्रवक्ता डॉ केके सिंह, ट्रॉमा सेंटर के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ प्रेमराज, चिकित्सा अधीक्षक डॉ अमिय अग्रवाल, डॉ शान्तनु ने पिछले कुछ समय में केजीएमयू में किये जा रहे कार्यों, हासिल हुई उपलब्धियों के बारे में जानकारियां दीं। डॉ केके सिंह ने बताया कि केजीएमयू में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी करने के लिए चीफ सिक्योरिटी ऑफीसर की नियुक्ति की जायेगी, जिस पर आर्मी के कर्नल रैंक से रिटायर्ड अधिकारी की नियुक्ति की जायेगी। उन्हीं के सुपरविजन में पूरी सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। उन्होंने कहा कि एआई युक्त सीसीटीवी प्रोजेक्ट जो बना था, यह दो से तीन माह में प्रारम्भ हो जायेगा।

डॉ के के सिंह ने बताया कि पिछले करीब तीन माह में मरीजों को लाभ पहुंचाने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि पहले एचआरएफ के चार से छह आउटलेट थे जो अब 25 हो चुके हैं। इस बारे में डॉ शांतनु ने बताया कि लारी कार्डियोलॉजी में अगले माह तक एचआरएफ सेंटर खुल जायेगा, जिससे दवाओं की कीमत करीब-करीब 80 प्रतिशत कम हो जायेगी। उन्होंने बताया कि कम खर्च पर जांचों के लिए आईआरएफ सेंटर की स्थापना की जायेगी। डॉ शांतनु ने बताया कि ऑर्थोपैडिक विभाग में रोबोटिक सर्जरी अगले माह से शुरू होने की संभावना है। इसी प्रकार ट्रॉमा सेंटर में दो पोर्टेबल सीटी स्कैन मशीन, आर्ईसीयू में बेड की संख्या बढ़ाने, गंभीर हृदय रोगों में लेजर से एंजियोप्लास्टी की सुविधा के बारे में जानकारी दी। डॉ सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश में सरकारी क्षेत्र में यह पहली मशीन है।

अपने खिलाफ साजिश करने वालों पर एफआईआर दर्ज करायेंगे डॉ केके सिंह

डॉ केके सिंह ने बताया कि उनके खिलाफ विधायक के फर्जी लेटरपैड पर मुख्यमंत्री से शिकायत की गयी थी, इसकी सूचना स्वयं मेरठ की विधायक रमा निरंजन द्वारा दी गयी। विधायक ने इस बारे में मुख्यमंत्री को भी सूचित करते हुए फर्जी शिकायत करने के इस प्रकरण की जांच की मांग की है। डॉ सिंह ने कहा कि मेरे खिलाफ इस तरह की साजिश करने वालों के खिलाफ मैंने एफआईआर दर्ज कराने का निर्णय लिया है।

इस बारे में और जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि पिछले दिनों मुझे दो मामलों की जांच की जिम्मेदारी कुलपति द्वारा दी गयी थी, इसमें से एक कर्मचारियों आदि से संबंधित शिकायतों की जांच के लिए तथा दूसरी केजीएमयू की जमीन पर अवैध कब्जों को हटवाने की। उन्होंने बताया कि उनकी अध्यक्षता में गठित कमेटी ने जांच की और उसके आधार पर एक नर्स को नौकरी से निकालने का निर्णय लिया। डॉ सिंह ने कहा कि इसी प्रकार यहां की जमीनों पर अवैध कब्जों को खाली कराने की जिम्मेदारी का मैंने निर्वहन किया और कर रहा हूं, अबतक कुछ चीजें खाली हुईं, कुछ और खाली होने वाली हैं।

उन्होंने कहा कि इस सख्ती का नतीजा यह हुआ कि 27 अगस्त 2025 को दो शिकायतें हुईं, महिला विधायक मेरठ से रमा निरंजन की ओर से शिकायत हुईं। एक शिकायत राज्यपाल के यहां और दूसरी शिकायत मुख्यमंत्री के यहां हुईं, राज्यपाल के यहां जो शिकायत हुईं उस पर मुझसे जवाब मांगा गया, इनमें वही आरोप लगे थे जिनपर मैं हाईकोर्ट और बाद में सुप्रीम कोर्ट में मुकदमा जीत चुका हूं, यहां तक कि बाद में जो रिव्यू पिटीशन फाइल हुई उसमें भी मैं जीत चुका हूं। इसके बाद भी मैंने सभी कागजों को दिखाते हुए राज्यपाल के यहां से मुझे क्लीनचिट मिल गयी।

उन्होंने बताया कि दूसरी शिकायत जो मुख्यमंत्री के यहां की गयी थी, और जो पेपर में भी छपी थी, इस पर उन महिला विधायक की नजर पड़ी, महिला विधायक यहां पहले इलाज कराती थीं तो उन्होंने उन्हीं चिकित्सक को सूचना दी कि मैंने तो कोई शिकायत दर्ज नहीं करायी है, यह शिकायत फर्जी है। उन्होंने मुख्यमंत्री को इसकी सूचना देते हुए बताया कि किसी ने हमारे लैटर पैड का दुरुपयोग किया है, मैंने कोई शिकायत नहीं की है, साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री से इसकी जांच की भी मांग की है। डॉ केके सिंह ने कहा कि इस मामले में मैं अब व्यक्तिगत रूप से मुकदमा लिखाऊंगा।

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