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जब सारा विश्‍व औषधियों से अनजान था तब भी भारत में इलाज होता था आयुर्वेद से

युवा चिकित्‍सक स्‍वस्‍थ रहें और समाज को कुछ समय देकर स्‍वस्‍थ रखने में योगदान दें

एनएमओकॉन-.201819 का समापन

लखनऊ। आज दिनांक 09 दिसंबर 2018 को नेशनल मेडिकोज आर्गेनाइजेशन द्वारा आयोजित 40वें राष्ट्रीय अधिवेशन एनएमओकॉन-.2018-19 का समापन समारोह किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के अटल बिहारी वाजपेयी कन्वेंशन सेंटर में सम्पन्न हुआ। राष्ट्रीय अधिवेशन के दूसरे दिन का शुभारम्भ समारोह में उपस्थित अतिथिगणों ने दीप प्रज्‍ज्‍वलित कर किया। इस अवसर पर एनएमओकॉन-2018-19 के चेयरपर्सन डॉ संदीप तिवारी ने समारोह मे उपस्थित अतिथिगणों को एकल पुष्प एवं प्रतीकचिन्ह देकर सम्मानित किया।

 

इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विद्या भारती के राष्ट्रीय संरक्षक ब्रह्मदेव शर्मा ने समारोह में उपस्थित एनएमओ के सदस्यों, चिकित्सकों एवं छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आपातकाल समाप्त होने के बाद देश के विभिन्न राष्ट्रवादी संगठनों ने एकजुटता के साथ देश को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया था। उन्होंने कहा कि समाज को स्वस्थ रखने वाले चिकित्सकों को भी अपनी जीवनशैली को नियमित, संयमित एवं व्यवस्थित बनाए रखनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने चिकित्सकों को मरीजों के साथ खासतौर पर निर्धन मरीजों के प्रति संवेदना रखने का अनुरोध किया। इसके साथ ही उन्होंने देश में विभिन्न क्षेत्रों में पाए जाने वाली लगभग एक लाख जड़ी बूटियों पर शोध कर उनके द्वारा इलाज किए जाने का अनुरोध किया।

 

ब्रह्मदेव शर्मा ने कहा कि मौजूदा समय में 6 लाख 40 हजार गांव को चिकित्सा सेवा की आवश्यकता है। इसके साथ ही उन्होंने युवा चिकित्सकों से अनुरोध किया कि वह अपने जीवन का कुछ समय समाज को दें, जिससे एक स्वस्थ समाज के निर्माण किया जा सके। इस अवसर पर देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार के प्रति कुलपति डॉ चिन्मया पाण्डया ने अपने व्याख्यान में यज्ञ में बारे में जानकारी देते हुए बताया कि किस प्रकार से प्रकृति, वातावरण एवं पर्यावरण को संतुलित रखने में यज्ञ की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने यज्ञ को भगवान विष्णु का पर्याय बताते हुए कहा कि यज्ञ किए जाने से उसमें प्रयोग की जाने वाली लकड़ी, घी, अग्नि आदि से पर्यावरण एवं वातावरण शुद्ध होता है।

इस अवसर पर किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय, लखनऊ तथा देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार के बीच एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्‍टैन्डिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस एमओयू पर किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर एमएलबी भट्ट एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डॉ चिन्मया पाण्डया ने हस्ताक्षर किए। इस एमओयू के तहत दोनों संस्थानों ने 11 सूत्रीय कार्यो पर अपनी सहमति जताई। जिसके अंर्तगत दोनो संस्थान संयुक्त रूप से शोध कार्यो में एक-दूसरे की मदद से कार्य करेंगें। इसके साथ ही दोनों संस्थान आपस में सामंजस बैठाने के लिए संयुक्त रूप से सम्मेलन, संगोष्ठियों, रिसर्च कार्य, प्रशिक्षण व्याख्यान आदि का आयोजन करेंगे।

 

इस अवसर पर यूपीयूएमएस सैफई के कुलपति प्रोफेसर राजकुमार ने कहा कि जब सम्पूर्ण विश्व औषधियों के बारे में अंजान था उस समय भी भारत में आयुर्वेदिक पद्धति के द्वारा औषधियों के प्रयोग से बीमारियों का इलाज किया जाता था। इसके साथ ही उन्होंने निजी चिकित्सा विश्वविद्यालय एवं कॉलेज द्वारा कराई जा रही चिकित्सा शिक्षा पर सवाल उठाते हुए कहा कि इन मेडिकल कॉलेज के पास एमसीआई के गाइडलाइन के अनुरूप न ही फैकेल्टी उपलब्ध है और न ही संसाधन, जिससे भविष्य में तैयार होने वाले चिकित्सकों को लेकर वह आशंकित है।

 

इस अवसर पर समारोह में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिता में विजेताओं को प्रतीक चिन्ह एवं प्रमाणपत्र से सम्मानित किया गया। डिबेट प्रतियोगिता में अमित शर्मा ने प्रथम पुरस्कार जीता, तो वहीं केजीएमयू की अपूर्वा जायसवाल दूसरे स्थान में रहीं, तीसरे स्थान पर जीएमसी भावनगर के कुशल पाण्डेय रहे। इसी प्रकार से रंगोली प्रतियोगिता में शालिनी दिवाकर, प्रियंका अग्रवाल और शिवानी सिंह ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, दूसरे स्थान पर केजीएमयू की पायल पवार, आफरीन काजी एवं दर्शा रहीं। तीसरे स्थान पर केजीएमयू की आयुषी, अपूर्वा सिंह रहीं। पेंटिंग प्रतियोगिता में एम्स ऋषिकेश की कीर्ति को प्रथम पुरस्कार, द्वितीय पुरस्कार केजीएमयू के संजीव कुमार को तथा तीसरा पुरस्कार कानपुर की कीर्ति कुमारी को प्राप्त हुआ। स्केचिंग में प्रथम पुरस्कार झांसी की गरिमा वर्मा ने जीता तो एम्स ऋषिकेश की काशी ने दूसरा स्थान प्राप्त किया, एम्‍स ऋषिकेश की कीर्ति नारंग तीसरे स्थान पर रहीं। पोइट्री में कोटिवाल डेटंल कॉलेज एंड रिसर्च  सेटंर, मुरादाबाद को प्रथम स्थान मिला, दूसरे स्थान पर केजीएमयू की रेहाना अंसारी रहीं। तीसरे स्थान पर जम्मू की बीएमसी रहा। इसके साथ ही डेंटल एवं मेडिकल क्विज प्रतियोगिता में केजीएमयू की टीम पहले स्थान पर रही।

 

समारोह में एनएमओ के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रोफेसर विजेन्द्र, एनएमओ के राष्ट्रीय सचिव योगेन्द्र मलिक ने भी समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर कार्यक्रम के चैयरपर्सन डॉ संदीप तिवारी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत कर समारोह में शामिल अतिथिगण, चिकित्सक एवं छात्र-छात्राओं का आभार व्यक्त किया। समारोह में मुख्य रूप से एनएमओ अवध प्रान्त के अध्यक्ष डॉ एके त्रिपाठी, पूर्व कुलपति केजीएमयू एवं एम्स ऋषिकेश के निदेशक प्रो0 रविकांत, कार्यक्रम के आयोजन सचिव डॉ भूपेन्द्र सिंह, डीन पैरामेडिकल साइंसेज डॉ विनोद जैन मुख्य रूप से उपस्थित रहे।