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संक्रमण से लड़ने के लिए ग्रैनलोसाइट्स उपलब्‍ध कराने वाला एकमात्र सरकारी ब्‍लड बैंक पीजीआईसीएच नोएडा में

-कैंसर या किसी भी तरह के संक्रमण के रोगियों के लिए उपलब्‍ध है यह सुविधा

सेहत टाइम्‍स  

लखनऊ /नोएडा। धुआंधार तरीके से प्रगति कर रहा पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ चाइल्ड हेल्थ (PGICH), नोएडा का ब्‍लड बैंक अब पहला और एकमात्र सरकारी ब्‍लड बैंक बन गया है जो संक्रमण से लड़ने में सहायता करने वाला ग्रैनुलोसाइट्स प्रदान करता है, ग्रैनुलोसाइट्स का शरीर में ट्रांसफ्यूजन किया जाता है।

यह जानकारी देते हुए संस्‍थान के निदेशक डॉ अजय सिंह ने बताया कि संस्‍थान के ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग द्वारा *ग्रैन्यूलोसाइट्स ट्रांसफ्यूजन उत्पाद प्रदान किया जा रहा है। उन्‍होंने बताया कि संस्‍थान का ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग ग्रैनुलोसाइट्स प्रदान करने वाला पहला और एकमात्र सरकारी ब्लड बैंक है। उन्‍होंने बताया कि शरीर में न्यूट्रोफिल का मुख्य कार्य शरीर को संक्रमण से लड़ने में मदद करना है। कम न्यूट्रोफिल काउंट वाले  और सेप्सिस के रोगियों के लिए इस न्यूट्रोफिल / “ग्रैनुलोसाइट्स” का आधान (ट्रांसफ्यूजन) आवश्यक हैं। 

संस्थान के ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग के विशेषज्ञ डॉ सत्यम अरोड़ा के अनुसार यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा डोनर से “ग्रैनुलोसाइट्स” (मुख्य रूप से न्यूट्रोफिल) को एकत्र किया जाता है,*  और एक ऐसे रोगी को ट्रांसफ्यूज किया जाता है  जिसे बहुत कम न्यूट्रोफिल काउंट्स (0.5 x 109/L से कम) के साथ गंभीर बैक्टीरिया, यीस्ट या फंगल संक्रमण होता है। 

उन्‍होंने बताया कि सामान्य रक्तदाताओं द्वारा एफेरेसिस मशीन पर “ग्रैनुलोसाइट्स” को दान किया जा सकता है और ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विशेषज्ञ द्वारा   “ग्रैनुलोसाइट्स” डोनर की स्क्रीनिंग कर उसकी  “ग्रैनुलोसाइट्स” दान करनी की योग्यता को जांचा जाता है।

डॉ सत्‍यम अरोड़ा ने बताया कि अब तक पीजीआईसीएच, नोएडा में कैंसर से पीड़ित और गंभीर संक्रमण वाले बच्चों के लिए लगभग 10 “ग्रैनुलोसाइट्स” यूनिट का आधान किया जा चुका है।  इस आधान से सभी बच्चों को लाभ हुआ है और इस आधान से कोई विपरीत प्रतिक्रिया की सूचना नहीं मिली है।