-दो चिकित्सकों व एक कलाकार ने भी पद्म श्री पाकर बढ़ायी शान
-डॉ राजेन्द्र प्रसाद, डॉ केके ठकराल व डॉ अनिल रस्तोगी को पद्म श्री


सेहत टाइम्स
लखनऊ। 25 जनवरी का दिन लखनऊ के लिए बेहद अहम बन गया है। अंतरिक्ष में भारत का नाम रोशन करने वाले ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को Ax-4 मिशन के दौरान असाधारण साहस दिखाने के लिए अशोक चक्र से सम्मानित किया गया है, अशोक चक्र सर्वोच्च शांतिकालीन सैन्य सम्मान है। जबकि केजीएमयू के रेस्पाइरेटरी विभाग के अध्यक्ष रह चुके प्रो राजेन्द्र प्रसाद व टूडि़यागंज स्थित राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय के पूर्व प्रधानाचार्य व पूर्व निदेशक आयुर्वेदिक सेवाएं क्षार सूत्र शल्य चिकित्सा के विशेषज्ञ डॉ के के ठकराल को चिकित्सा के क्षेत्र में पद्म श्री सम्मान देने की घोषणा की गई है। इनके अलावा लखनऊ के रहने वाले देश के वरिष्ठ रंगकर्मी, शिक्षाविद व फिल्म अभिनेता डॉ अनिल रस्तोगी को कला क्षेत्र में योगदान के लिए पद्म श्री पुरस्कार दिये जाने की घोषणा की गयी है।
शुभांशु शुक्ला
39 साल के शुभांशु शुक्ला भारतीय वायुसेना के अधिकारी हैं, उन्हें 2019 में गगनयान मिशन के लिए चुना गया था। इसके बाद उन्होंने रूस के यूरी गागरिन कॉस्मोनॉट ट्रेनिंग सेंटर में कठोर प्रशिक्षण लिया। पिछले वर्ष 15 जुलाई 2025 को सुरक्षित वापसी के बाद वो अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय के रूप में इतिहास में दर्ज हो गए।
Ax-4 मिशन में भारत के साथ पोलैंड और हंगरी के अंतरिक्ष यात्री भी शामिल थे। अंतरिक्षयान ने 26 घंटे की यात्रा के बाद ISS से सफलतापूर्वक डॉकिंग की। इस मिशन से प्राप्त अनुभव और डेटा भारत के महत्वाकांक्षी गगनयान मिशन (2027) के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं।

प्रोफेसर राजेंद्र प्रसाद
प्रोफेसर राजेंद्र प्रसाद केजीएमयू में पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के प्रमुख के अलावा दिल्ली के पटेल चेस्ट इंस्टीट्यूट और सैफई मेडिकल कॉलेज के डायरेक्टर भी रह चुके है। मौजूदा समय में प्रो राजेन्द्र प्रसाद एरा मेडिकल कॉलेज के डायरेक्टर मेडिकल एजुकेशन और रेस्पिरेटरी मेडिसिन के प्रमुख हैं। उन्होंने कुल 12 किताबें लिखी हैं। इनमें से चार टीबी पर हैं। उन्हें वर्ष 2016 में डॉ. बीसी रॉय अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है।

डॉ अनिल रस्तोगी
डॉ. अनिल रस्तोगी देश के वरिष्ठ रंगकर्मी, फिल्म अभिनेता और शिक्षाविद् हैं। लखनऊ से जुड़ी उनकी पहचान केवल अभिनय तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने विज्ञान और कला दोनों क्षेत्रों में समान रूप से उल्लेखनीय योगदान दिया है। वे सीएसआईआर के प्रतिष्ठित संस्थान सीडीआरआई, लखनऊ में बायोकेमेस्ट्री विभाग के प्रमुख रह चुके हैं और एक वैज्ञानिक के रूप में भी लंबी सेवा दे चुके हैं।
कला के क्षेत्र की बात करें तो रंगमंच के क्षेत्र में डॉ. अनिल रस्तोगी का सफर बहुत व्यापक रहा है। अब तक वे 99 नाटकों के लगभग एक हजार मंचन कर चुके हैं। गंभीर सामाजिक विषयों से लेकर क्लासिक और समकालीन नाटकों तक, उनके अभिनय को गहराई और संवेदनशीलता के लिए जाना जाता है। रंगमंच के साथ-साथ उन्होंने सिनेमा और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी कार्य किया है।
डॉ अनिल के फिल्मी करियर की बात करें तो वे अब तक 75 से अधिक फिल्मों में भी अभिनय कर चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने 14 वेब सीरीज और विभिन्न टीवी धारावाहिकों में करीब 500 एपिसोड किए हैं। उनकी छवि एक सशक्त कैरेक्टर आर्टिस्ट के रूप में बनी है, जो हर भूमिका में विश्वसनीयता के साथ नजर आते हैं।

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