Tuesday , July 27 2021

एंटीबायोटिक्‍स के अंधाधुंध सेवन की आदत भी कोविड मरीजों की जान पर पड़ी भारी

-एंटीबायोटिक खाने वाले को ही नहीं, पर्यावरण के जरिये दूसरों को भी पहुंचता है नुकसान

-केजीएमयू के टेलीमेडिसिन विभाग ने कोविड पर आयोजित किया शैक्षिक वेबिनार

                   डॉ (कर्नल) राकेश वर्मा                           – डॉ संगीता शर्मा

 

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। अगर आप बिना अपने डॉक्‍टर की सलाह के अपने मन से एंटीबायटिक दवाओं का प्रयोग करते हैं, तो यह आपके और आप के साथ दूसरों के स्‍वास्‍थ्‍य के दृष्टिकोण से भी नुकसानदायक है, क्‍योंकि इन दवाओं का सेवन करने वाले व्‍यक्ति के मल-मूत्र जैसी गंदगी के साथ शरीर से बाहर निकलता है, जिससे आसपास रहने वाले दूसरे लोगों पर असर पड़ता है।

यह बात आज किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी द्वारा भारतीय सेना के आर्मी मेडिकल कोर के अनुभवी और प्रतिष्ठित चिकित्‍सक रह चुके एनएबीएच के प्रधान मूल्‍यांकनकर्ता व एयॉन मेड हेल्‍थ एंड हॉस्पिटल के सीईओ डॉ (कर्नल) राकेश वर्मा के सहयोग से टेलीमेडिसिन विभाग द्वारा आयोजित वेबि‍नार में नयी दिल्‍ली स्थित मानव व्‍यवहार और संबद्ध विज्ञान संस्थान न्यूरोसाइकोफार्मोकोलॉजी में प्रोफेसर डॉ संगीता शर्मा ने अपने व्‍याख्‍यान में कही।

यह जानकारी देते हुए केजीएमयू के कुलपति ले.क. डॉ बिपिन पुरी ने बताया कि केजीएमयू को उत्तर प्रदेश में कोविड संक्रमण की रोकथाम, उपचार और नियंत्रण के लिए क्षेत्रीय उत्कृष्टता केंद्र के रूप में मान्यता दी गई है। केजीएमयू ई सी एच ओ (ECHO) इंडिया और एम्स नई दिल्ली के सहयोग से शैक्षिक वेबि‍नार कोविड-19 की श्रृंखला आयोजित करेगा। इसी क्रम में आज के वेबिनार का आयोजन किया गया।

महामारी और उसके बाद की स्वास्थ्य सुविधाएं विषय पर आयोजित वेबिनार में डॉ संगीता शर्मा ने जोर देकर कहा कि एंटीबायोटिक विशिष्ट प्रकार की सामाजिक दवा है, क्योंकि इसका व्यक्तिगत उपयोग समुदाय और पर्यावरण में दूसरों को भी प्रभावित करता है। उन्होंने बताया कि कोविड-19 की चपेट में आने वाले लोगों में दवा प्रतिरोधी संक्रमण देखा गया जो बहुत से मामलों में उनकी मृत्यु का कारण बना।

उन्होंने कहा कि इसी प्रकार लोगों द्वारा बिना किसी सलाह के खुद फैसला लेकर फसलों और जानवरों के प्रजनन में भी एंटीबायोटिक दवाओं का दुरुपयोग या ज्यादा प्रयोग करते हैं, इसे रोकने की आवश्यकता है क्योंकि यह सभी चीजें पर्यावरण पर असर डालती हैं। ज्ञात हो डॉ संगीता दिल्ली सोसाइटी फॉर प्रमोशन ऑफ रेशनल यूज ऑफ ड्रग्स और स्टेट नोडल ऑफिसर फॉर एएमआर कंटेनमेंट, दिल्ली स्टेट की मानद अध्यक्ष भी हैं। आज के वेबिनार में केजीएमयू के फैकेल्टी मेंबर्स और रेजिडेंट डॉक्टरों ने भी हिस्सा लिया।

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