Saturday , October 16 2021

कोविड में टीम वर्क ने बदल दी उत्‍तर प्रदेश की छवि : जय प्रताप सिंह

-हेल्‍थ सिटी हॉस्पिटल की पांचवीं वर्षगांठ के समारोह में जुटे अनेक दिग्गज

-विभिन्‍न प्रकार के कार्यक्रमों के साथ ही अनूप जलोटा की गायिकी के साथ सजी शाम

जय प्रताप सिंह

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जय प्रताप सिंह ने कहा है कि किसी भी कार्य की सफलता में टीम वर्क की अहम भूमिका होती है, कोविड के समय में इस टीम वर्क ने उत्तर प्रदेश की छवि को भी बदला है। एक साथ कार्य को अंजाम देने का ही यह परिणाम है कि आज हम कोविड का बेहतर प्रबंधन कर पाये हैं। उन्‍होंने कहा कि अब भी राज्‍य की इतनी बड़ी जनसंख्‍या को कोविड वैक्‍सीनेशन में भी सभी विभागों के समन्‍वय से इसे संचालित किया जा रहा है और इसमें भी सफलता प्राप्‍त होगी।

जय प्रताप सिंह ने ये विचार यहां गोमती नगर स्थित होटल रेनासां में आयोजित हेल्‍थ सिटी हॉस्पिटल के पांचवें स्‍थापना दिवस समारोह के मौके पर मुख्‍य अतिथि के रूप में अपने सम्‍बोधन में व्‍यक्‍त किये। उन्‍होंने कहा कि कोविड से पहले प्रधानमंत्री, गृहमंत्री से लेकर सभी को यह फि‍क्र थी कि इस आपदा से उत्‍तर प्रदेश कैसे निपटेगा, सर्वाधिक जनसंख्‍या वाले राज्‍य के साथ ही यहां के बारे में लोगों के मन में छवि थी कि उत्‍तर प्रदेश में तो काम ही नहीं होता है। लेकिन मुख्‍यमंत्री के निर्देश के बाद न इस अवधि में न सिर्फ बीमारी, बल्कि कोविड को बाद हुए लॉकडाउन के चलते उत्‍पन्‍न हुई अन्‍य परिस्थितियों से एक साथ निपटने के लिए गठित टीम-11 की दिन-प्रतिदिन की मॉनीटरिंग और कई विभागों के एक साथ हर मोर्चे पर कार्य करने का नतीजा यह रहा कि आज हम कोविड प्रबंधन में पहले नम्‍बर पर हैं। इसके लिए विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन ने तारीफ भी की है, खुद प्रधानमंत्री ने अनेक बार मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ की प्रशंसा की है।

उन्‍होंने विभिन्‍न विधाओं वाले चिकित्‍सकों के एक साथ समन्‍वय से कार्य करते हुए हेल्‍थ सिटी हॉस्पिटल के संचालन की तारीफ करते हुए कहा कि इस अस्‍पताल में भी टीम वर्क से किये जा रहे कार्य का नतीजा है कि पांच साल के सफर में इसने यह मुकाम हासिल कर लिया। यहां किये जा रहे सोशल रिस्‍पॉन्सिबिलिटी के कार्य सराहनीय हैं। उन्‍होंने कहा कि इसी तरह से निजी अस्‍पताल जब समाज में अपना योगदान देते हैं तो निश्चित ही समाज की तस्‍वीर बदल जाती है।

डॉ महेन्‍द्र सिंह

हेल्‍थ सिटी हॉस्पिटल मेरे परिवार जैसा : डॉ महेन्‍द्र सिंह

कार्यक्रम के विशिष्‍ट अतिथि जल शक्ति मंत्री डॉ महेन्‍द्र सिंह ने इस अवसर पर अपने सम्‍बोधन में कहा कि हेल्‍थ सिटी हॉस्पिटल को मैं अपना परिवार मानता हूं। उन्‍होंने अपने चिरपरिचित अंदाज में मुंहजुबानी गणित के कैलकुलेशन से साथ अनेक आंकड़े प्रस्‍तुत करते हुए बताया कि आज का दिन बहुत ही महत्‍वपूर्ण है, जिस साल हेल्‍थ सिटी हॉस्पिटल की शुरुआत हुई थी उस साल भी इन तारीखों में वही दिवस थे जो इस साल हैं। उन्‍होंने चिकित्‍सकों और चिकित्‍सा कर्मियों के द्वारा कोविड काल में किये प्रदर्शन की सराहना करते हुए अन्‍य विभागों के योगदान की भी सराहना की।

स्‍लाइड शो के माध्‍यम से हेल्‍थ सिटी की सफलता के पांच वर्षों का सफर दिखाते डॉ संदीप कपूर

पांच वर्षों के अस्‍पताल के सफल सफर की गाथा सुनायी डॉ संदीप कपूर ने

इससे पूर्व अस्‍पताल के डाइरेक्‍टर डॉ संदीप कपूर ने बहुत ही सुन्‍दर तरीके से अस्‍पताल के पांच साल के सफर को स्‍लाइड शो के माध्‍यम से प्रदर्शित करते हुए टीम भावना से कार्य करने को अपनी सफलता का राज बताया। उन्‍होंने कहा कि हम सभी पार्टनर लम्‍बे समय से एक साथ मिलकर अलग-अलग स्‍थानों पर कार्य चुके हैं, इसके बाद ही हम लोगों ने तय किया था कि अब हम लोग सब मिलकर अपना खुद का एक हॉस्पिटल शुरू करें, और इस तरह से यह हॉस्पिटल तैयार हो गया। उन्‍होंने हॉस्पिटल के अपने अन्‍य निदेशकों डॉ वैभव खन्ना (प्लास्टिक सर्जन), डॉ सुनील बिसेन (न्यूरो सर्जन), डॉ हिमांशु कृष्णा (न्यूरो सर्जन), डॉ केबी जैन (लैप्रोस्कोपी सर्जन), डॉ राजेश अरोरा (यूरो सर्जन), डॉ एएम सिद्दीकी (ऑर्थोपैडिक सर्जन), डॉ प्रमेश अग्रवाल (एनेस्थेसियोलॉजिस्ट), डॉ सुबोध कुमार (एनेस्थेसियोलॉजिस्ट) के साथ ही अस्‍पताल के कर्मचारियों के योगदान की खुलकर सराहना की। उन्‍होंने कहा कि इस हॉस्पिटल में मरीजों के हित और सुविधा को पहले दिन से ध्यान में रख कर कार्य किया जा रहा है। अब शीघ्र ही एक ब्‍लड बैंक स्‍थापित करने की तैयारियां चल रही हैं।

डॉ वैभव खन्‍ना

‘स्‍माइल ट्रेन’ बच्‍चों को मुस्‍कान देने के साथ ही निभा रहा अपना सामाजिक दायित्‍व : डॉ वैभव खन्‍ना

इस मौके पर हेल्‍थ सिटी के डाइरेक्‍टर व विश्‍वस्‍तरीय संस्‍था स्‍माइल ट्रेन के प्रोजेक्‍ट डाइरेक्‍टर डॉ वैभव खन्‍ना ने अपने सम्‍बोधन में कहा कि आज स्‍माइल डे है। इस मौके पर स्‍माइल ट्रेन प्रोजेक्‍ट की ओर से टेनिस व कैरम प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। डॉ खन्‍ना ने स्‍माइल ट्रेन से अपने जुड़ाव के बारे में बताया कि किस तरह वह जन्‍मजात कटे होठ और तालू वाले लोगों का इलाज करते हैं, जगह कैम्‍प लगाकर बच्‍चों को चिन्हित करके लखनऊ बुलाकर दो दिन अस्‍पताल में भर्ती कर उनकी सर्जरी करके भेज देते हैं। उन्‍होंने बताया कि इस कार्य में हमें सरकार से लेकर निजी क्षेत्र के लोगों का बहुत सहयोग मिलता है। उन्‍होंने राष्‍ट्रीय बाल स्‍वास्‍थ्‍य कार्यक्रम (आरबीएसके) यूपी के सहयोग की तारीफ की। उन्‍होंने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है कि सरकार ने किसी मार्ग का नाम स्‍माइल ट्रेन प्रोजेक्‍ट के नाम से एडॉप्‍ट की हो। उन्‍होंने इसी तरह गोमती नगर स्थित मिठाईवाला चौराहे को भी स्‍माइल ट्रेन ने ऐडॉप्‍ट किया। आज हम लोग 20000 सर्जरी कर चुके हैं। उन्‍होंने इसके लिए पूरी स्‍माइल टीम के सदस्‍यों का नाम लेते हुए उनके कार्य की प्रशंसा की। 

शराब और सिगरेट हड्डी के लिए भी खतरनाक : डॉ संदीप कपूर

हेल्थसिटी हॉस्पिटल की वर्षगांठ के उपलक्ष्य पर एक सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। हेल्थसिटी हॉस्पिटल के निदेशक डॉ संदीप गर्ग ने बताया कि सतत चिकित्सा शिक्षा कार्यक्रम का विषय ‘मैनेजमेंट ऑफ क्रिटिकल इंजर्ड एंड प्रेजेंट कोविड सिनेरियो’ था। इस सीएमई में घुटना व जोड़ प्रत्यारोपण के विशेषज्ञ डॉ. संदीप कपूर ने बताया कि शराब और सिगरेट का अत्याधिक सेवन हड्डी के लिए खतरनाक है। कूल्हे के जोड़ (बॉल) में खून का संचार प्रभावित हो सकता है। हड्डी सूख सकती है। कम उम्र में कूल्हा प्रत्यारोपण कराना पड़ सकता है। उन्होंने कहा रोजाना पैदल चलें व कसरत करें। इससे हड्डी व मांसपेसियां मजबूत बनती हैं। उन्होंने बताया कि नशा करने वाले 30 से 40 प्रतिशत लोगों में हड्डी संबंधी बीमारी होने की आशंका बनी रहती है।

स्‍पॉन्डिलाइटिस अब कम उम्र में भी हावी हो रही : डॉ संदीप गर्ग

डॉ. संदीप गर्ग ने बताया कि स्पॉन्डिलाइटिस, गठिया समेत दूसरी बीमारी अब कम उम्र के लोगों को भी घेर रही है। इसकी बड़ी वजह बेढंगी जीवनशैली है। लोग मोबाइल और कम्प्यूटर पर बैठकर काम करते हैं। शारीरिक श्रम नहीं करते हैं। इससे भी कई तरह की बीमारियां घेर रही हैं।

ट्रिपल टी अपनाने के कारण यूपी ने किया अच्‍छा प्रदर्शन : डॉ सूर्यकान्‍त

आईएमए एएमएस के राष्‍ट्रीय उपाध्‍यक्ष डॉ सूर्यकांत ने कोविड पर नियंत्रण में सफलता पर अपने व्‍याख्‍यान में कहा कि जनसंख्‍या को देखते हुए दुनिया भर में अन्‍य देशों के मुकाबले भारत ने अच्‍छा कार्य किया। उन्‍होंने कहा कि इसी प्रकार अगर पूरे भारत की बात करें तो उत्‍तर प्रदेश का प्रदर्शन बहुत अच्‍छा रहा।

उन्‍होंने कहा कि इसके आंकड़ों पर गौर करें तो यूपी की जनसंख्‍या भारत की कुल जनसंख्‍या का 17 प्रतिशत है जबकि कोरोना से ग्रस्‍त लोगों में भारत के कुल मरीजों की संख्‍या का करीब 6 फीसदी रहा। इसी प्रकार कोविड से मृत्‍यु दर में देखें तो इसमें भारत की मृत्‍यु दर 1.46 रही जबकि यूपी की दर 1.28 प्रतिशत रही। डॉ सूर्यकांत ने बताया कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के आंकड़ों के अनुसार भारत में 736 ऐलोपैथिक डॉक्‍टरों की मृत्‍यु हुई जबकि उत्‍तर प्रदेश की बात करें तो यहां 41 चिकित्‍सकों की मौत हुई।

डॉ सूर्यकांत ने कहा कि उत्‍तर प्रदेश में कोविड पर अच्‍छे नियंत्रण के पीछे के प्रयासों की बात करें तो यहां ट्रिपल टी (टेस्टिंग, ट्रीटमेंट और ट्रेसिंग) का फॉर्मूला कारगर सिद्ध हुआ। उन्‍होंने कहा कि टेस्टिंग यानी कोविड जांच की बात करें तो उत्‍तर प्रदेश में मार्च में पहली बार केजीएमयू में इसकी जांच की सुविधा शुरू हुई और 60 प्रतिदिन टेस्‍ट होते थे, साथ ही इसकी भी फाइनल रिपोर्ट पुणे की वायरोलॉजी लैब से आती थी। लेकिन इसके बाद जुलाई में केजीएमयू में यह बढ़कर 6000 टेस्‍ट प्रतिदिन हो गयी जबकि यूपी में 1.75 लाख प्रतिदिन टेस्‍ट होने लगे।

अनूप जलोटा

उन्‍होंने बताया कि इसी प्रकार दूसरे टी से ट्रीटमेंट में आईवरमेक्टिन दवा की बहुत अहम भूमिका रही, यह आईवरमेक्टिन दवा को कोविड-19 में दिये जाने को लेकर डॉ सूर्यकांत की अगुवाई में जुलाई में 18 विशेषज्ञों ने एक श्‍वेत पत्र जारी किया, जिसमें आईवरमेक्टिन खाने की सलाह दी गयी। उन्‍होंने कहा इस सलाह पर प्रदेश सरकार ने विशेष रुचि ली, जिसका नतीजा यह हुआ कि 6 अगस्‍त, 2020 को शासनादेश जारी हो गया। उनका कहना था कि मेरा मानना है कि यूपी में जो मृत्‍युदर कम हुई है इसमें आईवरमेक्टिन की भूमिका अहम रही।

डॉ सूर्यकांत ने बताया कि इसी प्रकार तीसरे टी से ट्रेसिंग का कार्य प्रभावी ढंग से लागू करना रहा। उन्‍होंने कहा कि सरकार ने केसेस को ट्रेसिंग करते हुए जो मरीज के घर के क्षेत्र को कंटेन्‍मेंट जोन बनाने की नीति अपनायी इससे कोविड के प्रसार में रोक लग सकी।

संजय गाँधी पीजीआई के प्रो अफजल अजीम ने ‘मैनेजमेंट ऑफ क्रिटिकल इंजर्ड पेशेंट्स इन आईसीयू’ विषयक व्याख्यान दिया। वहीँ डॉ केपी चंद्रा ने कोविड टीकाकरण पर व्याख्यान दिया। वहीँ स्माइल ट्रेन द्वारा किये गए कार्यों को डॉ वैभव खन्ना ने प्रतिभागियों के सम्मुख रखा। हेल्थसिटी में स्माइल ट्रेन संस्था द्वारा बच्चो में कटे होठ-तालू का मुफ्त ऑपरेशन किया जाता हैं।

कार्यक्रम में गेस्ट ऑफ ऑनर कुलपति अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय प्रो एके सिंह और डिस्टिंगुइश गेस्ट संजय गांधी पीजीआई के डॉ अमित अग्रवाल, चिकित्‍सा, स्‍वास्‍थ्‍य महानिदेशक डॉ डीएस नेगी, अस्‍पताल के अधीक्षक डॉ केके सिंह संजय गाँधी पीजीआई थे।

कार्यक्रम में हेल्थसिटी के डॉ वैभव खन्ना (प्लास्टिक सर्जन), डॉ सुनील बिसेन (न्यूरो सर्जन), डॉ हिमांशु कृष्णा (न्यूरो सर्जन), डॉ केबी जैन (लैप्रोस्कोपी सर्जन), डॉ राजेश अरोरा (यूरो सर्जन), डॉ एएम सिद्दीकी (ऑर्थोपैडिक सर्जन), डॉ प्रमेश अग्रवाल (एनेस्थेसियोलॉजिस्ट), डॉ सुबोध कुमार (एनेस्थेसियोलॉजिस्ट) शामिल रहे। कार्यक्रम में अनूप जलोटा ने अपनी गायिकी से लोगों को झूमने पर मजबूर किया। करीब एक घंटे के कार्यक्रम में अपने चिरपरिचित अंदाज में उन्‍होंने भजन और गीत सुनाकर लोगों का दिल जीत लिया।

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